रायपुर // कंसोल इंडिया का जन्म बीजेपी शासन में हुआ कंसोल इंडिया को चलाने वाले संचालक जो पेशे से इंजीनियर थे इंजीनियरिंग में फेल होने के बाद उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह की मूक सहमति से कंसोल इंडिया को जन्म दिया गया इस संस्था का दफ्तर अमृत संदेश कांप्लेक्स में हुआ करता था कंसोल इंडिया ने वह तमाम ठेके हासिल कर लिए जिनमें छत्तीसगढ़ शासन के प्रचार प्रसार की नीतियों से लेकर इवेंट्स के बड़े-बड़े कामों भी हासिल कर लिए इस सफलता के पीछे मुख्यमंत्री के बेटे अभिषेक सिंह का आशीर्वाद था जनसंपर्क विभाग सीधे जनसंपर्क मंत्री डॉ रमन सिंह के अंडर में आता था किसी की हिम्मत नहीं होती थी की कंसोल इंडिया के किसी भी प्रपोजल को जरा सा भी कॉमेंट्स कर सके कंसोल इंडिया जो भी प्रपोजल देती थी अधिकारियों से आंख बंद करके स्वीकृति देते थे यह सिलसिला 2007 से 2018 तक चला इस खेल में कंसोल इंडिया ने जीएसटी से लेकर तमाम तरह के टैक्सों में भी हेरा फेरी की हाल ही में कंसोल इंडिया 40, 00, 000 रुपए का जीएसटी और इनकम टैक्स भरा इसको लेकर पिछले सप्ताह संयुक्त टीम ने ऑल इंडिया के दफ्तरों में छापा मारकर दस्तावेज कंप्यूटरों की हार्ड डिक्स को जप्त किया है अब देखने वाली बात यह है कि इस भ्रष्टाचार के कॉरपोरेटिव कंपनी में पिछली सरकार के द्वारा किए गए अनैतिक कामों का कितना बेवरा निकल कर आता है|
कंसोल इंडिया पैदा होते ही साथ बहुत तेजी से आगे बढ़ी और उसने जनसंपर्क विभाग में अपना पूरा प्रभुत्व जमा लिया चुकी भाजपा नेताओं के भरोसे चल रही इस कंपनी में मध्यप्रदेश में भी घुसपैठ बना ली थी वहां के भी काम हासिल कर लिए थे इसमें सबसे महत्वपूर्ण बातें यह थी की जैसे ही चुनाव की घोषणा होती थी भाजपा पार्टी अपने प्रचार-प्रसार के लिए कंसोल इंडिया को अनलिमिटेड फंड उपलब्ध करा देती थी कंसोल इंडिया तमाम न्यूज़ चैनलों को अखबारों को मैगजीनओं को अपने दफ्तर में बुलाकर डील करती थी और जिसकी जितनी औकात होती थी उसे वह उतना फंड उपलब्ध करा देती थी जिसका कोई हिसाब किताब नहीं होता था सारी फंडिंग केस में होती थी जबकि केस के नियमों के तहत 20000 से ऊपर के भुगतान को चेक द्वारा या बैंकों के द्वारा ही किया जा सकता था लेकिन ऐसा नहीं होता था कंसोल इंडिया करोड़ों रुपए कैश में भुगतान कर रही थी यह सब सरकार की आंख के नीचे हो रहा था क्योंकि सरकार का आशीर्वाद प्राप्त था इसीलिए किसी की हिम्मत नहीं होती थी|
इंडिया का मालिक कौन है यह तमाम मीडिया के लोग अच्छे से जानते थे लेकिन पैसों के लालच के चक्कर में कभी किसी ने कंसोल इंडिया की मनमानी पर रोक लगाने के लिए किसी भी तरह की खबरों को सुर्खियों में नहीं बनाया कारण साफ था सब पेट कंसोल इंडिया के बैंक अकाउंट से जुड़ा था|
सरकार चली गई कंसोल इंडिया का सुपर दफ्तर जो अंबुजा माल में था अचानक बंद कर दिया जाए और तमाम संचालक कर्ता-धर्ता अंडर ग्राउंड हो गए अभी हाल ही में जीएसटी वालों ने छापा डालकर काफी सामग्रियां और दस्तावेज इकट्ठे किए अब देखने वाली बात है कि इसमें क्या निकल कर आता है




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