रायपुर// बेमेतरा कलेक्टर शिखा राजपूत तिवारी के खिलाफ मंत्री द्वारा दी गई जांच इंक्वायरी बहुत ही धीमी गति से चल रही है लगता है कि सब कुछ मैनेज कर लिया गया है शिखा राजपूत कलेक्टर बेमेतरा से पहले स्वास्थ्य संचालक सेवाओं में पदस्थ थी इस दौरान श्रीमती तिवारी के खिलाफ उपकरण खरीदी मामले की शिकायत की जांच बैठाई गई है स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर सचिव निहारिका बारिक ने शनिवार को जांच आदेश जारी किए थे पर अभी तक जांच के प्रकरण पर कोई कार्यवाही नहीं हुई है निहार ने विशेष सचिव भुवनेश यादव को एक हफ्ते मैं रिपोर्ट मांगी थी लेकिन रिपोर्ट अभी भी नहीं दी गई है शिखा राजपूत बेमेतरा कलेक्टर में पदस्थ किए जाने से पहले स्वास्थ्य विभाग में संचालक स्वास्थ्य सेवाओं के रूप में पदस्थ थे 6 महीने के दौरान उनके खिलाफ कई शिकायतें मिली पहली और अद्भुत शिकायत थी राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के एडिशनल सीईओ कटारे की जिनकी नियुक्ति मंत्री के कहने के बावजूद भी कर दी गई थी इसकी जांच के आदेश भी हुए थे लेकिन वह भी मामला अभी तक पेंडिंग है उसके बाद अंशुमन भारत स्वास्थ्य बीमा और संजीवनी सहायता कोष योजना में हुई गड़बड़ियों की शिकायत को लेकर भी जांच आदेश हुए थे यह उनके खिलाफ तीसरा जांच आदेश है इसी सिलसिले में आगे खड़ी बढ़ाते हुए उपकरण खरीदी मामले से जुड़ा है उनके खिलाफ शंकर नगर रायपुर के विनोद दुबे ने स्वास्थ्य मंत्री से शिकायत की थी शिखा राजपूत के स्वास्थ्य संचालक रहते कोई गड़बड़ी की है स्वास्थ्य पूर्ण की खरीदी के लिए मेडिकल कॉरपोरेशन के डिमांड भेजी गई थी मगर कार मुक्त होने के दिन 16 जुलाई को कुछ कंपनियों को उन्होंने ऑर्डर में परिवर्तन करते हुए करीब ₹40 करोड़ के ऑर्डर कर दिया जो सीधे तौर पर कंपनियों को फायदा पहुंचाते हैं शिकायत में कहा गया था की उपकरण खरीदी की शिकायत में सबसे गंभीर मामला यह है सचिव निहारिका बारिक के पत्र से हवाला देते हुए लिखा है कि शिखा राजपूत 16 को नहीं 15 जुलाई को दोपहर रिलीफ हो गई थी जबकि डिमांड उन्होंने 16 जुलाई को अपने हस्ताक्षर से भेजा है जो गहरी साजिश को अंजाम देता है |




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