दिव्य-दूत

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अमृत काल में नया संसद भवन का उपहार है >> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

Anil Choubey 28-05-2023 19:26:27


भव्य हवन पूजन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नए संसद भवन संसद भवन राष्ट्र को समर्पित किया

  

 नई दिल्ली 28/05/203  /////  जब पूरा देशआजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है तो इस  स्वर्णिम काल में 28 मई को प्रधानमंत्री मोदी ने देश के नए संसद भवन का लोकार्पण करते हुए देश को सौंप दिया है, यह ऐतिहासिक क्षण है जब हम मेक इन इंडिया द्वारा बनाए गए अपने संसद भवन को आज जनता के लिए समर्पित कर दिया गया है ,नई संसद भवन की आधुनिकता पर बहुत लंबा चौड़ा लिखा जा सकता है लेकिन संसद की बैठक व्यवस्था से लेकर पेपर लेश तकनीकी का उपयोग किया गया है इस संसद में 

नए संसद भवन के उद्घाटन के साथ शुरू होने वाली कुछ नई परंपराओं में सेंगोल की स्थापना शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को तमिलनाडु के अधिनम मठ से सेंगोल को स्वीकार किया और इसे लोकसभा अध्यक्ष की सीट के पास स्थापित किया गया है।

आज सुबह से ही सर्व धर्म सभा से कार्यक्रम की शुरुआत हुई  सभी धर्मों के विद्वानों ने वहां पर अपनी-अपनी भाषा और संस्कृति के हिसाब से गुणगान किया उसके पश्चात सेंगोल की पूजा हुई पूजा होने के बाद सेंगोल स्थापित हो गया लोकार्पण का पहला सत्र 11:00 बजे समाप्त होगा

दूसरे सत्र में संसद भवन का  हाल भाजपा के सांसदों से उनके मुख्यमंत्रियों से और अतिथियों से खचाखच भरा हुआ था जिसमें उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति के संदेश को राज्यसभा के उपसभापति ने पढ़ा  तालियां की गड़गड़ाहट के साथ लोकसभा अध्यक्ष का उद्बोधन शुरू हुआ उन्होंने संसद भवन की भव्यता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आने वाले 200 वर्षों तक संसद के तमाम मूल्यों को जनता के लिए याद दिलाता रहेगा  आज इस   लोकार्पण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेंगोल की विशेष पूजा के साथ स्थापना की और ₹75 का एक चांदी का सिक्का और एक डाक टिकट को भी जारी किया है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 28 मई, को देश का नया संसद भवन राष्ट्र को समर्पित किया है  नए संसद भवन का निर्माण क्षेत्रफल 64,500 वर्ग मीटर है। इसे बनाने में 60 हजार श्रमिकों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। प्रबंधन से लेकर परियोजना से जुड़े मजदूरों तक 23 लाख से अधिक मानव दिवस का रोजगार सृजित हुआ। इसे ऐसे समझ सकते हैं कि एक व्यक्ति अगर संसद भवन बनाने लगता तो उसे 23 लाख दिन काम करना पड़ता यानी कि 6312 साल लग जाते है। लेकिन इसका निर्माण कार्य जो कि दिसंबर 2020 में शुरू हुआ था और करीब ढाई साल के समय में पूरा हो गया है। यह भी एक उपलब्धि है। ;

भारत की प्रगति और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले नए संसद भवन के लिए एक विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार करने में अहम योगदान देने वाले कारपेंटरों (कारीगरों) को स्किल इंडिया ने प्रमाणित किया है। इन्होंने नए संसद भवन का फर्नीचर ऐसे तैयार किया है कि लोकसभा में 888 और राज्यसभा में 384 सदस्यों के बैठने की व्यवस्था है। वहीं, संयुक्त सत्र के दौरान लोकसभा भवन में 1,272 सदस्यों के बैठने का इंतजाम है।

 

 

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