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लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के लिए 1433 करोड़ 67लाख रुपये अनुदान मांगें सर्वसम्मति से पारित

Anil Choubey 21-03-2023 19:35:41


*** मंत्री गुरू रूद्रकुमार के विभागों से संबंधित 1578 करोड़ रूपये से अधिक की अनुदान मांगे सर्वसम्मति से पारित ग्रामीणों को नल कनेक्शन देने बजट में राज्यांश की राशि में दो हजार करोड़ रुपये का प्रावधान राज्य के 41 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को नल कलेक्शन  ***

रायपुर21/03/2023.// / लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार के विभागों से संबंधित 01 हजार 578 करोड़ 35 लाख 61 हजार रुपए की अनुदान मांगें आज विधानसभा मे सर्वसम्मति से पारित कर दी गई है। अनुदान मांगों में लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग के लिए 1433 करोड़ 66 लाख 32 हजार रुपये और ग्रामोद्योग विभाग के लिए 144 करोड़ 69 लाख 29 हजार रुपये शामिल है।

 लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी मंत्री गुरू रुद्रकुमार ने अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को निःशुल्क घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा रहे हैं। इसके लिए राज्य सरकार मिनीमाता अमृतधारा नल योजना प्रारंभ की है। योजना के तहत 73 हजार 584 घरेलू नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं।


मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने कहा कि प्रदेश में 02 लाख 61 हजार से अधिक हैंड पंपों के माध्यम से लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में इसके लिए 75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। विभाग ने प्रदेश के नगरीय निकाय क्षेत्रों में भी शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा रही है। प्रदेश में 168 नगरीय निकाय हैं। नगरीय क्षेत्रों में नलकूप खनन के लिए 03 करोड़ 14 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने बताया कि प्रदेश में चार वर्ष पहले केवल 7 प्रतिशत ग्रामीणों को ही पेयजल की उपलब्ध हो रही था। हमारी सरकार द्वारा राज्य में जल-जीवन मिशन के तहत कुल 50 लाख 08 हजार ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन से लाभान्वित किए जाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है। अब तक 20 लाख 28 हजार से अधिक नल कनेक्शन प्रदान कर प्रदेश में 41 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अंतिम छोर के व्यक्ति को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल जीवन मिशन के तहत बजट में राज्यांश की राशि में 02 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

 मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने कहा कि प्रदेश के लोगों के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के साथ ही राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना गौठानों में भी मवेशियों के लिए पेयजल की व्यवस्था की जा रही है। अब तक 01 हजार 363 गौठानों में पेयजल हेतु नलकूपों का खनन किया गया है। गौठानों में नलकूप के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने सदन में कहा कि स्कूलों में छात्र-छात्राओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बेहतर प्रबंधन किए जा रहे हैं। 45 हजार 796 स्कूलों में पेयजल व्यवस्था का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। 43 हजार 933 शासकीय शालाओं में रनिंग वॉटर के जरिए पेयजल की व्यवस्था की गई है। इस तरह प्रदेश के 95 प्रतिशत स्कूलों में पेयजल की व्यवस्था पूर्ण कर ली गई है। इसके लिए बजट में 3 करोड़ 15 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। इसी तरह आंगनबाड़ियों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में 91 प्रतिशत और उप स्वास्थ्य केन्द्रों में 98 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल कर ली गई है। इस तरह 45 हजार 732 आंगनबाड़ी, प्राथमिक और उप-स्वास्थ्य केन्द्रों में पेयजल की व्यवस्था पूर्ण कर ली गई है, वहीं 41 हजार 669 आंगनबाड़ी एवं 5 हजार 243 स्वास्थ्य केन्द्रों में रनिंग वॉटर से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए 3 करोड़ 33 लाख रूपए का प्रावधान बजट में किया गया है।

 
मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने बताया कि विभाग द्वारा जल की गुणवत्ता जांच की दिशा में भी निरंतर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में 71 जल परीक्षण प्रयोगशाला में संचालित हैं। राज्य स्तर पर एक, जिला स्तर पर 28, विकासखंड स्तर पर 24 और 18 चलित जल परीक्षण प्रयोगशालाएं शामिल हैं। राज्य स्तरीय जल परीक्षण प्रयोगशाला में हेवी मेटल्स के परीक्षण की सुविधा भी उपलब्ध है, वहीं 1 राज्य स्तरीय एवं 25 जिला स्तरीय तथा 11 उपखण्डीय जल परीक्षण प्रयोगशालाएं एनएबीएल से मान्यता प्राप्त है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ने सदन में बताया कि 32 नगरीय योजनाएं प्रगति पर हैं। इसके लिए लगभग 54 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि राजधानी रायपुर स्थित डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर अस्पताल में पेयजल व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए एक करोड़ रुपए का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि नवगठित 5 जिलों के नवीन खंड कार्यालयों की स्थापना के लिए दो करोड़ 50 लाख रूपए, वहीं प्रदेश के अलग-अलग जिलों व तहसीलों में खंड कार्यालय व प्रयोगशाला भवन निर्माण के लिए लगभग एक करोड़ 62 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। मंडल कार्यालय अंबिकापुर में भवन निर्माण के लिए 56 लाख 42 हजार रूपए का प्रावधान है।

ग्रामोद्योग मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश के महिलाओं, युवाओं, लोक कलाकारों को रोजगार उपलब्ध कराने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में ग्रामोद्योग विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। ग्रामोद्योग के अंतर्गत रेशम, हाथ करघा, हस्तशिल्प विकास बोर्ड, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड एवं माटीकला बोर्ड के माध्यम से ग्रामीण अंचलों में हितग्राही उत्थान मूलक योजनाएं संचालित की जा रही है। इस वर्ष 4 लाख 15 हजार लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। आगामी कार्य योजना में इससे भी अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। बुनकरों हस्तशिल्पियों, माटीशिल्पियों एवं रेशम प्रभाग के माध्यम से आजीविका संवर्धन एवं रोजगार सृजन हेतु ग्रामोद्योग के लिए 144 करोड़ 69 लाख 29 हजार रूपए का प्रावधान किया गया है।

अनुदान मांगों पर श्री धरमलाल कौशिक, श्री आशीष छाबड़ा, श्री शिवरतन शर्मा, श्री रजनीश सिंह, श्री भुनेश्वर बघेल, श्री अजय चन्द्राकर, डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, श्री सौरभ सिंह, डॉ. लक्ष्मी ध्रुव और श्री नारायण चंदेल ने हिस्सा लिया।

 

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