रायपुर /// छत्तीसगढ़ ने सौर ऊर्जा क्षेत्र में पिछले वितीय वर्ष 2022 में 1लाख सोलर पंप किसानों को समर्पित किए हें . यह भूपेश सरकार कि यह एक बड़ी उपलब्धि है ,जिसके परिणाम स्वरुप किसानों का सिंचित रखवा बड़ा है यह आत्मनिर्भर होने के मामले में एक सुद्रढ़ कदम है .खेती के लिए पानी अमृत के समान होता है जिस खेत में पानी है उस खेत का किसान कभी भी गरीब पिछड़ा नहीं हो सकता सौर ऊर्जा ने किसानों को आत्मनिर्भरता का संबल दिया है उससे धान की खेती का रकबा तो बढ़ा ही है इसके अलावा किसान दूसरी फसलों की भी खेती कर रहा है पानी के सुलभ होने से आमदनी के नए स्रोत खुल जाने से ना सिर्फ उसकी बल्कि उसके पूरे परिवार की माली हालत ठीक हो गई
आंकड़े बताते हैं कि क्रेडा में आलोक कटियार द्वारा सीईओ का पदभार ग्रहण करने के बाद से जिस तेज गति से छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याण योजनाएं जो किसानों के लिए हितकरी थी का लक्ष्य आसानी से पूरा कर पूरे देश में क्रेडा ने नंबर वन का खिताब हासिल किया है .इसमें कोई शक नहीं कि जब जहाज का कैप्टन चुस्त-दुरुस्त हो तो बाकी टीम भी उसी गति से काम करके लक्ष्य को प्राप्त करती हैं

राज्य के किसानों को सिंचाई की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से इस योजना के तहत राज्य शासन द्वारा रियायती दरों पर सोलर पम्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस योजना से किसान साल भर सिंचाई करने में सक्षम हो रहे हैं, साथ ही कई फसल लेने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
इस योजनांतर्गत अब तक 3 एच. पी. एवं 5 एच. पी. क्षमता के कुल 1,17,668 से अधिक सोलर पम्पों की स्थापना की गई है।
विगत चार वर्षों से अब तक लगभग 71,921 से अधिक सोलर पंपों की स्थापना की गई है।
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राज्य में ऐसे लघु एवं सीमांत कृषकों की संख्या बहुत अधिक है जिनके पास कृषि भूमि उपलब्ध होने के बावजूद वे उचित सिंचाई व्यवस्था के अभाव में केवल वर्षा के जल पर ही निर्भर रहते हैं एवं साल में केवल एक ही फसल ले पाते हैं। ऐसे लघु व सीमांत कृषकों के समूहों, जिनकी कृषि भूमि सतही जलस्त्रोत के निकट है, का चयन कर सामुदायिक रूप से उन्हें सोलर पंप के माध्यम से सिंचाई की व्यवस्था उपलब्ध करवाई जाती है तथा वे साल में एक से अधिक फसलों हेतु कृषि कर सकते हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है।
अब तक कुल 228 परियोजनाओं में 334 सिंचाई पंपों की स्थापना की गई (कुल क्षमता 2,520.40 कि.वा.) जिससे 2749 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई की जा रही है, जिससे लगभग 2639 हितग्राही लाभान्वित हैं।
विगत चार वर्षों में अब तक कुल 16 परियोजनाओं में 59 सिंचाई पम्पों की स्थापना की गई है, जिसकी कुल क्षमता 890.00 कि.वा. है। इससे 976.17 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जा रही है जिससे लगभग 911 हितग्राही लाभान्वित हो रहे हैं।




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