नरेन्द्र कुमार वर्मा
(दिव्यदूत, ब्यूरोचीफ, नई दिल्ली)
नई दिल्ली 16/01 /2024/// अयोध्या में 22 जनवरी को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की सारा देश तैयारी कर रहा है। इन तैयारियों के बीच विपक्षी दलों का कहना हैं कि राममंदिर निर्माण से क्या लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से तो इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। मगर कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने कहा हैं कि 22 जनवरी से पहले ही दिल्ली में श्री राम जन्म भूमि मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम को लेकर 1 लाख करोड़ रुपये का कारोबार होने की उम्मीद हैं। सीएआईटी के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने दिव्यदूत को बताया कि दिल्ली में हजारों जगहों पर रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जिसके संदर्भ में झंडे, बैनर, पटका, गमछा, थैले, मंदिर के मॉडल, बैंड, शहनाई, ढोल-नगाड़े, फूल, झांकी कलाकार, रथ, कलेंडर, फोटोफ्रेम से लेकर तरह-तरह के मिष्ठान की भारी मांग है। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर कारोबारी इतने उत्साहित हैं कि उन्हें ऑर्डर पूरे करने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही हैं। इस बारे में दिव्यदूत के ब्यूरोचीफ नरेन्द्र वर्मा ने जब सदर बाजार इलाके का दौरा किया तो वहां व्यापारियों में खासा उत्साह देखा गया।
सदर बाजार में झंडे और पटके बनाने वाले साहिल खान ने बताया कि उन्हें पांच लाख छोटे-बड़े झंडे का ऑर्डर 21 जनवरी तक पूरा करना है। जिसके लिए उनके कारिगर चौबिस घंटे काम कर रहे हैं। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर साहिल खान इतने उत्साहित नजर आए कि उन्होंने कहा कि वह करीब 10 लाख झंडे बना कर अयोध्या सहित उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में सप्लाई करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद अब झंडे, पटके और प्रसाद के थैलों की मांग वर्षभर लगी रहेगी। श्रीराम के झंडों की तरह ही श्रीराम मंदिर के छह इंच से लेकर अठ्ठारह इंच तक के लकड़ी के मॉडलों की भी बाजार में भारी मांग हैं। दिल्ली के रहने वाले मोहसिन अख्तर सहारनपुर से इस तरह के मंदिर के मॉडल का निर्माण करा कर ऑर्डर की पूर्ति कर रहे हैं। मोहसिन अख्तर ने दिव्यदूत को बताया कि श्रीराम मंदिर के लकड़ी और मैटल से बने मॉडल की बाजार में खासी मांग है जिनकी आपूर्ति में उन्हें अच्छा मुनाफा हो रहा है।

प्रवीण खण्डेलवाल
दूसरी तरफ कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि 22 जनवरी को अयोध्या में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह के कारण दिल्ली में हर तरफ कारोबारियों को काम मिल रहा है। जिसमें मिठाई बनाने वालों से लेकर फूलों की सजावट करने वाले, बैंड बाजे वालों से लेकर झांकी बनाने वाले कलाकार, टेंट कारोबारी और कैटरिंग का धंधा करने वालों के 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करने की उम्मीद हैं। प्रवीण खंडेलवाल बताते हैं कि अयोध्या में बनने वाले श्रीराम मंदिर से आने वाले दिनों में देश के विभिन्न सेक्टरों में व्यापक रोजगार की संभावनाएं है। जिनमें टूर एंड ट्रेवल्स, होटल, रेस्टोरेंट, स्थानिय हस्तशिल्प, पूजा सामग्री, यात्री गाइड और स्टेहोम जैसे सेक्टर शामिल है। प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि विपक्ष के इस आरोप में कोई दम नहीं जिसमें कहा जा रहा है कि श्रीराम मंदिर से रोजगार पैदा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अभी मंदिर का पहला चरण ही संपन्न हुआ है जब मंदिर पूरी तरह से बन कर तैयार हो जाएगा तब 10 लाख से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रुप से रोजगार प्राप्त होगा।
अयोध्या में श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम से पहले दिल्ली में तीन हजार से ज्यादा जगहों पर बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जिसे लेकर दिल्ली के छोटे बड़े बैंड, शहनाई कलाकार और ढोल नगाड़े वाले बुक हो चुके है। श्रीराम की प्रभात फेरी और मंदिरों में होने वाले सुंदर कांड के पाठ को लेकर भी व्यापक तैयारियां हो रही है जिनमें टेंड कारोबारी और कैटरिंग का काम करने वाले बुक हो चुके हैं। 22 जनवरी के दिन दिल्ली में फूलों की भारी मांग है। भगीरथ पैलेस में फूलों का काम करने वाले विनोद शर्मा दिव्यदूत से कहते हैं कि उनका लक्ष्य 10 कुंटल गेंदे और गुलाब के फूल सप्लाई करने का है। मंदिरों में फूलों की सजावट के लिए उन्हें कृत्रिम फूलों का सहारा लेना पड़ रहा है क्योंकि फ्रेश फूल की बाजार में भारी मांग है। इसी तरह मिठाई की बड़ी दुकानों से लेकर गली मोहल्ले की दुकानों पर मिठाई के ऑर्डर लगातार दुकानदारों को मिल रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद का कहना हैं कि दिल्ली के हर छोटे बड़े मंदिर में 22 जनवरी के दिन हर भक्त को प्रसाद का पैकेट दिया जाएगा। जिसके लिए सभी तैयारियां कर ली गई हैं।




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