
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि आदिवासी समाज के बेटे को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का दायित्व मिलना पूरे कंवर समाज का सम्मान है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कंवर समाज के एक छोटे से कार्यकर्ता को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री का दायित्व सौंपा है। मैं कंवर समाज की ओर से प्रधानमंत्री को धन्यवाद देता हूं। यह दायित्व मिलना कंवर समाज के साथ-साथ पूरे आदिवासी समाज का सम्मान है। मुख्यमंत्री श्री साय आज राजधानी रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित सम्मान समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। इस मौके पर कंवर समाज द्वारा मुख्यमंत्री श्री साय को ‘‘कंवर गौरव’’ सम्मान दिया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने टाटीबंध में कंवर समाज के भवन के विस्तार के लिए 50 लाख रूपए की राशि देने की घोषणा की।
रायपुर 28/01/2024///कंवर जनजाति कंवर महोत्सव सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा गजमाला एवं पुष्पगुच्छ से किया गया स्वागत।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेरे लिए आज बड़ी खुशी का दिन है। कंवर समाज ने मुझे कंवर गौरव से सम्मानित किया है, इसके लिए मैं पूरे समाज का बहुत आभारी रहूंगा। उन्होंने कहा कि मैं यहां आप सभी से आशीर्वाद और सहयोग मांगने आया हूं क्योंकि हमारे प्रधानमंत्री और प्रदेश की जनता ने मुझ पर जो विश्वास किया है इसे निभाने के लिए आप सभी का सहयोग और समर्थन चाहिए ताकि मैं इस पद की गरिमा, विश्वास और उम्मीद पर खरा उतर सकूं। उन्होंने कहा जिस तरह समाज ने मेरा सम्मान किया है उससे मुझे विश्वास हो गया है कि इस पद का दायित्व निभाने में मुझे आप सभी का पूरा सहयोग मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज में अनेक विभूतियां हुई हैं, जिन्होंने पूरे समाज को एक नई दिशा दी। उन्होंने परम पूज्य गहिरा गुरू का स्मरण करते हुए कहा कि गहिरा गुरू ने रामायण की शिक्षा देकर समाज के लोगों को मांस और मदिरा से दूर किया। इसी का परिणाम है कि वनवासी समाज आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक रूप से आगे बढ़ा। उन्होंने काका लरंग साय को नमन करते हुए कहा कि उनकी वजह से हमारा समाज राजनीति के क्षेत्र में आगे बढ़ा है। मध्य प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री प्यारेलाल कंवर जी को याद करते हुए कहा कि उनका मार्गदर्शन और स्नेह उन्हें हमेशा मिला।
छत्तीसगढ़ में कंवर समाज मुख्यतः सरगुजा तथा बिलासपुर संभाग में पाए जाते हैं। हालांकि इनकी उपस्थिति पूरे प्रदेश में है। कंवर समाज खुद को कौरवों का वंशज मानते हैं। इस जनजाति के प्रमुख देवता "सगराखंड" हैं । ऐसा माना जाता है कि कंवर जनजाति का मुख्य कार्य सैन्य कार्य है। इस जनजाति का प्रमुख नृत्य "बार नृत्य" है जो मनोरंजन के अवसरों पर किया जाता है।

समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय, श्री ननकीराम कंवर, श्री नंदकुमार साय, श्री चिंतामणि महाराज भी उपस्थित हैं|

कंवर समाज के युवा हुए सम्मानित
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने समारोह में कंवर समाज के उत्थान में शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले युवाओं को सम्मानित किया। इस मौके पर कंवर वार्षिक कैलेण्डर 2024 और सामाजिक पत्रिका हरिहर मड़वा - भाग दो का विमोचन किया।

समारोह में पूर्व मंत्री श्री रामसेवक पैंकरा, पूर्व मंत्री श्री सत्यानंद राठिया, पूर्व संसदीय सचिव श्री चिंतामणी महाराज, श्री रामलखन पैंकरा, श्रीमती सविता साय, श्रीमती कुलेश्वरी पैंकरा, प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य श्री संदीप पैंकरा, श्री शिव कंवर सहित देशभर से आए कंवर समाज के पदाधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे




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