दंतेवाड़ा 27/08/2024// लक्ष्मी निवास मित्तल की कंपनी आर्सल मित्तल की 300 एकड़ भूमि पर नक्सलियों ने अपना झंडा गाढ़ दिया है साथी ही चेतावनी भी दी है कि इस जमीन की खरीद फरोकत में जितने भी दलाल संलग्न थे उन्हें चुन चुन कर मौत की सजा जन अदालत में सुनाई जाएगी मामला जमीन से जुड़े दलालों और कंपनी के अधिकारियों के बीच हुई मिली भगत से ग्रामीणों की जमीन को खरीद कर और आर्सल मित्तल ने अपने नाम पर कर ली है |

भूमि क्रय करने के बादआर्सल मित्तल कंपनी के अधिकारियों ने भूमि सीमांकन को लेकर पत्र लगाया है पत्र के लगते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई हे माओवादियों ने इस मामले में हुए घपले बाजी को लेकर अपना लाल रंग का बड़ा सा बैनर उसे जमीन पर गाढ़ कर चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जो भी लोग संलिप्त हैं उन्हें मौत की सजा दी जाएगी लाल रंग के बैनर के लगते ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल है ऑफ द रिकॉर्ड सभी को पता है लेकिन बैनर की चेतावनी से डरे कोई मुंह खोलने नहीं चाह रहा है
आर्सल मित्तल कंपनी का आयरन ओर को पाइप जरिये पानी के माध्यम से विशाखापट्टनम भेजने का प्लांट दंतेवाड़ा जिले में स्थापित है पहले यह प्लान एस आर इंडिया लिमिटेड का था उसे लक्ष्मी निवास मित्तल ने खरीद लिया है एस आर इंडिया लिमिटेड को भी नक्सलियों के द्वारा दी जाने वाली धमकियों से परेशान होकर इस अति आधुनिक प्लांट को बंद कर लक्ष्मी निवास मित्तल को बेच दिया है मित्तल ने इस प्लांट को शुरू किया तो दिव्य दूत ने इस खबर की प्राथमिकता से उठा की आर्सल मित्तल कंपनी ने आयरन ओर वेस्ट को किसानों के खेत में फेंक दिया है जिससे उनकी खड़ी फसल नष्ट हो रही है इसको लेकर हुएजन आंदोलन से बचने के लिए आर्सल मित्तल कंपनी ने दलालों के साथ मिलकर 300 एकड़ भूमि का एक पेंच फूलपाड़ गांव में खरीद लिया है जमीन की खरीदी को लेकर जैसे ही यह खबर ग्रामीणों द्वारा नक्सलियों को दी गई उन्हें पर एक बड़ा सा लाल रंग का बैनर लगा दिया है और चेतावनी जारी कर दी \
सैलरी पाइपलाइन से जो आयरन विशाखापट्टनम जा रहा है उसे पर भी संकट के बदले फिर घिर आए हैं जानकार सूत्रों का कहना है कि मित्तल कंपनी बैनर को लेकर काफी परेशान है .कंपनी के अधिकारी इसलिए परेशान है कि उनकी मिली भगत से इस जमीन को खरीदने में काफी हेरा फेरी कीगई है हेरा फेरी के उजागर होने के कारण कंपनी के अधिकारी भी संदेह गहरे में आ गए है देखने वाली बात यह है कि इस कंपनी को लक्ष्मी निवास मित्तल के पुत्र सीधे देख रहे हैं यह विदेश से आने के बाद का भारत में उनका पहला प्लांट है जिसे उन्होंने बैंक की नीलामी में बोली लगाकर खरीदा था प्लांट के साथ विशाखापट्टनम में पेलिट बनने का कारखाना भी संलग्न है इसी कारखाना में सैलरी पाइप से आये ओर से पेलिट बनाने का काम आजकल मित्तल एंड कंपनी कर रही हे जिस पर फिलहाल संकट के बादल छा गए हैं




Copyright @ 2020 All Right Reserved | Powred by Divyadoot
Comments