नरेन्द्र कुमार वर्मा, नई दिल्ली ब्यूरोचीफ
नई दिल्ली.28 /01/ 2024 /// देशभर में जहां भारतीय जनता पार्टी सारे मंदिरों के संरक्षण की बात कह रही हैं वहीं दिल्ली के सुचेता कृपलानी अस्पताल का प्रशासन एक सौ साल पुराने मंदिर को ध्वस्त करने पर उतारु हैं। दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एवं सुचेता कृपलानी अस्पताल के परिसर में अंग्रेजी शासन के समय से एक प्राचीन शिव मंदिर स्थापित हैं। इस मंदिर के प्रांगण में बैठ कर अस्पताल में आने वाले मरीजों के तिमारदार भगवान से उनके ठीक होने की प्रार्थना करते हैं।

मंदिर प्रांगण में ही अस्पताल आने वाले मरीजों के परिजनों की दान दक्षिणा से मंदिर में पूजा-पाठ का कार्य संचालित होता है। इस मंदिर की स्थापना के समय से ही पंडित रतिराम शर्मा का परिवार मंदिर में पूजा पाठ का कामकाज करता रहा है। वर्तमान समय में मंदिर का प्रबंधन ममता शर्मा देख रही हैं। ममता शर्मा का कहना हैं कि सुचेता कृपलानी अस्पताल के निदेशक लगातार मंदिर के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम दे रहे हैं। अस्पताल प्रशासन व्दारा मंदिर के प्रांगण में बनी दीवार को अस्पताल के कर्मचारियों ने जबरिया तोड़ दिया और मंदिर के मुख्य व्दार को सील करने का काम किया। मंदिर का कामकाज देखने वाली ममता शर्मा अस्पताल प्रशासन की इस अवैध कार्रवाई के विरोध में भारतीय जनता पार्टी दिल्ली के मंदिर प्रकोष्ठ के अध्यक्ष करनैल सिंह से मुलाकात की और उन्हें मंदिर में अस्पताल प्रशासन की सारी अवैध गतिविधि से अवगत कराया। करनैल सिंह ने ममता शर्मा को आश्वासन देते हुए कहा कि वह स्वयं इस प्रकरण को देख रहे है और इसके बारे में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को भी अवगत कराएंगे।

ममता शर्मा कहती हैं कि यह प्राचीन शिव मंदिर उनके पुरखों के संरक्षण में अंग्रेजी शासनकाल से है। मंदिर सुचेता कृपलानी अस्पताल के परिसर से अलग है बीते 100 वर्षों से वहां निरंतर पूजा पाठ होता आ रहा है और सावन के माह में शिवभक्तों व्दारा विशाल भंडारे का भी आयोजन मंदिर परिसर में किया जाता है। ममता शर्मा कहती हैं कि सुचेता कृपलानी अस्पताल के प्रशासन को उन्होंने कई बार लिखित रुप से प्रतिवेदन दिया और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को रोकने की मांग की। ममता शर्मा कहती हैं

कि वह अकेली महिला है जो निरंतर अस्पताल प्रशासन के अवैध कदम के खिलाफ प्राचीन मंदिर बचाने की लड़ाई लड़ रही हैं। वह कहती हैं कि राजस्व दस्तावेजों में इस स्थान पर मंदिर दर्ज है। सुचेता कृपलानी अस्पताल के गेट नंबर पांच के पास स्थित यह इस मंदिर के प्रति स्थानिय लोगों की भी अपार श्रृध्दा और आस्था है। पंचकुईयां रोड़ पर रहने वाले राकेश गुप्ता कहते हैं कि उनकी पास ही 70 साल पुरानी दुकान है। वह बचपन से इस मंदिर में पूजा पाठ करने आते है अगर अस्पताल प्रशासन मंदिर को तोड़ने का काम कर रहा है तो यह गलत है। ममता शर्मा कहती हैं कि एक तरफ तो सारे देश में रामजन्म भूमि मंदिर की स्थापना की खुशी है इस खुशी में हम भी अपने मंदिर को रोशनी और दीपकों से सजाना चाहते थे मगर अस्पताल प्रशासन हमें बार-बार रोकने का काम करता है। वह कहती हैं कि सौ साल पुराने भगवान महादेव के इस मंदिर को अगर अस्पताल प्रशासन व्दारा तोड़ने का काम किया गया तो स्थानिय लोगों का आक्रोश फूट सकता है। ममता शर्मा कहती हैं कि मंदिर सुचेता कृपलानी अस्पताल की रत्तीभर भी संपत्ति का अतिक्रमण नहीं कर रहा। अंग्रेजों ने जिस मंदिर के प्रति श्रृध्दा का भाव प्रदर्शित किया उस मंदिर को आज हमारे ही लोग तोड़ने पर आमादा है।




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