रायपुर21/04/2024/// अनिल टुटेजा और यश टुटेजा को जिस तरीके से E D ने E OW कार्यालय से शाम को गिरफ्तार किया को लेकर पूरे शहर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था लोगों का कहना था की अनिल टुटेजा ने भूपेश बघेल सरकार के रहते हुए शराब के अलावा DMF फंड के भी संपूर्ण कर्ताधर्ता के रूप में भी काम किया और कई हजार करोड़ के घोटाले में पूरी तरह संलिप्त थे सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह कह जाना की शराब घोटाला में मनी ट्रेल को सिद्ध करने में ED फेल रही है इसलिए शराब घोटाले का केस बनता ही नहीं तकनीकी तौर पर जब सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर तमाम एक्सपर्ट्स के सामन आया तो पता चला की इनकम टैक्स के द्वारा जो FIR अनिल टुटेजा पर की गई थी और उसमें कहा गया था कि उनके पास है अवेध संपत्ति का भंडार है और यह शराब घोटाले से संबंधित है को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह कैसे बनता ही नहीं जबकि इस बार EOW में की गई शिकायत को आधार बनाकर शराब घोटाले की फिर जांच शुरू करी गई है और कल शाम को पिता पुत्र को E D अपने साथ ले गई रात भर पुत्र से कड़ाई से पूछताछ की और सुबह उसको छोड़ दिया लेकिन अनिल टुटेजा को बाकायदा विधिवत गिरफ्तार कर आज कोर्ट में पेश किया जाएगा आज छुट्टी का दिन है हो सकता है एक रात अनिल टुटेजा को जेल में व्यतीत करना पड़े कल जब कोर्ट के सामने पेश हो गई तो E D रिमाइंड मांगेगा और उसको रिमाइंड मिलना तय है

फोटो में पीछे खनिज भंडार देख मुस्करा रहे , अनिल टुटेजा
अनिल टुटेजा राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे रमन सरकार में उन्हें IAS अवार्ड हुआ था जैसे ही IAS अवार्ड हुआ वैसे ही उन्होंने भ्रष्टाचार के सारे रिकार्ड तोड़े थे रमन सरकार के जमाने में वह सस्पेंड भी हुए थे और उनके कारनामों के कारण तरक्की के तमाम दरवाजे बंद थे | भूपेश सरकार के आने के बाद अनिल टुटेजा के बंद दरवाजे फिर खुले और उन्हें वे तमाम विभागों का मुखिया बनाया गया जहां से वसूली की जा सकती थी इसमें DMF फंड , कोयला घोषित लेवी का हिसाब . रेत खदानों से वसूली सीमेंट फैक्ट्री से वसूली , जैसे ऑन अकाउंटेड फंड मैनेजमेंट के कामो में 5 सालों तक अनिल टूटेजा ने बखूबी निभाया और 10000 करोड़ से ऊपर का घोटाला किया शराब तो अभी पहला घोटाला है DMF फंड उससे भी बड़ा घोटाला है जिसकी जांच अभी होना बाकी है E D ने वैसे तो DMF फंड का भी केस दायर कर रखा है जांच अभी बाकी

छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले में ED ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की है। अनिल टुटेजा और यश टुटेजा को ईडी की टीम ने हिरासत में ले लिया है। दोनों को ईओडब्ल्यू ऑफिस से लेकर ED की टीम रवाना हो गई है। उल्लेखनीय है कि, इससे पहले रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा और उनके पुत्र यश टुटेजा शराब घोटाले में बयान दर्ज कराने ईओडब्ल्यू के ऑफिस पहुंचे थे। पिता-पुत्र दोनों शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए हैं। इनके ईओडब्ल्यू आफिस में होने की जानकारी मिलने पर ईडी की टीम भी ईओडब्ल्यू ऑफिस पहुंची और दोनो को हिरासत में ले लिया।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, टुटेजा को इससे पहले भी तीन बार पूछताछ के लिए समंस भेजा गया था। शनिवार की सुबह बयान देने वे ईओडब्ल्यू मुख्यालय पहुंचे। एडिशनल एसपी की टीम टुटेजा से पूछताछ कर रही थी। हालांकि, उन्हें सुप्रीम कोर्ट से नो कोरोसिव एक्शन का आदेश है, इसलिए ईओडब्ल्यू गिरफ्तारी नहीं कर सकती। समझा जाता है, जांच में दस्तावेजों की पड़ताल के संबंध में टुटेजा पिता-पुत्र को ईओडब्ल्यू ने बुलाया था।सुप्रीम कोर्ट से नो कोरोसिव एक्शन का आदेश- हालांकि, शराब घोटाले में किसी तरह इनकी भूमिका को सुप्रीम कोर्ट खारिज कर चुकी है। अनिल टुटेजा और उनके बेटे यश टुटेजा को नो कोरोसिव एक्शन का भी आदेश है। मगर सुप्रीम कोर्ट द्वारा केस खारिज करने के बाद ED ने फिर से शराब घोटाले में एफआईआर दर्ज कर लिया है। उधर, ईडी के प्रतिवेदन के आधार पर छत्तीसगढ़ की EOW ने भी केस दर्ज किया है।




Copyright @ 2020 All Right Reserved | Powred by Divyadoot
Comments