दिल्ली16/04/2023 /// कल रात 10:30 पर प्रयागराज मेडिकल कॉलेज के पास अतीक अहमद और उसके भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गई जब वह रोटीन मेडिकल चेकअप के लिए मेडिकल कॉलेज जा रहे थे हमलावर नकली पत्रकार बनकर आए थे पत्रकार होने के नाते पुलिस ने उन पर ज्यादा निगरानी नहीं रखी थी और इसी का फायदा लेते हैं उन्होंने बिल्कुल नजदीक से उस समय गोली मर दी जब अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को रूटीन मेडिकल चेकअप के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया जा रहा था नजदीक से गोली मारने वाले शूटरों को पुलिस ने मोके वारदात पर ही धर दबोचा यह पूरा वाकिया करीब 30 सेकेंड के अंदर हुआ 30 सेकंड में 18राउंड गोली चली वारदात पूरी करने के बाद अपराधियों ने अपने हाथ ऊपर करके सरेंडर -सरेंडर की आवाज दी और पुलिस ने उन्हें धर दबोचा
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न्यूज़ चैनल इस बात पर जोर दे रहे थे पुलिस की लापरवाही है पुलिस ने हत्या हुई चैनल की रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों को चाहिए कि वह पत्रकारों को चाहिए की उन्हें दी जाने वाली लिबर्टी को बंद कर दिया जाये उसका फायदा लेते हुए अपेअधियों ने जिस तरीके के कांड को अंजाम दिया साथ ही उन्होंने सरेंडर के लिए दोनों हाथ ऊपर कर दिए अब इसके बाद पुलिस क्यों मारती
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तमाम तरह के राजनीतिक दल कानून व्यवस्था की कमजोरी बता रहे यह कोई नहीं कह रहा है कि पत्रकारों की वेशभूषा में अगर वह नहीं आए होते तो पुलिस उनको वहां फटकने नहीं देती अतीक अहमद और उसके भाई का आपराधिक रिकॉर्ड बहुत ही ऊंचा है माफिया है इसलिए उसके मरने पर किसी की सिम्पेथी नहीं है लेकिन पत्रकारों के भेष में आए हत्यारों मैं जिस चतुराई से हत्या की इस पर अब जांच होना चाहिए कि क्या आगे भी पत्रकारों को भी किसी तरीके की लिबर्टी ना दी जाए

फ़ाइल फोटो सा पा को सबसे अधिक दर्द है आज कानून और संविधान की दुहाई दे रहे हें उस वक्त माफिया को संसद पंहुचने का काम कर रहे थे
अभी तो पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को अपने कब्जे में ले रखा है पूछताछ जारी है उनके इकबालिया बयान से तो यही लग रहा है कि वह झूठ बोल रहे है उन्होंने कहा है कि मैं बड़ा डॉन बनना चाहता था इसलिए इन दोनों की हत्या की अब संदेह की सुई इसलिए भी घूमती है कि तीनों अभियुक्त अलग-अलग जिले के हैं वह एक साथ कैसे मिले और उनका मूड एक जेसे कैसे हुआ इस पर अब जांच होना चाहिए
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अतीक अहमद और उसके भाई के जिस तरीके के कनेक्शन अंडरवर्ल्ड से उजागर हो रहे थे और वह लगातार ऑल कनेक्शनों के सूत्रधारों तक पुलिस को खुलासा कर रहा था तो लग रहा था कि यह मामला काफी बड़ा हो जाएगा अतीक हथियारों की बरामदगी भी करावा रहा था जिस तारा के हथियार बरामद ही रहे थे वह विदेशी थे जो पाकिस्तान से पंजाब होते हुए पूरे देश में फैल रहे थे उनका सरगना था अतीक यह भी हो सकता है कि इसमें कुछ बड़े सफेदपोश हाथों का भी हाथ हो उस तरह से भी इस जांच के येंगिलको को देखना चाहिए कि कहीं उन्होंने ही तो घटना की अंजाम तक पंहुचने मारने की सुपारी दी हो बहरहाल जांच जारी है अभी पोस्टमार्टम हो रहा है और जिस श्मशान घाट में अतीक के बेटे का अंतिम संस्कार हुआ था उसी में अब बाप और चाचा की कब्र खोदी जा रही हैं




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