मुख्यमंत्री श्री बघेल ने मध्यमवर्गीय परिवारों को दी बड़ी राहत
रायपुर// एक दशक से मंदी की मार झेल रहे रियल स्टेट कारोबार के प्रति
भूपेश सरकार संवेदनशील है सरकार ने बिल्डरों की मूलभूत दुविधा को समाप्त
करते हुए जिला कलेक्टरों को यह आदेश दिया है कि तमाम तरह के के प्रमाण
पत्र जो कॉलोनी विकास के लिए जरूरी है उन्हें एकल विंडो सिस्टम के द्वारा
प्रदाय किए जाएं जिससे रियल स्टेट में जो अनुमति या प्रमाण पत्र लेने में
वर्षों लग
जाते थे इस सिस्टम से वे अनुमति यां 3 माह में बिल्डर को उपलब्ध करा दी
जाएं बिल्डरों का तर्क है की कॉलोनी का विकास समय रहते हो जाए तो भूखंड लागत कम हो सकती है अब
देखने वाली बात यह है की इस सिंगल विंडो सिस्टम से उपभोक्ता को कितना फायदा होता
है यह तो समय ही बताएगा
मुख्यमंत्री श्री भूपेश
बघेल ने मध्यमवर्गीय परिवारों के मकान का सपना साकार हो सके इसके लिए कालोनी और
टाउनशिप के विकास हेतु अब सभी प्रकार की अनुमतियां और अनापत्ति प्रमाण पत्र एकल
विन्डों सिस्टम से देने के निर्देश दिए है। कलेक्टर कार्यालय में सिंगल विन्डो
सिस्टम से राजस्व, नगरीय प्रशासन और टाउन प्लानिंग आदि अन्य सभी विभागों से संबंधित
सभी प्रकार की अनुमतियां और अनापत्ति प्रमाण पत्र दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री
भूपेश बघेल ने इसके लिए आवास एवं पर्यावरण विभाग को एक माह के भीतर विस्तृत आदेश
जारी करने को कहा है।
ज्ञातव्य है कि बिल्डर्स एसोसिएशन ‘‘क्रेडाई‘‘ के सदस्यों द्वारा मुख्यमंत्री से भेंट कर यह जानकारी दी गयी कि
वर्तमान में किसी भी कालोनी और टाउनशिप के विकास के लिए राजस्व, नगरीय प्रशासन, टाउन प्लानिंग आदि विभिन्न विभागों से अलग-अलग
अनापत्तियां और अनुमतियां प्राप्त करने में 2 से 3 साल का समय लग जाता है। जिससे लागत बढ़ती है और
इसका सीधा भार मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ता है।
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस समस्या के निराकरण के लिए आवास
एवं पर्यावरण विभाग को नोडल विभाग घोषित करने के साथ ही सभी आवश्यक स्वीकृतियां
प्रदान करने के लिए जिला कलेक्टरों को अधिकृत करने को कहा है। इसके लिए प्रत्येक
कलेक्टर कार्यालय में अपर कलेक्टर को नोडल अधिकारी बनाया जाएगा। जहां बिल्डर सभी
विभागों से संबंधित आवेदन एकल विन्डों में प्रस्तुत करेंगे। यहां आवेदनों को पंजी
में दर्ज कर संबंधित विभागों को प्रेषित किया जाएगा। कलेक्टर प्रति सप्ताह
समय-सीमा की बैठक में इसके लंबित प्रकरणों की समीक्षा
करेंगे और अधिकतम तीन माह के भीतर सभी प्रकार की अनुमतियां एकल विन्डों सिस्टम से
अपर कलेक्टर के माध्यम से संबंधित को प्रदान की जाएंगी।




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