नरेन्द्र कुमार वर्मा
(नई दिल्ली, ब्यूरोचीफ)
नई दिल्ली 20 /10 /2023//// हीरानंदानी समूह के संस्थापक निरंजन हीरानंदानी के बेटे और हीरानंदानी ग्रुप के सीईओ दर्शन हीरानंदानी के एक पत्र से दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में हलचल मची हुई है। हीरानंदानी ग्रुप देश भर में टाउनशिप, आईटी पॉर्क, इंफ्रास्ट्रक्टर और बड़ी बहुउद्देशीय परियोजनाओं की स्थापना में जान-माना नाम है। दर्शन हीरानंदानी ने एक मामले में सरकारी गवाह बनने के बाद जो बयान जारी किया है उसे लेकर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा बुरी तरह से घिरती जा रही है। दर्शन हीरानंदानी ने कहा हैं कि टीएमसी सांसद के सरकारी ई-मेल का एक्सेस भी उसके पास था। सांसद के संसदीय ई-मेल के लॉगइन का इस्तेमाल करना और प्रधानमंत्री एवं अडानी समूह के बारे में संसद में सवाल उठाने के लिए टीएमसी सांसद को पैसे देने का आरोप दर्शन हीरानंदानी ने लगाया है। हीरानंदानी ने दावा किया की महुआ मोइत्रा ने अपनी ई-मेल आई डी को उनके साथ साझा किया ताकि वह उसका उपयोग करके उन्हें जानकारी भेज सकें। दर्शन हीरानंदानी ने मोइत्रा पर आरोप लगाए कि उन्होंने कथित रिश्वत के तौर पर सांसद को महंगे गिफ्ट, विलासता की वस्तुएं, यात्रा सुविधाएं, विदेशी भ्रमण, और उनके दिल्ली स्थित निवास के नवीनीकरण के लिए भी खर्चा किया। दर्शन हीरानंदानी के आरोप के बाद टीएमसी सांसद ने अपने बचाव के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जबकि भाजपा सांसद निशिकांत दूबे ने इस मामले को लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष रखते हुए आरोप लगाया है कि मोइत्रा ने पैसा लेकर संसद में सवाल उठाए थे।
हीरानंदानी ने सरकारी गवाह बनने के बाद दिए गए शपथपत्र में कहा हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की छवि और उद्योगपति गौतम अडानी को बदनाम करने के लिए मोइत्रा को उन्होंने कई बार रिश्वत देने का काम किया। हीरानंदानी ने कहा कि संसद में जब अडानी समूह के खिलाफ मोइत्रा ने सवाल उठाए तो उन्हें मीडिया में अच्छी प्रतिक्रिया मिली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अडानी समूह के खिलाफ अनवैरिफाइड जानकारी को सुचेता दलाल, शार्दुल श्राफ, पल्लवी श्राफ जैसे लोग एवं बीबीसी, फाइनेंशियल टाइम्स, न्यूयार्क टाइम्स जैसे मीडिया समूहों से जुड़े पत्रकार भी उन्हें दे रहे थे। दर्शन हीरानंदानी के सरकारी गवाह बनने के बाद सांसद मोइत्रा के खिलाफ संसद की एथिक्स कमेटी भी 26 अक्टूबर को सुनवाई करने वाली है।
हीरानंदानी समूह के साथ महुआ मोइत्रा के संबंध 2017 में हुए थे। पश्चिम बंगाल में हुई एक ग्लोबल बिजनेस समिट में दर्शन हीरानंदानी के साथ उनकी मुलाकात हुई थी। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती दर्शन हीरानंदानी के साथ बढ़ती चली गई। गुजरात में स्थापित होने वाले एक बहुउद्देशीय ऊर्जा प्रोजेक्ट के बाद हीरानंदानी समूह को लगा कि उन्हें यह प्रोजेक्ट अडानी समूह के कारण नहीं मिला। जब इस मामले में उन्होंने टीएमसी सांसद से बात की तो टीएमसी सांसद ने उन्हें भरोसा दिया कि वह सारी शिकायत और जानकारी उन्हें मेल कर दें फिर वह संसद में इस मामले को उठा कर अडानी और प्रधानमंत्री को घेरने का काम करेंगी।
दर्शन हीरानंदानी के सरकारी गवाह बनने के बाद टीएमसी सांसद ने आरोप लगाया हैं कि सीबीआई के समक्ष दिया गया यह शपथपत्र फेक है। जिसे जबरदस्ती लिखवाया गया है। दूसरी तरफ भाजपा का कहना हैं कि टीएमसी सांसद प्रधानमंत्री की छवि को बिगाड़ने के लिए उद्योगपतियों से पैसा लेकर संसद में सवाल उठाती थीं।
(लेखकः दिव्यदूत के दिल्ली स्थित ब्यूरोचीफ हैं)




Copyright @ 2020 All Right Reserved | Powred by Divyadoot
Comments