रायपुर/
कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कश्मीर मामले में किये गये दावे को
लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। मोदी के मामले ट्रम्प के बयान पर
प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने
कहा है कि अगर ट्रंप का दावा सही है तो पीएम मोदी ने भारत के हितों के साथ दगाबाजी
की है। राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि पीएम मोदी ने उनसे कश्मीर पर भारत और पाकिस्तान
के बीच मध्यस्थता करने को कहा है। अगर ये सही है,
तो पीएम मोदी ने भारत के हितों और 1972 के शिमला समझौते के साथ धोखा
किया है। मोदी सरकार में बेहद कमजोर बन चुके विदेश मंत्रालय का खंडन इस महत्वपूर्ण
मामले में ही काफी नहीं है। पीएम मोदी को देश को बताना चाहिए कि ट्रंप और उनके बीच
बैठक में क्या हुआ था? अमेरिका को मध्यस्थता के लिये प्रधानमंत्री
द्वारा आमंत्रित किये जाने में सच्चाई क्या है?
प्रदेश
कांग्रेस के महामंत्री एवं संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है
कि कश्मीर मामले में पाकिस्तान हमेशा तीसरे देश को मध्यस्थ बनाने की नापाक कोशिश करता
रहा है। भारत ने हमेशा कश्मीर मामले में किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता का विरोध
ही किया है। 1971 के भारत-पाक युद्ध में भारत की निर्णायक जीत के बाद और इंदिरा जी
द्वारा पाकिस्तान विभाजन कर बांग्लादेश को आजाद करवाया था। पाकिस्तान के 90 हजार युद्धबंदी
भारत की कैद में थे। 1971 के युद्ध के बाद में पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री
जुल्फीकार अली भुट्टो ने भारत आकर 1972 का शिमला समझौता किया था जिसमें पहली बार पाकिस्तान
ने कश्मीर मसले पर द्विपक्षीय बातचीत को विवशता में स्वीकार किया था। राष्ट्रपति ट्रम्प
के अनुसार तो अब मोदी जी के बयान ने देश के हितों को अपूरणीय क्षति पहुंचा ही दी है।
अमेरिकन राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे कश्मीर मामले में
भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता करने को कहा था। अगर ट्रम्प सच बोल रहे है तो मोदी
जी ने ऐसा करने भारत के हितों को नुकसान पहुंचाया है।




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