दिव्य-दूत

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आजादी की लड़ाई से न्याय और लोकतंत्र का अमृत निकला >>> मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

Anil Choubey 16-08-2023 10:21:16


***** आजादी की 76 वीं वर्षगांठ: मुख्यमंत्री ने राजधानी रायपुर के  पुलिस परेड ग्राउंड में किया ध्वजारोहण : प्रदेशवासियों को दी महत्वपूर्ण अनेक सौगातछत्तीसगढ़ के विकास मॉडल ने देश को भी दिखाई नई दिशा नवा छत्तीसगढ़ में हर जगह आई खुशहाली, पौने पांच सालों में लोगों के बैंक खाते में डाले गए एक लाख 60 हजार करोड़ रूपए  गांव, खेतों, पर्यावरण और आजीविका में सुधार की दृष्टि से देश और दुनिया में सराही गई हमारी ‘सुराजी गांव योजना’छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज की संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की प्रभावी पहलहमारी ’आवास न्याय योजना’ साबित होगी न्याय यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी सम्मान के अंतर्गत तीन श्रेणियों में दिए जाएंगे पुरस्कारमहिलाओं से छेड़छाड़ और दुष्कर्म आदि के आरोपियों के लिए शासकीय नौकरी  प्रतिबंधितरेशम कीट एवं मधुमक्खी पालन को कृषि का दर्जाकुक्कुट पालकों को रियायती दर पर बिजलीविकासखण्ड मुख्यालयों में मेडिकल एवं इंजीनियरिंग परीक्षाओं की ऑनलाईन कोचिंग दी जाएगीएआई और मशीन लर्निंग भी स्कूली पाठ्यक्रम में होंगे शामिलहर जिले में कम से कम एक कॉलेज में पोस्ट-ग्रेजुएट कक्षाएं शासकीय महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क परिवहन सुविधाछत्तीसगढ़ी भाषा एवं आदिवासी क्षेत्रों की स्थानीय बोलियां प्राथमिक शाला पाठ्यक्रम में शामिलस्वच्छता दीदी और सामुदायिक संगठक के मानदेय में 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरीनिर्माण श्रमिकों को जीवन पर्यन्त 1500 रूपए मासिक पेंशनआईटीआई के संविदा प्रशिक्षण अधिकारियों तथा मेहमान प्रवक्ताओं के वेतन में बढ़ोत्तरीस्कूलों के अंशकालीन सफाईकर्मी एवं रसोइयों के मानदेय में 500 रूपए प्रतिमाह वृद्धि *******

 

रायपुर, 15 अगस्त 2023/ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज भारत की आजादी की 76वीं वर्षगांठ के पावन और गौरवशाली अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में ध्वजारोहण करने के बाद प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दिए अपने संबोधन में साहित्यिक वातावरण को सुदृढ़ करने तीन श्रेणियों में छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी सम्मान देने की घोषणा की। इनमें पहली श्रेणी अंतर्गत छत्तीसगढ़ी तथा अन्य बोली जैसे गोंडी, हल्बी, सरगुजिया में लिखे गए साहित्य के लिए, दूसरी श्रेणी के अंतर्गत हिंदी पद्य के लिए तथा तृतीय श्रेणी के अंतर्गत हिंदी गद्य के लिए हर श्रेणी में सम्मानित साहित्यकारों को पांच लाख रूपए नगद एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने बालिकाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म आदि के आरोपियों को शासकीय नौकरियों में प्रतिबंधित करने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़िया ओलंपिक राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में लंबी कूद, 100 मीटर दौड़ एवं कुश्ती के खेल में 18 से 40 वर्ष की आयु वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को उत्कृष्ट खिलाड़ी घोषित करने की घोषणा की, यह प्रावधान इसी सत्र से लागू होगा। रेशम कीट पालन एवं मधुमक्खी पालन को भी कृषि का दर्जा देने की घोषणा की। कुक्कुट पालन को प्रोत्साहित करने ’कुक्कुट पालन प्रोत्साहन योजना’ आरंभ हुई। इसमें कुक्कुट पालकों को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध होगी। दूरस्थ क्षेत्रों के शासकीय शालाओं के 11वीं, 12वीं के विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग हेतु देश की ख्याति प्राप्त संस्थाओं द्वारा सभी विकासखण्ड मुख्यालयों में ऑनलाईन कोचिंग की व्यवस्था की जाएगी। सभी जिलों में कम से कम एक कॉलेज में पोस्ट-ग्रेजुएट कक्षाओं में अध्ययन की सुविधा उपलब्ध होगी। इस क्रम में शासकीय लोचन प्रसाद पाण्डेय महाविद्यालय सारंगढ़, डॉ. भंवर सिंह पोर्ते महाविद्यालय पेण्ड्रा, क्रांतिकुमार भारती महाविद्यालय सक्ती, एल.सी.एस महाविद्यालय अंबागढ़ चौकी को स्नातकोत्तर महाविद्यालय का दर्जा प्रदान करने की घोषणा की। यहां अतिशीघ्र आवश्यक नवीन विषय एवं पद संरचना उपलब्ध कराई जाएगी। 

अगले शिक्षा सत्र से स्कूली बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी तकनीकी जानकारी पाठ्यक्रम में शामिल की जाएगी। शासकीय महाविद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को घर से कॉलेज आने-जाने के लिए बस की निःशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। अगले सत्र से छत्तीसगढ़ी भाषा एवं आदिवासी  क्षेत्रों के स्थानीय बोली को कक्षा पहली से कक्षा पांचवीं तक पाठ्यक्रम के एक विषय के रूप में सम्मिलित किया जाएगा। शहरी स्वच्छता दीदी और सामुदायिक संगठकों के मानदेय में 20 प्रतिशत बढ़ोत्तरी की घोषणा भी की। निर्माण श्रमिकों के लिए मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना अंतर्गत 60 वर्ष पूरी करने वाले तथा 10 साल तक पंजीकृत रहे श्रमिकों को जीवन पर्यन्त हर महीना 1500 रूपए मासिक पेंशन दी जाएगी। आईटीआई में कार्यरत संविदा प्रशिक्षण अधिकारियों के एकमुश्त संविदा वेतन को 25780 रूपए से बढ़ाकर 32740 रूपए करने तथा मेहमान प्रवक्ताओं के प्रति माह अधिकतम भुगतान की सीमा को 13 हजार रूपए से बढ़ाकर 15 हजार रूपए करने की घोषणा की गई। साथ ही छत्तीसगढ़ में शिक्षा सुविधाओं में योगदान देने वाले अंशकालीन सफाई कर्मी एवं मध्यान्ह भोजन से जुड़े रसोईयों के मानदेय में 500 रूपए प्रति माह वृद्धि की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जनता के नाम अपने स्वतंत्रता दिवस संदेश में कहा कि भारत की आजादी की लड़ाई से न्याय और लोकतंत्र का अमृत निकला। वास्तव में यह मानवता को तरह-तरह के अत्याचारों और अन्यायोें से मुक्त कराने की बड़ी लड़ाई थी, जिसका संदेश पूरी दुनिया में गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एक नया सफर शुरू हुआ है, जिसमें हमने नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने का जो संकल्प लिया था, उसे पूरा करने का काम जी-जान से कर रहे हैं। यही वजह है कि प्रदेश के वन अंचल से लेकर कस्बों, गांवों, शहरों में, हर जगह खुशहाली आई है। हमने छत्तीसगढ़ में सभी वर्गों का स्वाभिमान और और स्वावलंबन बढ़ाने के लिए 1 लाख 60 हजार करोड़ रूपए से अधिक की राशि विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लोगों के बैंक खातों में प्रदान की है। विकास का हमारा ‘छत्तीसगढ़ मॉडल’ प्रदेशवासियों के लिए उम्मीदों की नई किरणें लेकर आया है, साथ ही देश को भी नई दिशा देने में सफल रहा है। हम सब मिलकर ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ का लक्ष्य पूरा करेंगे।

 

अमर शहीदों को नमन

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि आजादी की लड़ाई में लाखों लोगों ने अपनी जान की बाजी लगा दी थी। इसमें छत्तीसगढ़ का नाम अग्रिम पंक्ति में दर्ज कराने वाले अमर शहीद गैंदसिंह, शहीद वीर नारायण सिंह जैसे महान सपूतों का पावन स्मरण करते हुए मैं सभी अमर शहीदों को नमन करता हूं। मंगल पाण्डे, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां, रानी लक्ष्मीबाई, रानी अवंतिबाई लोधी जैसी हजारों विभूतियों की शहादत हमें देश के लिए सर्वाेच्च बलिदान की प्रेरणा देती रहेगी। हमारा सौभाग्य है कि आजादी की लड़ाई का नेतृत्व करने वाले अनेक महान नेता आजाद देश के नवनिर्माण का नेतृत्व भी करते रहे। मैं उन पुरखों को याद करते हुए नई पीढ़ी को बलिदान और योगदान की गौरवशाली विरासत से जोड़ना चाहता हूं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, डॉ. भीमराव अम्बेडकर, लाल बहादुर शास्त्री, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, लाल-बाल-पाल, मौलाना अबुल कलाम आजाद जैसी विभूतियों ने राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व दिया था।

वहीं वीर गुण्डाधूर, पं. रविशंकर शुक्ल, ठाकुर प्यारेलाल सिंह, बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव, डॉ. खूबचंद बघेल, पं. सुंदरलाल शर्मा, डॉ. ई. राघवेन्द्र राव, क्रांतिकुमार, बैरिस्टर छेदीलाल, लोचन प्रसाद पाण्डेय, यतियतन लाल, डॉ. राधाबाई, पं. वामनराव लाखे, महंत लक्ष्मीनारायण दास, अनंतराम बर्छिहा, मौलाना अब्दुल रऊफ खान, हनुमान सिंह, रोहिणीबाई परगनिहा, केकतीबाई बघेल, श्रीमती बेलाबाई, इंदरू केंवट, उदय राम वर्मा, खिलावन बघेल, घसिया मंडल जैसे अनेक स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान भी स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। मैं इन सभी को सादर नमन करता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास भारतवासियों की एकता की स्याही से लिखा गया है। देश में जाति-धर्म-सम्प्रदाय-संस्कृति आदि विविधताओं के बावजूद भारतवासियों में साथ रहने और साथ मिलकर चुनौतियों का सामना करने की अद्भुत क्षमता रही है। सर्वधर्म समभाव वाली हमारी एकजुटता के कारण भारत की एकता और अखण्डता मजबूत बनी रही। आजाद भारत का गौरवशाली संविधान कहता है कि भारत देश राज्यों का संघ है, इसीलिए भारत सरकार को संघ की सरकार कहा गया है। इसका मतलब है कि कोई एक राज्य भी यदि संकट में है तो यह उस राज्य की निजी समस्या नहीं बल्कि पूरे देश की चिंता का विषय है। आज मैं इस मंच से संकटग्रस्त सभी राज्यों की चिंताओं में छत्तीसगढ़ की सहभागिता व्यक्त करता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी और संविधान प्रदत्त अधिकार सबके लिए हैं और जब तक सब भारतवासी उनका समुचित उपयोग कर पाएंगे, तभी तक हमारी आजादी सुरक्षित रह पाएगी। प्रत्येक राज्य को और देश के प्रत्येक नागरिक को सशक्त बनाकर ही देश को मजबूत बनाया जा सकता है। यही कारण है कि हमने छत्तीसगढ़ में हर व्यक्ति और हर वर्ग को न्याय दिलाने का संकल्प लिया।

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