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कलिंगा विश्वविद्यालय ने अपने परिसर में पांचवें उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) का उद्घाटन किया

AVINASH CHOUBEY 08-06-2024 19:31:08


रायपुर,08/06/2024/// भारत – कलिंगा विश्वविद्यालय को अपने पांचवें उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) के उद्घाटन की घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है। यह उत्कृष्टता केन्द्र सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के विकास के लिए समर्पित है। यह महत्वपूर्ण आयोजन इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करके क्षेत्र में एमएसएमई को बढ़ावा देने और विकसित करने में एक प्रमुख मील का पत्थर है।

उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना IamSMEofIndia के सक्रिय समर्थन और मार्गदर्शन से की गई है, जो देश में एमएसएमई क्षेत्र की वृद्धि और विकास के लिए काम करने वाला एक प्रमुख निजी संगठन है - जिसका उद्देश्य एमएसएमई के बीच नवाचार, उद्यमशीलता और कौशल विकास को बढ़ावा देना, छोटे और मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाने के लिए आवश्यक समर्थन, संसाधन और वकालत प्रदान करना है।

यह केंद्र अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है, जिसमें उन्नत प्रयोगशालाएं, अनुसंधान केंद्र और इनक्यूबेशन स्थान शामिल हैं, जो सभी नए विचारों को बढ़ावा देने और छोटे व्यवसायों के विकास में तेजी लाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. संदीप गांधी ने उपस्थित लोगों का स्वागत किया और विश्वविद्यालय के दृष्टिकोण और एमएसएमई को उत्कृष्टता केंद्र से मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया। अपना उत्साह व्यक्त करते हुए डॉ. गाँधी ने कहा, "कलिंगा विश्वविद्यालय में इस उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना में IamSMEofIndia के साथ सहयोग करने पर हमें गर्व है।" इस पहल से न केवल हमारे छात्रों और संकाय को लाभ होगा, बल्कि अत्याधुनिक संसाधनों और विशेषज्ञता के साथ एमएसएमई को सशक्त बनाकर स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।"

उद्घाटन समारोह में IamSMEofIndia के अध्यक्ष श्री राजीव चावला, यूएन जीसीएनआई के कार्यकारी निदेशक श्री रत्नेश झा, यूएन जीसीएनआई में सहायक प्रबंधक श्री आर्य देव, एएनएम स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट एंड कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड की संस्थापक निदेशक सुश्री मंजूषा सी परियल, अमोघ फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक इंजीनियर पीके निमोनकर और इनक्यूबेशन के सीईओ श्री अग्रांशु द्विवेदी सहित कई प्रतिष्ठित व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने मुख्य भाषण में, श्री राजीव चावला ने भारत के आर्थिक परिदृश्य में एमएसएमई की महत्वपूर्ण भूमिका और नवाचार एवं सतत विकास को बढ़ावा देने में ऐसे केंद्रों के महत्व पर प्रकाश डाला। "कलिंगा विश्वविद्यालय में इस उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।" श्री चावला ने कहा, "उन्नत प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और मार्गदर्शन तक पहुंच प्रदान करके हम एमएसएमई को अधिक प्रतिस्पर्धी और लचीला बनने में सक्षम बना सकते हैं।"

कार्यक्रम के दौरान प्रतिष्ठित वक्ताओं ने विषयगत भाषण प्रस्तुत किए। श्री रत्नेश झा ने एमएसएमई के लिए यूएन जीसीएनआई की शासन व्यवस्था और व्यवसाय अखंडता पहलों का अवलोकन प्रस्तुत किया। श्री आर्य देव ने शासन और व्यावसायिक अखंडता पर विस्तार से चर्चा की। सुश्री मंजूषा सी. पारियल ने भारतीय एमएसएमई के लिए जोखिम मानचित्रण और मूल्यांकन पर अंतर्दृष्टि साझा की, तथा सर्वोत्तम प्रथाओं और सफलता की कहानियों पर प्रकाश डाला। इंजीनियर पी.के. निमोनकर ने अनुपालन चुनौतियों से निपटने और एमएसएमई को सशक्त बनाने पर चर्चा की, और श्री अग्रांशु द्विवेदी ने नैतिक व्यावसायिक प्रथाओं को बढ़ावा देने पर बात की। कलिंगा विश्वविद्यालय में कैरियर और कॉर्पोरेट संसाधन केंद्र (सीसीआरसी) के निदेशक श्री पंकज तिवारी ने सीसीआरसी के दायरे और संभावनाओं पर प्रस्तुति दी।

इस आयोजन में तत्काल रुचि देखी गई, मौके पर ही दस सदस्यों की सदस्यता की पुष्टि की गई तथा कई अन्य लोगों ने केंद्र की सेवाओं के लिए पंजीकरण कराने की इच्छा व्यक्त की। श्री राजीव चावला ने घोषणा की कि पंजीकृत एमएसएमई सदस्यों को कभी-कभी जर्मनी और अन्य देशों की प्रायोजित विदेश यात्राएं मिलती हैं, जो इस पहल के लाभों को रेखांकित करता है।

कलिंगा विश्वविद्यालय में उत्कृष्टता केन्द्र (सीओई) विभिन्न क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित करेगा, जिसमें व्यावसायिक अखंडता, नए जोखिम और अनुपालन, डिजिटल परिवर्तन, टिकाऊ प्रथाएं और बाजार विस्तार रणनीतियां शामिल हैं। इसका उद्देश्य शिक्षा जगत और उद्योग के बीच सहयोग को सुविधाजनक बनाना तथा एक ऐसे पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना है जहां पारस्परिक वृद्धि और विकास के लिए ज्ञान और विशेषज्ञता को साझा किया जा सके।

यह नया सीओई छत्तीसगढ़ भर में एमएसएमई की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि वे भारत की आर्थिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण घटक बने रहें। इस पहल के साथ, कलिंगा विश्वविद्यालय एमएसएमई नवाचार और उत्कृष्टता का केंद्र बनने के लिए तैयार है, जो क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा। विश्वविद्यालय में पहले से ही चार कार्यात्मक उत्कृष्टता केंद्र हैं, जो बॉश, भारत ड्रोन सिस्टम्स गोदावरी, इलेक्ट्रिक और टेक्नोविज ऑटोमेशन जैसे अग्रणी उद्योगों द्वारा प्रायोजित हैं।

इस कार्यक्रम में कलिंगा विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे जिनमें श्री मनीष सिसोदिया, श्री अरूप हलदर, सुश्री जयश्री वर्मा, श्री अभिजीत शर्मा और श्री शेख अब्दुल कादिर शामिल थे। समारोह का संचालन छात्र कल्याण की प्रभारी डीन लेफ्टिनेंट विभा चंद्राकर ने कुशलतापूर्वक किया और 

 

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