Indya की स्पेलिंग अपने आप में इवेंट से कम नहीं है
रायपुर// कंसोल इंडिया जो कि पुरानी बीजेपी सरकार का निजी उपक्रम था पर पिछले सप्ताह पड़े जीएसटी के छापे में जो दस्तावेज, कंप्यूटर हार्ड डिक्स और मोबाइल जप्त किए उनमें एक और कंपनी का खुलासा हुआ है जो इवेंट मैनेजमेंट, एसएमएस सर्विसेज, के अलावा इस कंपनी ने सरकारी योजनाओं को गांव गली मोहल्ले तक पहुंचाने की जिम्मेदारी ले रखी थी उसने भी करोड़ों रुपए का सर्विस टैक्स बिना पटाए कई वर्षों तक काम कर रही थी जीएसटी के स्थानीय कार्यालय को लगातार सूचनाएं मिल रही थी की कंसोल इंडिया की एक और कंपनी है जो सरकारी और बीजेपी के संगठन,, पार्टी और उनके कार्यक्रमों को लेकर लगातार सर्विसेज उपलब्ध करा रही है और मोटा पैसा वसूल रही है लेकिन सरकार को यह सरकार के हिस्से में आए टैक्स को नहीं पटा रही है क्योंकि हाई प्रोफाइल कंपनी होने के कारण अधिकारी सीधे हाथ नहीं डालना चाहते थे वह आई सूचनाओं के आधार पर धीरे धीरे उन दस्तावेजों को इकट्ठा कर रहे थे जिन को आधार मानते हुए कंपनी पर दबिश दी जाए वैसे तो उनके पास दस्तावेज काफी मात्रा में एकत्र हो गए थे पर फिर भी एक एक दस्तावेज की स्कूटनी करने में काफी समय लगा और जब पता चला की जीएसटी का लंबा-चौड़ा हिसाब किताब इन कंपनियों के द्वारा दवा रखा है तो उन्होंने अमृत संदेश कार्यालय ,अंबुजा माल कार्यालय और राजस्थान के एक तथाकथित पते पर भी छापामारी की रांची में भी इनका एक कार्यालय है ऐसा दस्तावेजों में इंगित है
कंपनी सर्विस व्यापार कुछ इस तरह से है
<!--[if !supportLists]-->·
<!--[endif]-->Sms Services,
, Event
Management Services Advertisement
Management System Services
<!--[if !supportLists]-->·
<!--[endif]-->Stock
<!--[if !supportLists]-->·
<!--[endif]-->Website
Development Services
<!--[if !supportLists]-->·
<!--[endif]-->Software
Development Services
<!--[if !supportLists]-->·
<!--[endif]-->Pioneers in the industry, we offer Sms
Services, Website Development Services, Event Management Services, Software
Development Services, Advertisement Management System Services and Library
Management System Services from India.
इस कंपनी ने सरकारी और राजनीतिक पार्टियों के लिए यह तमाम सर्विसेस
उपलब्ध कराएं नियमानुसार सर्विस टैक्स देने की जिम्मेदारी कंपनी की बन जाती थी
लेकिन हाई प्रोफाइल कंपनी होने के कारण उन्होंने इसका भरपूर फायदा लिया और करोड़ों
रुपए का टैक्स दवा लिया अब स्कूटनी हो रही है और लगातार ऐसे दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं जिनमें सर्विस तू बसूला गया पर टैक्स नहीं दिया गया को लेकर अधिकारी सतर्क और सचेत हैं सूत्रों के अनुसार यह मामला 20 से 22 करोड़ के बीच में
जाने की उम्मीद जताई जा रही




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