विश्वस्तरीय
सुविधाएँ
फैसिलिटी डायरेक्टर विनीत कुमार सैनी से खास बातचीत
रायपुर \\ एनएच एमएमआई नारायणा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, रायपुर देशभर में सुपरस्पेशलिटी
एवं मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल्स संचालित करने वाली संस्था नारायणा हेल्थ का हिस्सा
है. पद्मश्री एवं पद्मभूषण द्वारा सम्मानित डॉ देवीप्रसाद शेट्टी द्वारा स्थापित
यह संस्था अपनी किफायती एवं उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जानी जाती
है. वर्तमान में नारायणा हेल्थ द्वारा देश के 19 शहरों में 24 हॉस्पिटल्स एवं 7
हार्ट सेंटर्स संचालित किये जाते हैं जिनकी कुल बेड क्षमता 6200 है. इसके साथ ही
नारायणा हेल्थ द्वारा केमन आइलैंड में एक अंतर्राष्ट्रीय हेल्थ सिटी भी संचालित की
जा रही है. बेड क्षमता के मामले में आज नारायणा हेल्थ देश की दूसरी सबसे बड़ी
हॉस्पिटल चैन बन चुकी है.
एनएच एमएमआई नारायणा मल्टीस्पेशलिटी
हॉस्पिटल सन 2011 में तब अस्तित्व में आया जब पहले से मौजूद एमएमआई हॉस्पिटल के
प्रबंधन का कार्यभार नारायणा हेल्थ ने अपने हाथों में लिया.
उस समय एमएमआई हॉस्पिटल में मात्र 56 बेड
की क्षमता थी और डॉक्टर्स एवं नर्सिंग स्टाफ की टीम भी बहुत छोटी थी. नारायणा
हेल्थ के साथ हुए अनुबंध के अंतर्गत बेड क्षमता को बढ़ाकर 157 किया गया जोकि आज 250
हो चुकी है. इसके अलावा हॉस्पिटल में नवीनतम उपकरण, अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर एवं तकनीकी
रूप से कुशल एवं प्रशिक्षित स्टाफ को भी लाया गया. विनीत जी का मानना है कि किसी
भी ओपीडी विभाग किसी भी अस्पताल का एक महत्वपूर्ण विभाग होता है. जैसे-जैसे अनुभवी
डॉक्टर्स इस नए हॉस्पिटल के साथ जुड़ते गए वैसे-वैसे ओपीडी सुचारू रूप से चलने लगी और
मरीजों का अस्पताल पर विश्वास और संतुष्टि बढ़ती गयी.
आज एमएमआई नारायणा मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल
में नवीनतम तकनीक एवं अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर आधारित उपकार लगाए गए हैं जिन्हें
प्रशिक्षित तकनीशियनों द्वारा संचालित किया जाता है. नारायणा हेल्थ द्वारा तकनीकी
संसाधनों में अधिक से अधिक निवेश किया जाता है ताकि उनके जरिये बिना गुणवत्ता से
समझौता किये स्वास्थ्य सेवाओं की कीमतों को कम किया जा सके. आज इस हॉस्पिटल में मॉड्यूलर
ऑपरेशन थिएटर, अत्याधुनिक कैथलैब, 1.5 टेस्ला एमआरआई, 128 स्लाइस सीटी स्कैन, लेज़र
मशीन, एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड जैसे कई उपकरण हैं. इसी का नतीजा है कि आज
छत्तीसगढ़ के नागरिकों को अपने ही प्रदेश में महानगरों जैसी स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध
हैं.
इसके अलावा हॉस्पिटल में विशेषज्ञों
द्वारा कई जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की जा रही हैं जैसे मिनिमली इनवेसिव कार्डियक
सर्जरी (सिर्फ 2.5 इंच के चीरे से बाईपास एवं वाल्व सर्जरी), लीडलेस पेसमेकर
इम्प्लांटेशन, किडनी प्रत्यारोपण, हाइब्रिड रीवैस्कुलराइजेशन, जोड़ प्रत्यारोपण, माइक्रोस्कोपिक
(की-होल) स्पाइन सर्जरी आदि. हाल ही में हॉस्पिटल में हार्ट फेलियर क्लिनिक लांच
किया गया है जिसमें ऐसे मरीजों का ईलाज किया जा रहा है जिनके दिल की मांसपेशियाँ गंभीर
रूप से कमजोर हो चुकी है. हॉस्पिटल में 40 मशीनों से युक्त एक डायलिसिस यूनिट है
जिसमें हर महीने लगभग 2500 डायलिसिस किये जाते हैं.
जल्द ही हॉस्पिटल में एक विशेष कैंसर यूनिट
का उद्घाटन किया जाना है जिसमें प्रदेश के कैंसर पीड़ितों को एक ही छत के नीचे
कीमोथेरेपी, कैंसर सर्जरी, रेडियोथेरेपी, ब्रेकीथेरेपी जैसी सुविधाएँ उपलब्ध
होंगीं.
अपने मरीजों को आसान, किफायती एवं कैशलेस सुविधाएँ
उपलब्ध कराने के लिए हॉस्पिटल ने देश की सभी बड़ी कॉर्पोरेट कंपनीज एवं इन्सुरेंस कंपनीज
के साथ अनुबंध किया है. विनीत सैनी जी ने स्वास्थ्य से सम्बंधित एक महत्वपूर्ण
विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में अधिकांश लोगों के पास हेल्थ इन्सुरेंस
नहीं है जिसके कारण जरूरत पड़ने पर उन्हें स्वयं ही ईलाज से खर्चों का बोझ उठाना
पड़ता है जो कि किसी निम्न या मध्यमवर्गीय परिवार के लिए निश्चय ही एक आर्थिक संकट
है. हमारे देश में विडम्बना यही है कि सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं पर बहुत कम
खर्च किया जाता है जबकि दुसरे देशों में स्वास्थ्य सुविधाओं पर होने वाला खर्च कुल
जीडीपी का 5 से 10% तक होता है. उनका मानना है कि अगर समाज स्वस्थ रहेगा तो वह देश
की प्रगति में अधिक योगदान कर पायेगा और उनके स्वास्थ्य पर किया गया खर्च कई गुना
बढ़कर वापस सरकार के पास आएगा इसलिए देश में जल्द से जल्द यूनिवर्सल हेल्थ योजना
लागू की जानी चाहिए ताकि ईलाज में मरीज की जेब से लगने वाले खर्च को कम किया जा
सके और पैसे की कमी के चलते किसी मरीज को ईलाज से समझौता ना करना पड़े.




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