नई दिल्ली// धारा 370 को लेकर आज राज्यसभा में संशोधन बिल पेश किया
गया जिसमें 370
के खंड एक को छोड़कर
बाकी सारे खंडों को विलोपित कर दिया गया खंड 1 में अब सिर्फ यह पर प्रावधान है की राष्ट्रपति के आदेश को राज्य सरकार की सहमति से जम्मू कश्मीर में संविधान के तमाम अनुच्छेदों को उप अनुच्छेदों को लागू किया जा
सकता है इस धारा के खत्म होते ही कश्मीर में अब वह सब हो सकेगा जो दूसरे प्रदेशों में होता था यह ऐतिहासिक फैसला मोदी सरकार ने ले लिया है बिल
के विरोध में 61 मत और पक्ष में 125 मत पढ़ें पक्ष की जीत हुई और बिल राज्यसभा से
पारित हो गया आज दिन भर राज्यसभा में हंगामे होते रहे लेकिन एक बात तो सामने आ गई थी कि इस
बिल को लेकर अधिकांश संसद की रजामंदी थी यह बात अलग है कुछ पार्टियों को जो अभी तक वोट बैंक की खातिर कश्मीरियों का यूज करते
रहे उनके पेट में भारी दर्द था उन्हें लग रहा था कि यह इतना महत्वपूर्ण मुद्दा
उनके हाथ से अब चल गया है कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद राज्यसभा में कुतर्कों पर
बोलते रहे
तर्क उनके पास भी नहीं
थे
70 वर्षों से कश्मीर को
लेकर जो कुछ भी हो रहा था वह किसी से छिपा हुआ नहीं था इसलिए जो भी विरोध कर रहे
थे वह कुतर्कों के भरोसे ही थे बिल पास हो गया लोकसभा से तो आराम से होना ही है
फिर राष्ट्रपति की मुहर लग जाएगी गजट का पब्लिकेशन हो जाएगा और एक नए कश्मीर का
जन्म हो जाएगा|
धारा 370 समाप्त करने के साथ ही अमित शाह ने राज्य
पुनर्गठन बिल को भी राज्यसभा से पास करवा लिया और अब कश्मीर के भूगोल 2 भाग हो गए हैं एक हिस्सा जिसे लद्दाख कहा जाएगा
वहां पर विधानसभा नहीं होगी लेफ्टिनेंट गवर्नर उसके मुखिया होंगे दूसरा हिस्सा जम्मू
कश्मीर का है जिसमें विधानसभा तो होगी लेकिन राज्य का मुखिया लेफ्टिनेंट गवर्नर ही
होगा यह उसी तरीके से होगा जैसे चंडीगढ़ ,दिल्ली और अंडमान जैसे
राज्यों के साथ संवैधानिक अधिकारों को रखा गया है फिलहाल यह स्थिति जम्मू कश्मीर
और लद्दाख को लेकर रहेगी स्थितियां अनुकूल होते जाएंगे तो उसे समान राज्यों का
दर्जा भी आसानी से प्राप्त होगा
अनुच्छेद 370 के साथी 35 A भी समाप्त हो गया है जम्मू-कश्मीर के नागरिकों
को भारत के संविधान के तहत वह तमाम सुविधाएं और अधिकार मिल गए हैं जिसके तहत वह
अभी तक वंचित थे यह एक बड़ा फैसला था जो आज की मांग के लिए बहुत जरूरी था अभी तक
जितनी भी सरकारें रहीं वह जम्मू कश्मीर के अलगाववादियों के साथ मिलकर कश्मीर का
दोहन करती रही वास्तव में स्वर्ग की जैसे प्राकृतिक संसाधनों से लैस कश्मीर आज से
पहले
सुंदर विधवा की तरह भी था आज बिल पास होने के बाद अब उसमें रंगीन
याद करेंगे अपने आप को कश्मीरी जो भारत का हिस्सा नहीं मानते थे अब खुलकर मानने
लगेंगे अलगाववादियों को अब गुमराह करने का मौका नहीं मिलेगा और एक कश्मीर एक आजाद
कश्मीर की तरह भारत का हिस्सा होगा और उन तमाम संवैधानिक अधिकारों का उसके पास
अधिकार होगा
वास्तव में भारत के लिए आज ऐतिहासिक दिन है कश्मीर की पुनः आजादी हुई है
पुरानी सरकारों ने कश्मीर को लेकर बहुत ही कंफ्यूजन फैला रखा था डरा रखा था आज भी
गुलाम नबी आजाद यह कह रहे थे कि यह चीन से पाकिस्तान से घिरा हुआ बहुत बड़ा हिस्सा
है इसको सोचना चाहिए अब सोचने की क्या जरूरत है भारत भी एक विशाल देश है और सामरिक
मामलों में सक्षम है डर के जीने से तो बेहतर है एक बार आर पार की लड़ाई हो जाए जो आज हो गई कांग्रेस के लिए बहुत बड़ा झटका है
उनके पूर्वजों के लिए बहुत बड़ा झटका है विरोधी नेता तर्क को दे रहे थे की पुरानी संधि जो राजा रणजीत
सिंह से हुई थी उसका उस संधि को खत्म करके भारत में धोखा दिया आज हमारा देश 21 वी सदी में जा
रहा है कहां के राजा कहां के राजा रणजीत सिंह किस तरह की बातें कर रहे हैं यह अभी
भी 1947 से आगे बढ़ने तैयार नहीं इनको तर्कों का भारत के आमजन पर कोई असर नहीं होने
वाला कश्मीर आज आजाद हुआ है
अब तरक्की भी करेगा
और 70 साल की घुटन से आजादी की सांस लेगा आतंकवाद से निपटने में भारत सक्षम है
पाकिस्तान को कई बार आ चुका है आज चीन से भी निपट सकता है




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