*********विशेष /// केंद्रीय खनिज सचिव के ल कांता राव पूरे देश के हर राज्य में जाकर यह जानकारी एकत्र कर रहे हैं कि अभी तक दिए गए 350 कमर्शियल खनिज ब्लॉकों में काम की क्या स्थिति क्या है इसी सिलसिले में वह छत्तीसगढ़ भी आए थे छत्तीसगढ़ के अधिकारियों ने बड़े ही जोश खरोश के साथ उनका स्वागत किया और नया रायपुर के सर्किट हाउस में उद्योगपतियों के साथ कांता राव जी की बैठक भी कराई बैठक में कांता राव जी ने जब पूछा कि आवंटित कमर्शियल ब्लॉकों में खनन का काम अभी तक क्यों नहीं शुरू हुआ पर उद्योगपति ने अपनी अपनी समस्याएं से उन्हें अवगत कराया समस्या का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही थ की जिन खनिज ब्लॉकों को कमर्शियल ब्लॉक घोषित कर प्राइवेट उद्योगपतियों को व्यापारियों को ओपन बिट मे सौंप दिए गए हैं उनकी जमीनी हकीकत बहुत ही दयानी है मतलब यह है कि उन ब्लॉकों के नीचे तो विभिन्न प्रकार के खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है भारत सरकार चाहती भी है कि उनका खनन हो रेवेन्यू जेनरेट हो जिस देश और उसे इलाके की तरक्की हो लेकिन विडंबना यही है की ब्लॉक तो आवंटित हो गए लेकिन उनकी जो प्राइमरी तकनीकी दिक्कत है वह दूर नहीं की गई सरकार ने उसके लिए कहा कि आप इस दिक्कत को खुद दूर कर लिजिये
अब मामला यह उठता है कि ये जो खनिज ब्लॉक है उनमें अधिकांश भूमि निजी भूमि है इस निजी भूमि का अधिकरण करने में उद्योगपति सफल नहीं हो पा रहा है कारण इसके बहुत से हैं कुछ धनाट्य लोगों ने उसे इलाके में जमीन खरीद ली है और अब वह उनसे ऊंची कीमत मांग रहे , सरकार को यह ध्यान देना चाहिए की ब्लॉक आवंटन या टेंडर में डालने से पहले इन छोटी-छोटी दिक्कतों को दूर कर नीलामी करना चाहिए यह उसका अधिकार भी है कर लेना चाहिए जिन भूमियों का उन्हें नीलामी करना है उन भूमियों को इन माफिया से और वहां के निवासियों से मुक्त करने के बाद ही नीलम करना चाहिए लेकिन देखा यह जा रहा है कि सरकार अपनी वाहवाही लूटने के चक्कर में नीलामी तो कर देती है और बड़े-बड़े आंकड़े देती है कि अब हमारे पास रेवेन्यू का इतना बड़ा बजट का भंडारण होने वाला है पर एसा हो नहीं रहा की जमीनी हकीकत जानने आये थे खनिज सचिव लेकिन वह सिर्फ आश्वाशन दे कर चले गये ********

रायपुर, 11 मई 2024/केंद्रीय खनिज सचिव श्री व्ही.एल. कान्ता राव की अध्यक्षता में आज नवा रायपुर अटल नगर के न्यू सर्किट हाउस में छत्तीसगढ़ शासन के राजस्व, पर्यावरण तथा खनिज विभाग के सचिव और खनिज विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित बैठक में प्रदेश के उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा कर प्रदेश में खनन गतिविधियों की समीक्षा की गई। बैठक में खनिज विभाग के सचिव श्री पी.दयानंद ने प्रदेश में खनिज साधन विभाग द्वारा संचालित गतिविधियों और कार्यों के बारे में बिन्दुवार जानकारी दी। इस दौरान छत्तीसगढ़ के राजस्व सचिव श्री अविनाश चंपावत, पर्यावरण विभाग की सचिव श्रीमती आर. संगीता, खनिज विभाग के संचालक श्री सुनील जैन, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के अधिकारी सहित विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधि तथा संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

केन्द्रीय सचिव श्री राव ने औद्योगिक इकाईयों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर प्रदेश में खनन तथा खनिज उद्योगों की गतिविधियों और कार्याें की जानकारी ली और उनकी समस्याएं भी सुनी। उन्होंने औद्योगिक इकाईयों के प्रतिनिधियों से उत्खनन कार्य को अधिक बेहतर बनाने और माईनिंग गतिविधियों के सुगम संचालन के संबंध में उनके सुझाव लिये। केन्द्रीय सचिव श्री राव ने कहा कि उत्खनन क्षेत्र में ग्रीन माईनिंग की नवीन तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि खनन और खनिज उद्योगों में ग्रीन एनर्जी का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने खनिज संसाधनों का जीडीपी में वर्तमान में दो प्रतिशत की भागीदारी को बढ़ाने पर बल दिया। केन्द्रीय खनिज सचिव ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों की उपलब्धता और खनन गतिविधियों में देश का अग्रणी राज्य है। खनन गतिविधियों में प्रदेश को और आगे लेकर जाना है, जो आर्थिक दृष्टि से भी देश और प्रदेश के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने क्रिटिकल मिनरल्स की प्रोसेसिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सुझाव दिया।
बैठक में औद्योगिक प्रतिनिधियों ने भूमि संबंधी, खनिज लौह अयस्क की कमी, वन एवं पर्यावरण स्वीकृति के लिए सिंगल विन्डो प्रणाली की जरूरत बताई। केन्द्रीय सचिव श्री राव ने कहा कि स्वीकृत खदानों को जल्द से जल्द ऑपरेशनल बनाने के लिए बिडर्स और संबंधित विभागों के बीच अधिक समन्वय से काम किया जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने खनिज साधन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में ऐसे समस्त विभागों के सचिवों, जिनसे स्टेकहोल्डर्स को सहमतियां लेनी होती है, की माईनिंग रिव्यू कमिटी गठित की जाए। साथ ही समय-समय पर बैठक आयोजित कर स्वीकृत ब्लाकों में खनन संबंधी गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा करने को कहा।
केन्द्रीय सचिव ने खनिज साधन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि ऐसी खदाने जो बंद हो चुकी हैं उनमें अवैध उत्खनन न हो, बंद खदानों में यदि खनिज है तो उनमें खनन के लिए जरूरी प्रक्रिया प्रारंभ की जाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ उन चुनिंदा राज्यों में शामिल है, जहां डीएमएफ का ऑनलाईन पोर्टल संचालित है। केन्द्रीय सचिव ने डीएमएफ से हितग्राहीमूलक नवीन गतिविधियों को बढ़ाने, खनन प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मांग पर अधोसंरचना विकास के काम किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि माईनिंग क्लोजर और बंद खदानों को हैण्ड ओवर करने की समीक्षा राज्य स्तर पर नियमित रूप से की जाए।
उन्होंने खनिज ब्लाक्स के ऑपरेशनल स्टेटस की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। केन्द्रीय सचिव श्री राव ने जानकारी देते हुए बताया कि खनन के क्षेत्र में रिसर्च और डेव्लपमेंट का कार्य गंभीरता के साथ किया जा रहा है। इसके लिए संस्थाओं को आवश्यक आर्थिक सहयोग भी मुहैया कराया जाता है। उन्होंने खनन क्षेत्र की नीलामी के बाद ऑपरेशनल बनाने के लिए आगे की कार्रवाई की सुगमता और मॉनिटरिंग के लिए सेल गठन के संबंध में जानकारी दी। साथ ही उन्होंने नेशनल जियोसाइंस डेटा रिपॉजिटरी के संचालन और उसके उपयोगिता की जानकारी भी साझा की।
खनिज साधन विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने कहा कि खनन क्षेत्र से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स ने आज महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। इन सुझावों पर निश्चित रूप से विचार किया जाएगा। उन्होंने केन्द्रीय सचिव द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने की बात दोहराई। बैठक में खनिज विभाग के संयुक्त संचालक श्री अनुराग दीवान ने प्रदेश में खनन गतिविधियों और उनके महत्व पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया।




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