नरेन्द्र कुमार वर्मा ,
नई दिल्ली 08/06/2024/// चंडीगढ़ एयर पोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ की महिला कांस्टेबल की कृत्य का सारे देश में चर्चा हो रही है। विशेषज्ञों का कहना हैं कि इस तरह तो कोई भी यात्री सुरक्षित सफर नहीं कर सकता। सारा मामला अभिनेत्री कंगना रनौत से जुड़ा है। मंडी से भारतीय जनता पार्टी की नवनिर्वाचित सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत चंड़ीगढ़ एयर पोर्ट से दिल्ली आ रहीं थीं। सुरक्षा चेकिंग के समय सीआईएसएफ की महिला कांस्टेबल ने अचानक उन पर हमला कर दिया। कंगना रनौत को इस अप्रत्याशित हमले की रत्तीभर भी उम्मीद नहीं थी। सीआईएसएफ की कांस्टेबल कुलविंदर कौर ने कंगना को थप्पड़ मारा और उन्हें भद्दीभद्दी गालियां दी। कुलविंदर कौर का यह कृत्य देखकर एयरपोर्ट पर तैनात अन्य सीआईएसएफ अधिकारी और जवान हतप्रभ थे।
कंगना रनौत पर जिस तरह से हमला किया गया वह एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला हैं। देशभर में हवाई अड्डों पर यात्रियों की चेकिंग और सुरक्षा का जिम्मा गृहमंत्रालय ने सीआईएसएफ को सौंप रखा है। सीआईएसएफ कर्मी देशी और विदेशी फ्लाईट्स से जाने वाले यात्रियों की चेकिंग करते हैं। अधिकांश यात्री नहीं जानते कि किस सुरक्षाकर्मी के मन में क्या चल रहा है और कौन किस यात्री को पहचानता है या उसके खिलाफ आक्रोशित रहता है। कंगना रनौत एक जाना माना चेहरा है जो अक्सर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपने बेबाक विचार रखतीं हैं। यह जरूरी नहीं कि किसी के विचारों से हर कोई सहमत हो। बहुत से लोगों की असहमति भी ऐसे लोगों के विचारों के साथ होती है। मगर किसी के प्रति असहमति रखने का अर्थ यह नहीं कि आप उसके ऊपर हमला कर दें।
कुलविंदर कौर का गुस्सा कंगना रनौत के प्रति साल 2023 से पनप रहा था। उनकी माताजी किसान आंदोलन के समर्थन में किसानों के धरने पर बैठीं थीं। जिस पर कंगना रनौत ने कहा था कि किसान आंदोलन के समर्थन में बैठी हुई महिलाएं 100 रुपये लेकर धरने पर बैठतीं हैं। हालांकि कंगना के इस बयान का सोशल मीडिया जगत में काफी विरोध हुआ था। जिसके बाद उन्होंने अपना बयान हटा लिया था। मगर कुलविंदर कौर के मन में कंगना के प्रति जबरदस्त गुस्सा भरा हुआ था। जिसकी परिणीति में उन्होंने कंगना पर हमला कर दिया। सीआईएसएफ कर्मी कुलविंदर कौर का यह व्यवहार बहुत ज्यादा चिंता का विषय है। अगर चेकिंग के दौरान उनके पास पिस्तौल होती तो क्या वह गोली चला देंती। इस तरह तो बहुत से सीआईएसएफ कर्मी किसी भी विशेष व्यक्ति के ऊपर हमला कर सकते हैं। चिंता का विषय यह हैं कि सीआईएसएफ कर्मी अगर किसी के विचारों से सहमत नहीं है तो क्या उस व्यक्ति को हवाई यात्रा करते समय अपनी भड़ास इस तरह निकालेंगे। हालांकि सीआईएसएफ के शीर्ष अधिकारियों ने कुलविंदर कौर को निलंबित कर सारे प्रकरण की जांच का आदेश दिया है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना हैं कि सीआईएसएफ देशभर के सरकारी प्रतिष्ठान और हवाई अड्डों की सुरक्षा का कार्य देखती हैं। भारतीय संसद की सुरक्षा और चेकिंग की जिम्मेदारी भी अब सीआईएसएफ को सौंप दी गई है। संसद में पक्ष-और प्रतिपक्ष के ऐसे अनेक राजनेताओं का आना-जाना होता है। जिनके विचारों से हर कोई सहमत नहीं होता। ऐसी स्थिति में किसी भी राजनेता के साथ कोई भी सीआईएसएफ कर्मी दुर्व्यवहार कर सकता है। सिक्युरिटी चेकिंग से राजनेताओं को भी गुजरना पड़ता है। आम-आदमी की तरह सीआईएसएफ कर्मी उनकी भी पूरे मानदंड के साथ चेकिंग करते हैं। हवाई यात्रा करने वाले लोगों की एक-एक करते चेकिंग होती है। जबकि सार्वजनिक स्थानों पर राजनेताओं या अन्य प्रसिध्द लोगों के साथ उनके व्यक्तिगत स्टाफ के सदस्य भी होते है जो किसी भी अनहोनी को रोक सकते है। कंगना के साथ चंडीगढ़ एयर पोर्ट पर उनकी टीम के सदस्य थे मगर चेकिंग के दौरान सब उनसे दूर थे। लिहाजा कुलविंदर कौर अपने प्रयास में सफल हो गई। कुलविंदर कौर के कृत्य से समूचा सीआईएसएफ प्रशासन सकते में है। अधिकारियों का कहना हैं कि इस तरह के व्यवहार सीआईएसएफ के कामकाज पर धब्बा लगता है




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