कोरबा // 13/05/2924 // कोल इंडिया, वेदांता, अदानी ग्रुप और जिंदल सहित विभिन्न कंपनियों ने छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में खोजी गई लिथियम खदान का सर्वेक्षण और उत्खनन करने में अपनी रुचि व्यक्त की है।फरवरी 2023 में, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा कटघोरा तहसील में लिथियम की खोज की गई थी। छत्तीसगढ़ के कोरबा के कटघोरा ब्लाक के नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड 7 महेशपुर में लिथियम खनिज का भंडार मिला है. यहां भूगर्भीय सर्वेक्षण की टीम लगभग 2 महीने से सर्वे के काम में जुटी हुई थी . ग्राम महेशपुर के अलावा रामपुर और नवागांव में भी खुदाई के दौरान लिथियम पाए जाने के संकेत मिले हैं.
कटघोरा ब्लॉक के ग्राम महेशपुर के अलावा रामपुर और नवागांव में भी खुदाई के दौरान लिथियम पाए जाने के संकेत मिले हैं. महेशपुर में तालाब के निकट इसका काफी बड़ी मात्रा में भंडारण होना पाया गया है. दर्जन भर खेत में जमीन से लगभग 80 फीट नीचे लिथियम का भंडार मिला है. इसी तरह रामपुर जो कि जलाशय निर्माण के लिए चिन्हित है. यहां भी प्रचुर मात्रा में लिथियम पाए जाने के संकेत मिले हैं. रामपुर के निकट ही चकचकवा पहाड़ भी है, जहां पूर्व में थोड़ा बहुत लिथियम मिला था. अभी जिस पैमाने पर लिथियम का भंडारण यहां पाया जा रहा है. उस आधार पर आने वाले दिनों में सर्वे का दायरा और बढ़ाया जा सकता है.

इसकी जानकारी होने के साथ ही भूगर्भगीय सर्वेक्षण की और भी टीम मशीनों के साथ यहां बुला ली गई है. संबंधित अधिकारियों का दल महेशपुर पहुंच चुका है. भारत में जम्मू-कश्मीर में लिथियम का भंडार मिला था. इसकी क्षमता 59 लाख टन है. भारत में पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में लिथियम मिला है. कोरबा में एसईसीएल की खदानों से कोयला की आपूर्ति पूरे देश में हो रही है.
देश में पाए जाने वाले प्रमुख लिथियम युक्त खनिजों में स्पोड्यूमिन, लेपिडोलाइट और एंब्लीगोनाइट शामिल हैं। भारत में प्रमुख लिथियम भंडार कर्नाटक, राजस्थान और झारखंड राज्यों में केंद्रित हैं।

फरवरी 2023 में, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा कटघोरा तहसील में लिथियम की खोज की गई थी।मै एक प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, लिथियम भंडार 256.12 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर करता था, जिसमें से 84.86 हेक्टेयर जंगल का था। यदि कोल इंडिया को लाइसेंस मिलता है, तो वह अन्य खनिजों को शामिल करने के लिए अपनी खनन गतिविधियों का विस्तार करने का इरादा रखती है। इसके अतिरिक्त, ओला इलेक्ट्रिक, श्री सीमेंट, खनिज विदेश..कबिल ने भी रुची दिखाइ हे
झारखंड के कोडरमा जिले में हाल ही में किए गए एक सर्वेक्षण में स्वर्ण भंडार के साथ ही लिथियम के भंडार की भी खोज की गई है। इस खोज से भारत को कार्बनिक ऊर्जा को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण हथियार मिल गया है। लिथियम एक महत्वपूर्ण धातु है जिसका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, लैपटॉप और मोबाइल फोन जैसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बैटरी में किया जाता है। लिथियम का उपयोग अंतरिक्ष उद्योग में भी किया जाता है, जैसे कि रॉकेट ईंधन के रूप में।
जानकारी के मुताबिक, कोडरमा के माइका बेल्ट में लिथियम की खोज के लिए आगे के चरण की तैयारी की जा रही है। अभी शुरुआती खोज में लिथियम का पता चला है, लेकिन ये कितना बड़ा भंडार है, इसका पता नहीं लगाया जा सकता है। पर ये माना जा रहा है कि ये लिथियम भंडार काफी बड़ा है। चूँकि भारत में अभी लिथियम निकालने की तकनीकी का विकास नहीं हो पाया है, ऐसे में माना जा रहा है कि इसकी निकासी के लिए विदेशी कंपनियों की मदद भी ली जा सकती है।
जीएसआई के महानिदेशक जनार्दन प्रसाद के मुताबिक, साल 2050 तक देश में बैट्री पर निर्भरता बढ़ने वाली है। इसके लिए लिथियम सबसे जरूरी तत्व है। इसलिए लिथियम की खोज पर फोकस किया जा रहा है। कोडरमा में मिला यह भंडार भारत को दुनिया के सबसे बड़े लिथियम उत्पादक देशों में से एक बना सकता है।
देश में पहली बार जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के सलाल-हैमाना क्षेत्र में फरवरी में लिथियम का बड़ा भंडार मिला था. लिथियम के भंडार की यह पहली साइट है, जिसकी भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने रियासी जिले में पहचान की. यहां 59 लाख टन का लिथियम मिला है. यह दुनिया का सातवां सबसे बड़ा लिथियम भंडार
2021-22 के दौरान, जीएसआई ने अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, जम्मू और कश्मीर और राजस्थान में लिथियम और संबंधित खनिजों पर 5 परियोजनाएं शुरू की हैं. जिसका नतीजा रहा कि जम्मू कश्मीर में बड़ा लिथियम रिजर्व मिला है. हाल ही में मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में 5.9 मिलियन टन लिथियम रिजर्व की पुष्टि की है
भारत में प्रमुख लिथियम भंडार कर्नाटक, राजस्थान, झारखंड और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में केंद्रित हैं। इन राज्यों में लिथियम युक्त खनिजों के महत्वपूर्ण भंडार हैं, जो निष्कर्षण की पर्याप्त क्षमता प्रदान करते हैं।
. भारत में शीर्ष 10 लिथियम-आयन बैटरी निर्माता/आपूर्तिकर्ता
1.2. कंटेम्परेरी एम्पेरेक्स टेक्नोलॉजी कंपनी लिमिटेड (CATL)
1.3. एक्सिकॉम टेली-सिस्टम्स लिमिटेड
1.4. ग्रिनटेक मोटर्स एंड सर्विसेज प्रा. लिमिटेड
1.5. गुओक्सुआन हाई-टेक पावर एनर्जी कंपनी लिमिटेड (गोशन हाई टेक कंपनी लिमिटेड)
1.6. एलजी एनर्जी सॉल्यूशन लिमिटेड
1.7. पैनासोनिक लाइफ सॉल्यूशंस इंडिया प्रा. लिमिटेड
1.8. सैमसंग एसडीआई कंपनी लिमिटेड
1.9. तोशिबा कॉर्पोरेशन (तोशिबा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड)
1.10. ट्रोनटेक इलेक्ट्रॉनिक्स प्रा. लिमिटेड
1.11. कॉसलाइट इंडिया टेलीकॉम प्रा. लिमिटेड
1.12. सिग्नी एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड
1.13. यूक्लिओन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड
1.14. भविष्य की हाई-टेक बैटरियाँ
1.16. लॉग9 मैटेरियल्स साइंटिफिक प्राइवेट लिमिटेड




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