कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के
अध्यक्ष डॉ राकेश गुप्ता ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह
देव को एक सुझाव पत्र जारी किया है उस पत्र में उन्होंने डॉक्टरों और इस पेशे से जुड़े हुए उन तमाम लोगों की
संवेदनशील भावनाओं को अवगत कराते हुए लिखा है कि छत्तीसगढ़ शासन के दूसरे विभागों
में दी जाने वाली सेवाओं में और स्वास्थ्य सेवा से जुड़े डॉक्टर और कर्मियों की
सेवाओं में बहुत अंतर है स्वास्थ्य से जुड़े कर्मी संवेदनशील होने के नाते जनता की
सीधी सेवा करते हैं लेकिन अफसोस है कि इस सीधी जनसेवा के बावजूद उनके वेतनमान और बाकी विभागों के
वेतनमान में बहुत अंतर है पिछले कई बार डॉक्टरों ने कर्मियों ने इस बात को लेकर
संचालकों की कुर्सी पर बैठे आईएएस अधिकारियों को अवगत कराया है लेकिन दुर्भाग्य है
आईएएस अधिकारियों की समझ में यह बात नहीं आ रही है लेकिन जॉब
उनकी
तनख्वाह भत्ते और सुविधाओं का मामला हो तो
उसे तत्काल प्रभाव से पारित करवा लेते हैं
लेकिन जनहित कार्यों से जुड़े हुए सबसे संवेदनशील स्वास्थ्य विभाग को लेकर आईएएस गंभीर नहीं है जब भी इस ओर
स्वास्थ्य कर्मी उनको ध्यान दिलाते हैं उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता है
यह भी पहली बार हो रहा है कि किसी राजनीतिक दल के चिकित्सा
प्रकोष्ठ का अध्यक्ष एक डॉक्टर है और उसने इस संवेदनशील मुद्दे को अच्छी तरीके से
समझ कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टीएससी देव को इस मामले में हस्तक्षेप कर समान
वेतन वृद्धि की मांग दोहराई है राकेश गुप्ता का कहना है की
छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत सभी अंगों क मेडिकल टीचर्स ,शासकीय डॉक्टरों, जूनियर डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ, स्वास्थ्य कर्मचारियों के एक साथ समान तर्क सम्मत अनुपात में वेतन वृद्धि का आग्रह. पिछले दिनों यह ज्ञात हुआ है कि छत्तीसगढ़ शासन रायपुर मेडिकल कॉलेज में हुई हड़ताल पश्चात जूनियर डॉक्टर्स की स्टाइपेंड की राशि में वृद्धि करने जा रहा है. माननीय महोदय, आपसे अनुरोध है कि स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर परिवर्तन लाने के लिए मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों, शासकीय डॉक्टरों, जूनियर डॉक्टर्स ,नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मचारियों के वेतनमान में पुनरीक्षण कर एक समान तर्क सम्मत अनुपात में बढ़ाए जाने की जरूरत है ताकि सभी वर्गों के कार्य क्षमता को एक साथ पर्याप्त सम्मान दिया जा सके . आशा है इस सुझाव पर आपके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की सरकार विचार करके तर्क सम्मत निर्णय लेगी
कर एक समान तर्क सम्मत अनुपात में बढ़ाए जाने की जरूरत है ताकि सभी वर्गों के कार्य क्षमता को एक साथ पर्याप्त सम्मान दिया जा सके . आशा है इस सुझाव पर आपके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की सरकार विचार करके तर्क सम्मत निर्णय लेगी




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