क्रिटिकल केयर कॉन्फ्रेंस आयोजक रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल
रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल रायपुर द्वारा इस कॉन्फ्रेंस को आयोजित किया गया था इस कॉन्फ्रेंस में देश के जाने-माने विशेषज्ञ डॉक्टरों के अलावा यूएसए में क्रिटिकल सर्जरी
के लिए प्रख्यात डॉक्टर गंगाराम को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया था डॉक्टर संदीप दवे ने बताया क्रिटिकल सर्जरी के लिए
प्रख्यात डॉक्टर गंगाधारण ने आमंत्रण को स्वीकार कर छत्तीसगढ़ आने का
आश्वासन दिया था और आज वह हमारे बीच में है डॉक्टर गंगाधारण ने अपने अनुभवों को उन तमाम डॉक्टरों के साथ शेयर किया जो इस तरह की बीमारियों से रोगियों को बचाने के लिए
निरंतर संघर्ष कर उनका जीवन बचा रहे है इस महत्वपूर्ण कॉन्फ्रेंस में पूरे देश से आए विशेषज्ञों ने 2 दिनों कॉन्फ्रेंस को सुचारू रूप से संचालित रखा कल शाम
को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मुख्य आतिथ्य में दीप
प्रज्वलित कर कॉन्फ्रेंस को शुरू किया गया था इसमें छत्तीसगढ़ के उत्सुक डॉक्टर जानकारी के लिए कल से ही कॉन्फ्रेंस
का हिस्सा बन गए थे आज भी कॉन्फ्रेंस में क्रिटिकल सर्जरी के
ऊपर विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिया जिससे छत्तीसगढ़ के डॉक्टरों को काफी लाभ प्राप्त हुआ
आज के जो महत्वपूर्ण टॉपिक थे उनमें चेस्ट ट्रॉमा को कैसे मैनिज किया जाये
जैसे विषयों पर काफी विस्तार से विशेषज्ञों ने अपनी बात रखी
विशेषज्ञों ने कहा कि जैसे Gun शाट इंजरी ,ब्लास्ट इंजरी,,बलंट इंजरी ,स्टैब
इंजरी
जेसी क्रिटिकल सर्जरी
को कैसे मैनेज किया जाए मरीज की कैसी देखभाल की जाए जिससे उसे इन बीमारियों से जल्द से जल्द छुटकारा मिल
सके
रएर बीमारी EDAC/
TBM
विशेष तौर पर
डॉक्टर गंगाधारण के द्वारा किए गए इस रोग पर आज का विषय फोकस था उन्होंने कहा सांस लेने से संबंधित इस बीमारी
पर अभी मेडिकल साइंस ने बहुत ज्यादा तरक्की नहीं की है लेकिन यह कॉफी खतरनाक किस्म की
बीमारी है जिससे सांस लेने में मरीज को बहुत तकलीफ होती है कभी-कभी मरीज बेहोश भी
हो जाता है क्योंकि इस बीमारी का इलाज अभी भारत में तो नहीं है विदेशों में डॉक्टर
गंगाधारण ने इस तकनीकी पर काम करके काफी सफलता हासिल की है उनका कहना है सांस की
नली के कमजोर होते ही यह बीमारी शुरू होती है लगातार लंबी खांसी आती है सांस लेने में तकलीफ होती है वैसे तो इस बीमारी से पीड़ित बहुत कम लोग ही होते हैं इसलिए भी इस बीमारी की जानकारी बहुत कम डॉक्टरों को है
उन्होंने विस्तार से बताते हुए कहा है कि इस बीमारी में श्वास नली का निचला हिस्सा
कमजोर हो जाने के कारण स्वास नली चिपक जाती है जिससे मरीज को सांस लेने
मैं काफी तकलीफ होती है श्वास नली
के साथ छेड़छाड़ करना बहुत ही क्रिटिकल होता है यह ऑपरेशन बहुत रिस्की भी होता है इसमें सफलता के बहुत कम चांस होते हैं फिर
भी डॉक्टर गंगा धरने इस पर बहुत काम करके इस बीमारी से लोगों को छुटकारा दिलाना
शुरू कर दिया है गंगाधर ने अभी तक तकरीबन 200 लोगों को इस बीमारी से निजात
दिलाया है यह बहुत ही क्रिटिकल ऑपरेशन होता है जिसको पूरे विश्व में दो या तीन
डॉक्टर ही कर पाते हैं गंगाधारण को अमेरिकी सरकार की तरफ से बेस्ट डॉक्टर का भी
अवार्ड इसीलिए दिया गया है कि इस तकनीकी से लोगों की जान बचाने का उन्हें सबसे
अधिक ज्ञान प्राप्त है डॉक्टर गंगा प्रेसवार्ता में बताया की छत्तीसगढ़ में
रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में जो विश्व स्तर की उपलब्ध उपलब्ध है यहां पर भी इस बीमारी का ऑपरेशन किया जा सकता है
लेकिन उसके लिए पूरी प्रशिक्षित टीम की आवश्यकता होती है एक ऑपरेशन में कम से कम 10 घंटे लगते हैं जो कि बिना किसी
रूकावट के लगातार किया जाता है इसके लिए एक लंबी संख्या में तकनीकी तौर से
प्रशिक्षित टीम की आवश्यकता होती है रामकृष्ण केयर के डॉक्टर संदीप दुबे के बारे
में भी उन्होंने इस प्रेस कांफ्रेस में चर्चा करते हुए कहा है की संदीप दवे इस
बीमारी से काफी दिनों से पीड़ित थे डॉ गिरीश अग्रवाल ने उनकी पूरी बायोग्राफी
तैयार कर जब गंगाधर्म को भेजी तो उन्होंने ऑपरेशन के लिए बुलवा लिया गया और अब डॉक्टर संदीप आज उस बीमारी से मुक्त होकर चैन की सांस ले रहे हैं |
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