मुख्यमंत्री ने किया ‘क्रिटिकाॅन 2019’ का शुभारंभ
रायपुर, /// क्रिटिकल केयर और मेडिसीन विषय पर
राजधानी रायपुर में आज से प्रारंभ हुई डाॅक्टरों की दो दिवसीय काॅन्फ्रेंस ‘क्रिटिकाॅन 2019’ में राज्य शासन की
फ्लैगशिप योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी पर भी चर्चा हुई। डाॅक्टरों ने मुख्यमंत्री से आग्रह कर इस
योजना के बारे में जानकारी ली और योजना में गहरी रूचि दिखाई। मुख्यमंत्री श्री
भूपेश बघेल नई दिल्ली से रायपुर लौटने के बाद सीधे विमानतल से इस काॅन्फ्रेंस में
पहुंचे। उन्होंने काॅन्फ्रेंस का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने काॅन्फ्रेंस में कहा
कि राज्य सरकार का यह प्रयास है कि सबके लिए स्वास्थ्य का लक्ष्य जल्द पूरा हो। इस
लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी की भागीदारी जरूरी है। लोगों को बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों में
भी सहज-सरल उपचार के लिए ज्यादा दूर नहीं जाना पड़े। उन्होंने क्रिटिकाॅन 2019 के आयोजन की सराहना
की। मुख्यमंत्री ने इस काॅन्फ्रेंस में आए देश-विदेश के चिकित्सकों का स्वागत
किया।
मुख्यमंत्री ने काॅन्फ्रेंस में नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना पर
विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के
दौर में केवल छत्तीसगढ़ या भारत देश ही नहीं, पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है। इस
योजना में नरवा के अंतर्गत नालों को रिचार्ज कर पानी सहेजने, गरूवा के माध्यम से
पशुधन का जतन कर उन्हें किसानों के लिए लाभप्रद बनाने, घुरवा के माध्यम से
कम्पोस्ट, वर्मी खाद और गोबरगैस के उत्पादन को बढ़ावा और बाड़ी योजना के माध्यम
से कुपोषण की चुनौती का मुकाबला किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सक यह
भलीभांति जानते हैं कि खेती किसानी में रासायनिक खाद और पेस्टीसाइड के बढ़ते उपयोग
से नई-नई बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना जैविक खेती को बढ़ावा देकर
बीमारियों को कम करने कृषि उत्पादों का लागत मूल्य कम करने और खेती-किसानी को
लाभप्रद बनाने तथा पर्यावरण और सेहत सुधारने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। श्री
बघेल ने बताया कि प्रदेश के सभी गांवों में अगले पांच वर्षों में गौठान निर्माण की
योजना पर राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है। हर गांव में तीन से पांच एकड़ में
गौठान और पांच से दस एकड़ में चारागाह विकसित कर पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की
जाएगी। गौठानों में पानी और चारे की व्यवस्था के साथ कम्पोस्ट, वर्मी खाद का
उत्पादन होगा और गोबर गैस प्लांट लगाए जाएंगे। गौठानों में पशुओं के रहने से फसलों
को बचाने में आसानी होगी।
रामकृष्ण केयर द्वारा इंडियन मेडिकल
एसोसिएशन (आईएमए), एसोसिएशन आॅफ फिजिशियन आॅफ इंडिया (एपीआई) और इंडिया सोसायटी आॅफ
क्रिटिकल केयर मेडिसीन (आईएससीसीएम) के सहयोग से इस काॅन्फ्रेंस का आयोजन किया
गया। विधायक श्री विकास उपाध्याय,
नगर निगम रायपुर के महापौर श्री
प्रमोद दुबे विशेष अतिथि के रूप में काॅन्फ्रेंस में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने
अमेरिका से आए डाॅ. गंगाधरन को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। रामकृष्ण केयर
अस्पताल के एम.डी. डाॅ. संदीप दवे ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर डाॅ. तनुश्री
सिद्धार्थ, डाॅ. अब्बास नकवी,
डाॅ. महेश सिन्हा, डाॅ. फिरोज मेमन, डाॅ. अनिल जैन और
डाॅ. विशाल भी उपस्थित थे।




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