छत्तीसगढ़ कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने कहां है
कि संविदा में नियुक्त अधिकारी को क्या यह अधिकार है कि वह अपने मातहत कर्मियों को संविदा में नियुक्ति कर सके
यह एक सवाल है उस पर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई है राकेश गुप्ता का कहना है की
अंशुमान भारत सरकार की हितकारी योजना के कंसल्टेड ने जो की स्वयं संविदा नियुक्ति
पर हैं कंसलटेंट को नियुक्त कर दिया है जो कानून सम्मत नहीं है इस पर संज्ञान लेते
हुए केंद्र शासन को कार्रवाई करना चाहिए
राकेश गुप्ता लगातार स्वास्थ्य
बीमा योजनाओं पर अपनी टिप्पणियां देते रहते हैं
क्योंकि जनहित में स्वास्थ्य योजनाएं चाहे
वह अंशुमान योजना हो या प्रधानमंत्री स्वास्थ्य योजना हो या मुख्यमंत्री स्वास्थ्य
योजना हो पर हो रहे भ्रष्टाचारियों को लगातार वह उजागर करते रहे हैं उन्होंने
पिछली बार भी विज्ञप्ति जारी कर कहा था की इन योजनाओं को चलाने के लिए जो आवश्यक
नियम है उन्हें पूरा नहीं किया जा रहा है इन विभागों में मनपसंद संविदा नियुक्ति
कर भ्रष्टाचार को बढ़ाया जा रहा है जिससे यह जनहितकारी योजनाएं धरातल पर दम तोड़ती
हुई दिखाई देते हैं उन मरीजों को जिन्हें वास्तव में इसका लाभ मिलना चाहिए नहीं
मिल पा रहा है केंद्र की सरकार बहुत दूर बैठी है वह इन योजनाओं को लागू तो कर देती
है पर धरातल में मॉनिटरिंग की कोई व्यवस्था नहीं होने से आमजन को लाभ नहीं मिल रहा
है अस्पताल और बिल पास करने वाले बिचौलिए इस भ्रष्टाचार के जनक हैं




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