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पश्चिमी उड़ीसा जनता की मांग , जाँच सी बी आई से हो तभी पता चलेगा सबसे अमीर सिंडिकेट मंत्री की हत्या के पीछे कौन

Anil Choubey 05-03-2023 10:22:50


नबकिशोर दास का जिन्न भाजपा की बोतल से निकलकर ओडिशा सरकार को डरा रहा  है

ओडिशा प्रतिनिधि

झासेगुडा ओडिशा 04/03/2023/// उड़ीसा में नवकिशोर दास की हत्या ने नवीन पटनायक के एक ऐसे हाथ को काट दिया है जो पश्चिम  उड़ीसा के मजबूत नेता के साथ साथ  साथ- पार्टी का सबसे बड़ा फाइनेंसर था  नवीन सरकार में सबसे बढे रहीस और महंगी गाड़ी के शौकीन मंत्री था नवकिशोर जिस तरीके से झासेगुडा मैं व्यापारियों से और बड़े उद्योगपतियों से खनन माफिया से जमकर वसूली कर रहा था उस उगाही के  धन का  उपयोग राजनीति में कर रहा था वह किसी से छुपा नहीं था वह एक बड़ा हाथ नवकिशोर की हत्या के साथ ही  नवीन पटनायक के  फाइनेंसर और पूरे पश्चिम ओडिशा के  एक दमदार नेता जिसकी पकड़ में 40 विधायक हों बीजेडी को लेकर यह बढ़ी क्षति हे इसलिए भी जो  जाँच एजेंसी जाँच कर रही हे उस पर भरोसा नहीं हे पश्चिम ओडिशा की जनता जानना चाहती है की हत्या के पीछे कोन है |

 कथित रूप से मानसिक रोगी अधिकारी द्वारा की गई गोली बारी से  नव किशोर दस  की हत्या हुई है इसको लेकर तरह-तरह के कयास इसलिए लगाए जा रहे हैं कि झासेगुडा में   नवकिशोर  दास के दोस्त कम दुश्मन ज्यादा हो गए थे तरह-तरह के कयास भी लगाए जा रहे थे नव किशोर दस  नवीन पटनायक के अच्छे खासे फाइनेंसर के रूप में भी जाने जाते थे तरह तरह की अफवाहों के साथ बीजेपी सीबीआई से इसकी जांच इसलिए  भी कराना चाहती है कि  नवकिशोर के वसूली के कितने खाते थे और किन किन खातों से वह वसूली करके पार्टी चला रहा था यह मेन मुद्दा है जिसको लेकर बीजेपी पूरे उड़ीसा में आंदोलन कर रहे हैं और नवीन पटनायक सरकार को कटघरे में खड़ी कर रही है

मंत्री नव किशोर दास  ने  जिस तरीके से झासेगुडा के  बड़े उद्योगपतियों से वसूली की रकम  फिक्स कर रखी थी और वह दिलेरी के साथ उनसे वसूल भी  रहा था यह पूरे झारसुगड़ा को पता था बिना नवदास की अनुमति के कोई भी ठेका ठेकेदारी झासेगुडा में   नहीं कर सकता था नवकिशोर  दास अपने गुर्गों को फाइनेंस भी करता था ताकि वक्त रहे वह उस रकम को वापस लेकर पार्टी में लगा सकें नवकिशोर दास नेता के साथ फाइनेंसर भी था लोगों का कहना है कि नव कोशोर  दास की अचानक हत्या होने से हजारों करोड़ रुपए जो उसने स्थानीय लोगों फाइनेंस  पर लगाए हुए हैं वह डूब गए हैं अब वे  लोग नव किशोर दास के घर की तरफ मुंह करके भी नहीं खड़े हो रहे हैं इसको लेकर भी नवदास के यहां जो डायरिया मिली  हैं उनमें उन लोगों के नाम हैं कि किसको कितना पैसा फाइनेंस किया गया है सीबीआई अगर यह जांच करती है तो इस पूरे सिंडिकेट में बहुत से लोग उसके लिप्त होने के संकेत मिलेंगे जिन्हें उजागर कर झारसुगड़ा की आम जनता को इस सिंडिकेट से मुक्ति दिलाई जा सके

झासेगुडा के दबंग नेता  स्वास्थ्य मंत्री नबकिशोर दास की  हत्या की सीबीआई जांच की मांग और इसमें सरकार के नेताओ के शामिल के आरोप के साथ पछले तीन दिन से ओडिशा भाजपा युवा मोर्चा के राज्य अध्यक्ष इराशीष आचार्य के साथ अन्य बीस कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा मरणासन्न स्तिथि तक  मारपीट और फिर उनको जेल भेजने को लेकर पूरे ओडिशा में युवा भाजपा द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है यह विरोध प्रदर्शन राज्य के हर एस पी कार्यालय और  हर थाने में किया जा रहा है, साथ ही मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के  पुतला भी जलाये जा रहे हें  इससे उड़ीसा में संविधान संकट की स्तिथि बनती   जा रही है |

  देखने वाली बात यह है की 2024 में ओडिशा में लोकसभा के साथ साथ विधानसभा चुनाव भी होना है इस लिए ओडिशा की राजनीति में जबरदस्त उबाल आ रहा है हर पार्टी से उसके  जुड़े नेताओं को  अपनी राजनीति चमकाने में  कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रहा  है।

वैसे अगर सूत्रों की माने तो राज्य में इस बार बीजेडी तथा भाजपा के मध्य जबरदस्त टक्कर देखने को मिलेगा किंतु यदि जीत बीजेडी की होती है तो अगला मुख्यमंत्री कौन होगा इसको लेकर  अनेक कयास लगाए जा रहे है सूत्रों के हवाले से खबर है की मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ओडिशा के सिर्फ मुखौटा ही है जबकि परदे के पीछे से राज्य का एक आईएएस अधिकारी है जो अपनी पत्नी को अगले मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहता है यही नहीं राज्य के सारे मंत्री नेता तथा अन्य पदाधिकारी इसी अधिकारी की जी हजूरी में लगे रहते है इनकी नजर जरा भी टेढ़ी हुई तो फिर वह चाहे कितना भी बड़ा नेता या मंत्री क्यों न हो कुर्सी गई समझो इसी सभी बातों को लेकर भी नबकीशोर की हत्या का अंदेशा लगाया जा सकता है की नव जिस तेजी से नवीन बाबू के करीब जा रहे थे तथा पूरे पश्चिम ओडिशा में उनका कद बढ़ता ही जा रहा था करीब चालीस से पचास विधानसभा सीटों पर उनका सीधा दखल था और इतने ही विधायको ने  उन्हे नेता मान लिया था  कही यही बात उनके हत्या का कारण तो नही। यह भी चर्चा जोरों पर है। दूसरे तरफ चर्चा का बाजार गर्म है की आने वाले चुनाव में नबकीशोर दास भाजपा में जाने का पूरा मन बना लिए था  और उन्हें राज्य में भाजपा की सरकार बनने की  कोई बड़ी जिम्मेदारी भी दी जा सकती थी इसलिए भी उनका कत्ल होना अनेक शंकाओं को जन्म देता है।

आखिर एक पुलिस अधिकारी एएसआई ने मंत्री को क्यों मारा?बताया जाता है की गोपाल दास एक शार्प सूटर के रूप में जाना जाता था उसका निशाना काफी अच्छा था यही नहीं वह अनेक बार अच्छे निशाना तथा अच्छे पुलिस अधिकारी के रूप में पुरस्कृत भी हो चुका है

गोपाल दास ब्रजराजनगर के गांधी चोक के चौकी में पदस्थ था जब वहां के अनेक लोगो से उसके व्यवहार के बारे में पूछा गया तो सतप्रतिसत लोगो ने उसे एक अच्छा व्यक्ति तथा व्यावहारिक अधिकारी बताया  मगर मंत्री के हत्या के ठीक आधे घंटे के अंतराल में गोपाल की बीबी का यह बोलना की वह मानसिक रोगी है यह गले नही उतरता क्योंकि जिस तरीके से वह अपना बयान दे रही थी वह एक कातिल की पत्नी के हिसाब से नही बल्कि ट्रेंड सिखाई हुई किसी महिला की भांति दिखी। किसी भी पुलिस अधिकारी को किसी बड़े मंत्री का खून करवाने के लिए मानना किसी छोटे मोटे आदमी की ओकात तो नही हो सकती जरूर किसी एसे व्यक्ति का हाथ होगा जो पुलिस विभाग में जबरदस्त दखल रखता होगा तभी गोपाल खून करने को राजी हुआ होगा, कौन है वह व्यक्ति  कोन इसी की मांग सीबीआई जांच के लिए की  जा रही  है। सरकार ने  जिस जाँच एजेंसी का गठन किया है उस पर झासेगुडा की जनता और  विपक्ष को भरेसा नहीं है

 

 

 

 

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