बेंगलुरु 11/05/2023 /// कर्नाटक चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस ने कई समुदायों पर दावा किया है, ऐसे में कुछ ने बीजेपी को अपनी पहली पसंद बनाया है तो कुछ ने कांग्रेस से हाथ मिला लिया है. यहां पढ़ें एग्जिट पोल के मुताबिक किस पार्टी को किस समुदाय का समर्थन मिला है।
नयी दिल्ली। कर्नाटक चुनाव में बुधवार, 10 मई को वोटिंग हो चुकी है. इस दौरान राज्य की तीन प्रमुख पार्टियां अपना भविष्य दांव पर लगाकर बैठी हैं. चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी के लिए सवाल साख का है. प्रदेश की जनता ने किसके पक्ष में मतदान किया है, यह सवाल अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यही अगले 5 वर्षों के लिए राज्य का भविष्य तय करेगा। मतदान से पहले राज्य में धर्म-समुदाय को लेकर सियासत तेज हो गई है।
ऐसे में यह जानना जरूरी है कि किस वोटर ने किस पार्टी के प्रति अपनी आस्था दिखाई है. इससे पता चलेगा कि चुनाव के दौरान उठाए गए तमाम मुद्दों के बाद मुस्लिम आरक्षण का मुद्दा हो, लिंगायत समुदाय का हो या बजरंग दल का। इन सभी मुद्दों ने राज्य की राजनीति की हवा बदल दी है।

एग्जिट पोल के आंकड़ों के मुताबिक, सवर्णों ने कांग्रेस पर कम भरोसा दिखाया है, जबकि बीजेपी आधे से ज्यादा सवर्णों का भरोसा जीतने में कामयाब रही है. दूसरी ओर, जब मुस्लिम समुदाय की बात आती है, तो स्थिति बिल्कुल विपरीत होती है। 74.1% मुस्लिम वोटर्स ने कांग्रेस को वोट दिया है। वहीं बीजेपी की बात करें तो पार्टी केवल 8.4% वोट शेयर में सेंध लगाने में कामयाब रही है.
राज्य में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी जेडीएस है, जो सभी वोट शेयर में इन दोनों पार्टियों से पीछे चल रही है, लेकिन वोक्कालिगा समुदाय के वोट शेयर में यह पार्टी दोनों पार्टियों से पीछे चल रही है. वोक्कालिगा समुदाय से जेडीएस को 38.3 फीसदी वोट मिले, जबकि बीजेपी को 29.8 फीसदी और कांग्रेस को 25.7 फीसदी वोट मिले.
इस पूरे चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा लिंगायत वोटों की हुई है। यह भी कहा जा रहा था कि यही समुदाय किंगमेकर साबित होगा। बीजेपी ने दावा किया था कि लिंगायत समुदाय पूरी तरह से उनके साथ है. हालांकि एग्जिट पोल के मुताबिक लिंगायत वोटों में से 60 फीसदी बीजेपी को गए हैं जबकि कांग्रेस को 23.6 फीसदी वोट शेयर मिले हैं.




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