तीन पुलिस की गिरफत में जांच जारी
कोयला लोडिंग में लाखो का हेर फेर

सतीश सिंह पूर्व अध्यक्ष ट्रक ओनर संघ
कोयला लोडिंग में लाखो का हेरा फेरी तीन पुलिस की गिरफत में जांच जारी
ब्रजराजनगर 08/12/2023 / एमसीएल की इब वेली एरिया इन दिनों पूरे जिले में चर्चा का केंद्र बन पड़ा है। इस एरिया के अंतर्गत दो खदान आता है एक समलेश्वरी तथा दूसरा लजकुरा विगत दिनों इन दोनो ही खदान लोगो की जुबान पर है और यह चर्चा है यहां पर होने वाले ट्रको से कोयला परिवहन पर जबरदस्त उगाही की जानकारी के अनुसार इब वेली एरिया के लाजकुरा खुली खदान से दो दिन पहले ही स्थानीय पुलिस प्रशासन ने तीन युवकों को उगाही करते हुए गिरफ्तार किया यह उगाही उनके द्वारा ब्रजराजनगर ट्रक एसोसिएशन के नाम पर की जा रही थी जिसे पुलिस ने पकड़ कर केस नंबर 338/23 u/s 386/34आई पी सी के तहत केश दर्ज कर जेल भेज दिया वही इनके पास से 2000, हजार रुपए नगद तथा ब्रजराजनगर ट्रक एसोसिएशन का कुछ कागजात भी जब्त किया इस संदर्भ में ट्रक मालिक संघ के पूर्व अध्यक्ष सतीश सिंह से जब जानकारी चाही तो उनका कहना था की उसे उसके ड्राइवर के बताने तथा शिकायत करने के अनुसार विगत अनेक वर्षों से यह अवेध उगाही की जा रही है सिंह ने बताया की हर ट्रक के लोडिंग के पीछे खदान के बंकर वाले बाबू बीस रुपए तथा निजी सिक्योरिटी गार्ड को दस रुपए देना पड़ता है यही नहीं इसके साथ और भी अवेध वसूली की जाती है यदि कोई वाहन मालिक यह पैसा नही देता है तो उसकी गाड़ी को कोयला लोड नही करने दिया जाता सतीश सिंह ने बताया की यही हाल समलेश्वरी खुली खदान का भी है। यहां भी गाड़ी लोडिंग के नाम पर कुछ निर्दिष्ट लोग तथा कुछ अधिकारी को पैसा देना ही पड़ता है।इस संदर्भ में जब लजकुरा खुली खदान के परियोजना अधिकारी सुमंत पुष्टि को अनेक बार फोन करने पर भी उन्होंने फोन उठाना वाजिब नहीं समझा इसी संदर्भ में लजाकुरा परियोजना के प्रबंधक अरविंद कुमार वर्मा से पूछा तो उन्होंने कहा की मुझे आए हुए मात्र एक माह ही हुए है और मेरा कार्य छेत्र खदान के अंदर है मुझे इस विषय में कुछ भी नही मालूम और ना ही मेरे पास कोई शिकायत ही आई है।इसी संदर्भ में जब इब वेली एरिया के मुख्य कार्मिक प्रबंधक एस के सेठी से पूछा तो उनका ज़बाब बड़ा ही आश्चर्य जनक था की उनको इस विषय में कोई जानकारी ही नहीं है। यदि किसी कंपनी के खदान से अवेध वसूली करते हुए तीन व्यक्ति को पुलिस पकड़ कर जेल भेज दिया हो तथा यह वसूली पिछले काफी समय से चला आ रहा हो और तो और यदि बंकर में कार्यरत कर्मचारी को भी बीस रुपए प्रति ट्रक मिल रहा हो पर वहां के किसी भी अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं हो यह बात गले नही उतरती है।मालूम हो दोनो ही कोल परियोजना से रोजाना करीब पांच सो गाड़ियों से ऊपर कोयला परिवहन किया जाता है और अगर दूसरे अवेध वसूली को छोड़ भी दिया जाए और सिर्फ बंकर के बीस तथा निजी सुरक्षा कर्मी वाला दस रुपए भी जोड़ा जाए तो यह रोजाना करीब पंद्रह हजार से ऊपर होता है जो की हर महीने पांच लाख के आस पास की वसूली हो रही है जबकि दूसरे तरह से भी जबरदस्त वसूली की जा रही है तो फिर ये सब पैसा जाता कहां है और इसे कौन कौन भाग बांटा करता है यह एक जांच का विषय है इसी संदर्भ में कोयला ट्रांसपोर्टर संतोष मिश्रा का कहना था की कोई भी अवेध वसूली गलत है और यह बंद होना चाहिए इस तरह की अवेध वसूली से समाज में क्राइम बढ़ता है।इस लिए इसकी उचित जांच होनी चाहिए। दूसरे तरफ इस विषय में खदान के ही एक कर्मचारी ने अपना नाम ना छापने की शर्त बताया की खदान में हर माह लाखो के वारे न्यारे होते है तो वही ट्रक मालिक संघ द्वारा भी जबरदस्त वसूली की जाती है यह पैसा कुछ एमसीएल अधिकारी के पास कुछ नेताओ के पास तो कुछ अन्य लोगो के पास भी जाता है और उसमे सभी बड़े अधिकारियों को भी जानकारी और हिस्सा होता है मगर इब वेली के कार्मिक प्रबंधक तथा अधिकारियों का बगुला भगत बनना आश्चर्य चकित करता है।वही कुछ लोगो ने तो एमसीएल के सतर्कता विभाग के ऊपर भी प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा की हर माह लाखो की वसूली होने के वावजूद भी एमसीएल के सतर्कता विभाग तथा भ्रष्टाचार निरोधक संस्था का मौन रहने का मतलब समझ के बाहर है।लोगो ने इस अवेध वसूली करने वाले इन छोटे कर्मचारियों के बजाए बड़ी मछली को पकड़ने के लिए राज्य सरकार तथा कोल मंत्रालय से मांग की है।




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