रायपुर 18/04/2024/// लिवर शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। यह शरीर का सबसे बड़ा आंतरिक अंग है, जो हमारे शरीर में पांच सौ से भी अधिक कार्य करता है। स्वस्थ लिवर के बिना जीवन असंभव है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के
अनुसार लिवर की बीमारियाँ भारत में मृत्यु का दसवां सबसे आम कारण हैं।

जागरूकता के उद्देश्य से एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल रायपुर (नारायणा हेल्थ की एक इकाई) में स्वस्थ लिवर के महत्व को समझाने के लिए विश्व लिवर दिवस मनाया गया। नारायणा हॉस्पिटल का प्रयास रहता है किलोगों को इलाज के साथ-साथ बचाव को लेकर भी जागरूक किया जाए। वहीं लिवर के महत्व की यदि बात क जाए तो यह हमारे शरीर में रक्त से विषाक्त पदार्थों को फ़िल्टर करने और पाचन में सहायता करने के लिए
महत्वपूर्ण है। परंतु आजकल स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही, अनुचित खानपान व अन्य कारणों के चलतेहेपेटाइटिस, सिरोसिस और लिवर कैंसर जैसी बीमारियाँ बढ़ रही हैं, जो दुनिया भर में लोगों के स्वास्थ्य के लिएगंभीर खतरा पैदा कर रही हैं।शीघ्र जांच ही आपके लिवर को स्वस्थ रखने की कुंजी है -एमएमआई नारायणा हॉस्पिटल रायपुर के कंसल्टेंट गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, डॉ. अभिषेक जैन ने कहा कि लिवर की बीमारियों को साइलेंट किलर के रूप में भी जाना जाता है। प्रारंभिक अवस्था में कोई मुख्य लक्षण नहीं देखा
जाता है। लिवर की समस्याओं के कुछ सबसे आम लक्षण हैं, जैसे - थकान, भूख न लगना, बेचैनी होना, पेट में दर्दया सूजन, पीले रंग का मूत्र और पीला मल आना, त्वचा और आँखों का पीला पड़ना (पीलिया) आदि प्रकार केलक्षणों पर ध्यान देना जरूरी है। लिवर की बीमारियों के आम कारणों में हेपेटाइटिस ए, बी, ई एवं सी है औरआज के समय में अत्याधिक शराब सेवन तथा नॉन-एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज प्रमुख कारण बनते जा रहे
है।साथ ही, डॉ. अभिषेक जैन ने बताया की आपके लिवर की सुरक्षा के लिए कुछ आदतों पर ध्यान देना अत्यंतआवश्यक है। जैसे- स्वस्थ वजन बनाए रखें, संतुलित आहार अपनाएं, शराब का सेवन ना करें, टीका लगवाएं,टीकाकरण के माध्यम से हेपेटाइटिस ए और बी से खुद को बचाएं और अपने चिकित्सक से परामर्श के बिनाअनावश्यक दवाएं लेने से बचें। हमारा प्रयास रहता है कि लोगों को समय रहते उचित परामर्श मिल सके, जिससे




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