रायगढ़ 06 /09/ 2023///// इक्कीस उम्मीदवारों की सूची जरी कर बीजेपी ने जो जोखिम मोल लिया था उसके परिणामों को देखते हुए बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व ने निर्णय लिया है कि अब चुनाव की अधिसूचना के बाद ही बाकी उम्मीदवारों की घोषणा की जाएगी जहां-जहां स्वयंभू नेता यह कह रहे हें कि उनकी टिकिट फाइनल हो गई है पर विराम लगा दिया है शक्त आदेश जरी कर कहा गया हे की इस तरह की गतिविधिओ में लिप्त कथित उम्मीदवार ध्यान दें अफवाहें ना फेलायें जब तक अधिकृत सूची जरी ना हो कोई भी उम्मीदवार क्षेत्र में चाहे कितना भी बड़ा नेता किओं ना हो अनुशासन के दायरे में रहे क्षेत्र से मिल रही सूचनाओं के आधार पर रायगढ़ में ओ पी चौधरी ने जिस तरीके से अपने लोगों को मोबाइल पर यह सूचना दी की मेरी उम्मीदवारी तय हो गई है को लेकर उनके सदस्यों दुवारा बैनर पोस्टर वाल चकिंग करने लगे ही थे पर घोर आपत्ति दर्ज करते निगरानी समिति ने कहा है की यह नहीं चलेगा
रायगढ़ विधानसभा को लेकर बाहरी उम्मीदवारी की घोषणा से जनाक्रोश काफी बड़ गया है जानकार रणनीतिकारों का का कहना है ओ पी चौधरी बड़े नेता हैं उन्हें विधानसभा लड़ने से बेहतर है वो लोकसभा का चुनाव लड़कर अपना राजनेतिक भविष्य सुरक्षित करें विधानसभा ना लड़ने के पीछे ठोस कारण भी बता रहे हें की खरसिया से चुनाव हारने के बाद रायगढ़ में अगर चुनाव हार गए तो क्या होगा जबकी रायगढ़ चुनाव हारना साफ दिखाई दे रहा है हारते ही उनके राजनीतिक कैरियर पर प्रश्नचिन्ह लग जाएगा ओ पी चौधरी अच्छी खासी नौकरी छोड़कर राजनीति में आए हें सो उन्हें अपने विवेक से फैसला लेना चाहिए ना कि उन लोंगो की सलाह मानना चाहिए जो आज तक चुनाव लाडे ही नही ओ पी चौधरी के रायगढ़ से चुनाव हारने के बहुत कारण हैं पर जीतने की संभावना बहुत ही कम दिखाई दे रही है ऐसी परिस्थिति जहां उन्हें भीतरघात का सामना करना पड़ेगा वहीँ कांग्रेस के दावपेंचों के आगे ओ पी कहीं ठहर नहीं पाएंगे आज ही मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा है की हम आने वाले कांग्रेस के कार्यकाल में धान 3600 सो रूपये में खरीदेंगें जिसका जबाब बीजेपी के पास नहीं हे इस धोषणा के बाद बडे बड़े नेता चुनाव ना लड़ने का मन बना रहे हें एसे में ओ पी कंहा किस्मत अजमा रहे हें




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