मंत्री परिषद के निर्णय
छत्तीसगढ़ में रमन सरकार बड़े भूमाफिया ने कलेक्टर से मिलकर पूरे प्रदेश
में जमीनों के रेट कलेक्टर गाइडलाइन में 300% तक बड़वा लिए थे
ताकि अधिकृत भूमियों में जो मुआवजा उन्हें मिले वह जमीन की वास्तविक मूल्य से 1000% भी अधिक हो यह घोटाला सिर्फ मुआवजा राशि पाने के लिए
किया गया था जिसके कारण आम खरीददार गाइडलाइन के चक्कर में ना तो जमीनें बेच पा रहा था ना
खरीदार खरीद पा रहा था लेकिन कुछ मोटे भू माफियाओं के
चक्कर में रियल एस्टेट कारोबार बैठ चुका था अभी भी सरकार को वास्तविक बाजार मूल्य
पर ही गाइडलाइन तैयार कर आना चाहिए कलेक्टर की मनमानी नहीं चलना चाहिए अक्सर ऐसा
देखा गया है की जिले में सरकारी गैर सरकारी रेलवे परियोजना की जानकारी होती है
वहां के भू माफिया सक्रिय होकर इस तरीके के काम कलेक्टर से करवाते हैं जिसका
खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है भूपेश सरकार ने
पहली बार यह अच्छा निर्णय लिया है जो राहत योग है गाइडलाइन को सीधे-सीधे 30 से 40% तक कम कर दिया
है |
मुख्यमंत्री श्री
भूपेश बघेल की अध्यक्षता में आज विधानसभा के समिति कक्ष में आयोजित मंत्रि परिषद
की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जो इस प्रकार है-
<!--[if !supportLists]-->· <!--[endif]-->आज मंत्रि परिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि संपूर्ण
प्रदेश में स्थावर समंपत्ति बाजार मूल्य गाइडलाईन की दरों में 30 प्रतिशत की कमी की
जाए तथा पंजीयन शुल्क 0.8 प्रतिशत से बढ़ाकर गाइडलाईन मूल्य का 4 प्रतिशत किया जाए।
अब पंजीयन पर कुल कर 10.25 प्रतिशत हो जाएगा,
लेकिन पक्षकारों द्वारा देय भुगतान पर
नगण्य अंतर आयेगा। इससे दस्तावेजों के पंजीयन में वृद्धि होगी तथा राजस्व में भी
वृद्धि होगी। इससे रियल एस्टेट एवं निर्माण क्षेत्र के विकास में तेजी आयेगी तथा
किफायती दरों पर लोगों को मकान उपलब्ध होंगे। रियल एस्टेट एवं निर्माण क्षेत्र के
विकास से रोजगार में भी वृद्धि होगी। ये प्रावधान 25 जुलाई से लागू होंगे।
<!--[if !supportLists]-->· <!--[endif]-->आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित छत्तीसगढ़ पंचायत राज (संशोधन)
विधेयक 2019 का मंत्रि परिषद की बैठक में अनुमोदन किया गया।
<!--[if !supportLists]-->· <!--[endif]-->कोरबा में वर्ष 2017-18
से बंद 50-50 मेगावाट की चार
यूनिटों को पूर्व में लिए गए निर्णय के अनुसार बंद करने का निर्णय लिया गया।
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