रायपुर, / भाजपा की सरकार
द्वारा लिए गए उन निर्णयों पर रोक लगाते हुए भूपेश बघेल
सरकार ने जनहित में निर्देश दिया है कि छोटे भूखंड 5000 स्क्वायर फीट तक के उनका नामांकन बटन कन
सिलसिलेवार तरीके से कर जनता को राहत दी जाए रमन सरकार ने बड़े बिल्डर
और भू माफियाओं के हित में इस रोक पर रोक
लगा रखी थी जिसने आमजन नागरिकों
को बहुत दुखी कर रखा था इस पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने अत्यंत ही
संवेदनशील निर्णय लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया है कि अभिलंब छोटे भूखंड
के नामंत्रण डायवर्सन पर लगी रोक को हटाते हुए उनका सरलीकरण कर जनहित में जनता को
राहत दे
मुख्यमंत्री श्री
भूपेश बघेल ने पांच हजार वर्गफीट तक के छोटे भू-खण्डों डायवर्सन प्रकरणों के
निराकरण होने वाले विलंब की शिकायतों को गंभीरता से लिया है और इनके निराकरण में
तेज गति लाने के निर्देश दिए हैं। श्री बघेल ने ऐसे छोटे भू-खण्डों डायवर्सन
प्रक्रिया के सरलीकरण करने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के मुख्य सचिव
को ऐसे भू-खण्डों के डायवर्सन प्रकरणों को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में
लाकर उनका समय-सीमा के भीतर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस कार्य के लिए
आवश्यक कार्रवाई एक माह के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी संज्ञान
लिया है कि रजिस्ट्री के आधार मात्र पर भूमि के क्रेता के नाम पर नामांतरण करने के
निर्देश करने के बाद भी अभी भी अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री ने इस
संबंध में राजस्व विभाग के अधिकारियों को इनके निराकरण विलंब दूर करते हुए तेजी
लाने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने इस संबंध में अधिकारियों से राज्य में
नामांतरण के लंबित प्रकरणों की 15 दिनों के भीतर
समीक्षा कर जानकारी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।




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