रायपुर 07/04/2024 /// प्रशासनिक लापरवाही और कमीशन खोरी के चक्कर में बिना जरुरत के खरीदे गए इन ट्रांसफार्मर का भीषण आग में स्वाहा हो गया विशेषज्ञों के अनुसार करीब 80 करोड रुपए के नए- पुराने और कबाड़ में रखे ट्रांसफार्मर के अलावा कीमती केवल - ट्रांसफॉर्मर ऑयल जलकर खाक हो गए अधिकारी कहते हैं की छुट्टी का दिन था कर्मचारी नहीं थे गोदाम में ताला लगा था चाबी का पता नहीं था डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी का स्टोर था इस स्टोर में सुरक्षा गार्ड 24 घंटे तैनात रहते थे कायदे से चाबी उनके पास होना चाहिए थी इस स्टोर के इंचार्ज हैं मिस्टर गुप्ता मिस्टर गुप्ता को लोकायुक्त ने दो बार रेड दल करके स्पेंड कराया था उनके नोकरी में वापिस आने की कहानी भी रोचक है उसके बावजूद गुप्ता इस महत्वपूर्ण जगह पर काफी अरसे से विराजमान
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केंद्र सरकार की RDSS योजना के तहत देश भर के बिजली कंपनियों को अतिरिक्त फंड उपलब्ध कराकर इस बात को सुनिश्चित करने के लिए कहा की अधिक से अधिक ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली के तारों को सुधार कर LINE LOSS कम करें और बिना अवरोध के बिजली सुचारू रूप से आम जनता को मिले बहुत अच्छी थी लेकिन कमीशन खोरी के चक्कर में सुधर कार्य कहां होना है इसका कोई प्लान नहीं पर प्रदेश भर में लगने वाले ट्रांसफार्मर को खरीद लिया गया ने जानकर सूत्रों ने बताया की अभी इन ट्रांसफॉर्मर की जरूरत ही नहीं थी लेकिन भारी भरकम कमीशन खोरी के चक्कर में बिना कार्य स्वीकृति के इतने मात्र ट्रांसफार्मर खरीद लिए गए और इनका ठीक ढंग से रखरखाव भी नहीं किया गया पूरे एरिया स्टोर में बरसात के बाद बड़ी-बड़ी घास उगी थी सूखे पत्तों का ढेर था वही ट्रांसफार्मर तेल रखा था और ट्रांसफार्मर भी रखे थे कहते हैं कि गुप्ता जी कभी उसे तरफ झांकने नहीं जाते थे छोटे कर्मचारी स्टोर में ट्रांसफार्मर रख लेते थे गुप्ता जी बिल का पेमेंट करके 15 पर्सेंट कमीशन ले लेते यह काम लम्बे समय से चल रहा था कि अचानक जब पाप का घड़ा फट जाता है और आग लग जाती है |
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गुढ़ियारी कैंपस में इस बात की भी चर्चा जोरों पर है कि साल गुजर जाने के बाद स्टोर का Audit inspection होने वाला था इस इंस्पेक्शन में बाहर की टीम आती है इस वक्त सरकार बदल गई है को लेकर तरह-तरह के चर्चाएं चल रही थी कि इस बार इंस्पेक्शन तगड़ा होगा पिछली सरकार में हुए तथाकथित Audit inspection के बाद इस बार इंस्पेक्शन कड़ाई से किया जाएगा को लेकर स्टोरइंचार्ज और स्टोर के कर्मचारियों में काफी दहशत का माहौल पहले से ही बना हुआ था कि अचानक स्टोर में आग लग गई कंप्यूटर जल गए स्टेशनरी जल गई और तमाम तरह के सत्यापन के दस्तावेज जलकर नष्ट होगा अब यह जांच का विषय है की कितने ट्रांसफार्मर आए थे कितने गए कहां लगे कहां नहीं लगे क्या वहां लगने की जरूरत थी या फर्जी इंडेंड पर पर ट्रांसफार्मर ट्रांसपोर्ट हो गए आज तक का रिकॉर्ड है कि इस तरीके के अग्निकांड के पीछे तत्वों को छुपाना और सबूत को नष्ट करने का मकसद सामने आया है अब देखने वाली बातें है की विभागीय जांच समिति कितनी निष्पक्ष जांच करके सरकार को रिपोर्ट से अवगत कराती




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