******मुख्यमंत्री ने राज्य में नवाचार आयोग के गठन, नई ग्रामीण उद्योग नीति बनाने, युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने, निर्माणी श्रमिकों को आवास सहायता, मुख्यमंत्री आदिवासी पर्व सम्मान निधि, महिला उद्यमिता प्रोत्साहन के लिए नई योजना, रायपुर में ऐयरोसिटी की स्थापना, चंदखुरी में कौशल्या महोत्सव के आयोजन सहित अन्य घोषणाएं की राज्य में राशनकार्डधारियों को मिलेगा एक वर्ष तक निःशुल्क चावलसभी जिलों में पीडीएस के माध्यम से फोर्टिफाईड चावल का होगा वितरण *******
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रायपुर 26 जनवरी 2023/मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि हमारे संविधान में लिखी इबारतों को बहुत ही साफ मन और न्याय के अटूट इरादे से समझा जा सकता है। विरासत में हमें न्याय के लिए जो अडिग साहस मिला है, उसी को हमने अपनी सरकार का मूलमंत्र बनाया है। सबसे कमजोर तबकों को सबसे पहले और सबसे ज्यादा तवज्जो देकर न्याय दिलाना हमने अपना प्रथम कर्तव्य माना है। जिसके कारण हम बिना किसी संशय के विगत चार वर्षाें में छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा पूरी लगन से कर पा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने आज 74वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद प्रदेश की जनता को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आगामी वित्तीय वर्ष से बस्तर संभाग, सरगुजा संभाग और प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी समाज के पर्वों के उत्तम आयोजन के लिये मुख्यमंत्री आदिवासी पर्व सम्मान निधि के तहत प्रतिवर्ष प्रत्येक ग्राम पंचायत को 10 हजार रूपये प्रदान करने, अगले वित्तीय वर्ष से बेरोजगारों को हर महीने बेरोजगारी भत्ता दिए जाने, महिला समूहों महिला उद्यमियों, महिला व्यवसायियों एवं महिला स्टार्ट अप को व्यापार उद्योग स्थापित करने हेतु नवीन योजना प्रारंभ किए जाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की संस्कृति और विरासत को अनवरत आगे बढ़ाने के लिये राज्य में छत्तीसगढ़ राज्य नवाचार आयोग का गठन करने, रायपुर एयरपोर्ट में यात्री सुविधाओं को बढ़ावा देने, एयरपोर्ट क्षेत्र के वाणिज्यिक विकास और रोजगार सृजन के लिये स्वामी विवेकानंद विमानतल के पास एयरोसिटी विकसित करने, छत्तीसगढ़ में कुटीर उद्योग आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, रोजगार और लोगों की आय बढ़ाने के लिये ग्रामीण उद्योग नीति बनाने, औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित इकाईयों को संपत्ति कर के भार से मुक्त करने, खारून नदी पर उत्कृष्ट रिवर फ्रंट विकसित करने, विद्युत शिकायत के निराकरण के लिए आधुनिक ऑनलाईन निराकरण प्रणाली विकसित करने, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना शुरू करने, राज्य में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय रामायण/मानस महोत्सव तथा चंदखुरी में मां कौशल्या महोत्सव का आयोजन करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने इस मौके पर राज्य के सभी जिलों में अप्रैल माह से समस्त राशनकार्ड धारियों को पीडीएस के माध्यम से फोर्टिफाइड चावल दिए जाने की घोषणा की। गौरतलब है कि अभी तक फोर्टिफाइड चावल का वितरण राज्य के 12 जिलों में मध्यान्ह भोजन योजना और पूरक पोषण आहार योजना में वितरित किया जा रहा था। मुख्यमंत्री ने अंत्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित एवं निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को जनवरी 2023 से दिसम्बर 2023 तक निःशुल्क चावल वितरित किए जाने की भी घोषणा की। गणतंत्र दिवस का यह समारोह जगदलपुर के लालबाग मैदान में हर्ष और उल्लास के वातावरण में आयोजित हुआ। इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। समारोह में सशस्त्र बल के जवानों द्वारा गार्ड आॅफ आॅनर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ महतारी के महान सपूतों अमर शहीद गैंदसिंह, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुण्डाधूर का सादर स्मरण किया। उन्होंने कहा कि इन वीर जवानों का बहुत बड़ा योगदान हमारे राष्ट्रीय आंदोलन में रहा, जिन्होंने छत्तीसगढ़ के दुर्गम अंचलों में रहकर छत्तीसगढ़ महतारी के मान को भारत माता के सम्मान के साथ जोड़ा। मंगल पाण्डे, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां, रानी लक्ष्मीबाई, रानी अवंतीबाई लोधी, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, लाल-बाल-पाल और उनके जैसे लाखों सहमार्गियों से देश कभी उऋण नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और संविधान निर्माताओं के वंशज हैं। हमारे पुरखों ने आजादी की लड़ाई में, देश की एकता और अखण्डता को बनाए रखने के लिए, देश में समरसता के मूल्यों और संस्कारों को बचाए रखने के लिए कुर्बानियां दी हैं, जो लोग इस भावधारा से जुड़कर अपने आप को देखते हैं, वे लोग ही हमारी विरासत के महत्व को समझ सकते हैं। इसलिए मैं चाहूंगा कि आप सब नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम और संविधान के मूल्यों से अवगत कराएं। जब तक देश, इस संविधान के अनुसार चलता रहेगा, तभी तक हम सबकी और देश की आजादी सुरक्षित रहेगी। हमारे संविधान की बदौलत ही हमारा देश, लोकतंत्रात्मक गणराज्य कहलाता है। इससे नागरिकों को न्याय, स्वतंत्रता, समता, गरिमा, और बंधुता का वरदान मिलता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक भारत के संस्कार और स्वरूप को गढ़ने में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, प्रथम राष्ट्रपति डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद, प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, प्रथम विधि मंत्री बाबा साहब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर, प्रथम उप प्रधानमंत्री तथा गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल, प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद, लाल बहादुर शास्त्री, श्रीमती इंदिरा गांधी, राजीव गांधी जैसी विभूतियों के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के महान स्वतंत्रता सग्राम सेनानियों का भी स्मरण करते हुए उन्हें नमन किया।
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मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि हमें विश्वास था कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन से आदिवासी बहुल अंचलों के अनमोल संसाधनों का लाभ स्थानीय जनता को देने के नए रास्ते बनेंगे लेकिन विडम्बना है कि ऐसा नहीं हो पाया था। बड़े निवेश लाने के नाम पर हसीन सपने दिखाए जाते थे, न निवेश हुआ, न सपने पूरे किए गए। हमने यह साबित किया कि बड़े निवेश के नाम पर आदिवासी अंचलों का विकास रोके रखना कदापि उचित सोच नहीं थी। प्राकृतिक संसाधनों, वन संसाधनों और स्थानीय मानव संसाधन की शक्ति से भी बड़ा बदलाव किया जा सकता है। राज्य सरकार में आने के बाद हमने पहले दिन से बदलाव के लिए ईमानदार प्रयास शुरू किए, जिसका नतीजा आप सबके सामने है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजाद भारत में आम जनता को जितने भी महत्वपूर्ण अधिकार दिलाए गए और न्याय देने के काम किए गए, वे सब स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व करने वालों और उनके वंशजों की बड़ी सोच के कारण संभव हुआ। वन अधिकार अधिनियम भी ऐसा ही एक कानून है जो हमारे नेताओं ने देश में लागू किया था, जो अनुसूचित जनजातियों एवं परंपरागत वन निवासियों की जिंदगी संवार सकता था, लेकिन प्रदेश में इस कानून पर अमल सही इच्छा-शक्ति से नहीं हुआ था। वन अधिकार के दावों को बड़े पैमाने पर खारिज किया गया था और अनेक प्रावधानों को लागू ही नहीं किया गया था।
पट्टे की वनभूमि 5 लाख परिवारों के आजीविका का साधन बनीमुख्यमंत्री ने कहा कि आज मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि हमने सिर्फ चार वर्षों में वन अधिकार पत्रों के तहत दी गई भूमि को 11 लाख से
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह देखकर बहुत अफसोस होता था कि प्रकृति और वनोपज की रक्षा करने वाले लोग अपनी आमदनी के लिए अपने ही अधिकारों से वंचित थे। हमने आदिवासी भाई-बहनों को न्याय दिलाने के लिए लघु वनोपज उपार्जन के सभी पहलुओं पर काम किया, 7 से बढ़ाकर 65 वनोपजों के लिए समर्थन मूल्य देने तथा मूल्यवृद्धि के साथ उपार्जन केन्द्रों में समुचित व्यवस्था भी की। जिसके कारण अब हम देश के कुल वनोपज खरीदी का 75 प्रतिशत हिस्सा खरीद रहे हैं।

तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक 2 हजार 500 रूपए से बढ़ाकर 4 हजार रुपए प्रति मानक बोरा किया, जिसके कारण संग्राहकों को मिलने वाली राशि 1 हजार 500 करोड़ रुपए से बढ़कर 2 हजार 521 करोड़ रुपए हो गई। इतना ही नहीं, हमने
प्रदेश में 562 खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां स्थापित
लोहंडीगुड़ा में जमीन वापसी के साथ ही हमने पूरे प्रदेश में वनोपज प्रसंस्करण केन्द्र स्थापित करने का निर्णय लिया था। अब प्रदेश में ऐसे 50 केन्द्रों में 134 प्रकार के हर्बल उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं हस्तांतरण हो चुका है। प्रदेश में 562 खाद्य-प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित की जा चुकी हैं।
कोदो, कुटकी, रागी की समर्थन मूल्य पर खरीदी
‘छत्तीसगढ़ मिलेट्स मिशन’ का गठन किया। 14 जिलों में मिलेट्स की उत्पादकता सहित आवश्यक शोध व अनुसंधान हेतु एम.ओ.यू. किया गया। मुझे विश्वास है कि मिलेट्स को लेकर देश और दुनिया में जो सकारात्मक वातावरण बना है, उसका लाभ छत्तीसगढ़ के आदिवासियों और किसानों को दिलाने के लिए हमने सही समय पर सही कदम उठा लिया है।
हमने अनुसूचित जनजाति तथा अनुसूचित जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास के लिए नए-नए उपाय किए हैं। ‘आदर्श छात्रावास योजना‘, ‘एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय योजना‘, ‘शिष्यवृत्ति योजना‘, ‘छात्र भोजन सहाय योजना‘, ‘राजीव युवा उत्थान योजना‘, ‘राजीव गांधी बाल भविष्य सुरक्षा योजना‘, ‘
के जिन कानूनों का लाभ प्रदेश के आदिवासी समाज को राहत देने के लिए पूर्व में नहीं किया गया था, हमने उस दिशा में भी ठोस कदम उठाए हैं। पेसा कानून के लिए नियम बनाने के मामले में हम देश के पांचवें राज्य बने हैं। जेल में बंद व अनावश्यक मुकदमेबाजी से टूट रहे आदिवासी परिवारों को राहत व रिहाई दिलाने का वादा भी हमने निभाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे खुशी है कि हमने मात्र चार वर्षों में धान खरीदी को 56 लाख 88 हजार मीटरिक टन से बढ़ाकर एक करोड़ मीटरिक टन से अधिक पहुंचा दिया और हर वर्ष एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का
मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीदी केन्द्रों की संख्या पहले मात्र 1899 थी, जो अब बढ़ाकर 2497 कर दी गई है। इसके अलावा बारदाने की कमी, टोकन, तौल, भुगतान जैसी समस्याओं के कारण किसानों को मंडी में बेहद अपमानजनक स्थितियों का सामना करना पड़ता था। हमने आॅनलाइन टोकन शुरू किया और ऐसे अनेक इंतजाम किए,
उन्होंने कहा कि इन्हीं प्रयासों के एक घटक, हमारी ‘गोधन न्याय योजना’ से न सिर्फ पशुधन विकास को नई ऊंचाई मिली है बल्कि गोबर के सांस्कृतिक महत्व के साथ ही आर्थिक महत्व को भी रेखांकित करने में बड़ी सफलता मिली है। इस योजना से प्रदेश के 3 लाख से अधिक लोगों को आय का नया जरिया मिला है
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने किसानों तथा अन्य जनहितकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लगभग 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपए की राशि प्रदान करते हुए न्याय योजनाओं को सार्थक बनाया है तो इस राशि को हितग्राहियों के बैंक खातों में डालने की व्यवस्था भी की है। ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ की संख्या विगत चार वर्षों में की संख्या मात्र 18 हजार 323 थी, जो अब बढ़कर 35 हजार से अधिक हो गई है। बैंक शाखाओं की संख्या 22 प्रतिशत बढ़कर 573 हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की गाढ़े पसीने की कमाई को उच्चस्तरीय संरक्षण से कोई लूटकर ले जाए, इस स्थिति को हम कतई बर्दाश्त नहीं कर सकते थे, इसलिए हमने सरकार में आते ही ‘चिटफंड कंपनियों’ के खिलाफ मोर्चा खोलाकिसानों को इनपुट सब्सिडी के लिए 16442 करोड़ रुपए की मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमिहीन मजदूरों को न्याय कैसे दिलाया जाए, इस संबंध में प्रदेश तो क्या देश में कोई सोच नहीं थी। हमने ‘राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ लागू कर 4 लाख 66 हजार से अधिक लोगों को वर्ष में सुनिश्चित न्यूनतम आर्थिक मदद देने का सपना साकार किया है। उन्होंने कहा कि हमने
मुख्यमंत्री ने कहा कि धान की धरती में भूख और कुपोषण का कुचक्र को तोड़ने के लिए ‘मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान’ चलाया। जिसके कारण चिन्हांकित 4 लाख 34 हजार बच्चों में से 2 लाख 65 हजार बच्चों को कुपोषण से तथा एक लाख 50 हजार महिलाओं को एनीमिया से मुक्त किया गया है। इसके अलावा हमने गर्भस्थ शिशुओं से लेकर सुरक्षित प्रसव,
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी अप्रैल 2023 से सभी जिलों में पीडीएस के राशनकार्डधारियों को फोर्टिफाइड चावल का वितरण प्रारंभ किया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 64 लाख अन्त्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित एवं निःशक्तजन राशनकार्डधारियों को अप्रैल 2022 से दिसम्बर 2022 तक निर्धारित मासिक पात्रता एवं अतिरिक्त पात्रता का चावल निःशुल्क दिया जा रहा था, जिसे जनवरी 2023 से दिसम्बर 2023 तक बढ़ा दिया गया है।
सार्वभौम पीडीएस: शत-प्रतिशत खाद्य सुरक्षा का लक्ष्य पूरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार ‘सार्वभौम पीडीएस’ के तहत 2 करोड़ 61 लाख हितग्राहियों को अर्थात् शत-प्रतिशत खाद्य सुरक्षा का लक्ष्य पूरा कर लिया है। राशनकार्डधारी अपनी सुविधा से छत्तीसगढ़ अथवा देश के किसी भी राज्य की उचित मूल्य दुकान से राशन सामग्री प्राप्त कर सकंे, इसके लिए ‘वन नेशन वन राशनकार्ड योजना’ पर अमल किया जा रहा है। 13 हजार 518 उचित मूल्य दुकानों में से 13 हजार 451 उचित मूल्य दुकानों में ‘ई-पाॅस मशीन’ स्थापित करके आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से राशन सामग्री का वितरण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं, बल्कि सुखद अहसास होता है कि हमने ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक, वाणिज्यिक, औद्योगिक विकास पर पूरा ध्यान दिया है। हमारे गांव निर्माण का केन्द्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने शासन-प्रशासन की सेवाएं आम जनता तक पहुंचाने के लिए जो घोषणाएं की थीं, उन सबको पूरा कर दिया है। विगत चार वर्षों में 6 नए जिले, 19 अनुविभाग और 83 तहसीलों का गठन किया है।
शासकीय सेवकों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल
शासकीय सेवकों को पुरानी पेंशन योजना, छत्तीसगढ़ सामान्य भविष्य निधि योजना का लाभ देने हेतु हम अपने निर्णय पर अडिग हैं और इसके लिए समुचित कदम उठाए जा चुके हैं। आम जनता को आॅनलाइन सेवाएं देने के लिए हमने लोक सेवा केन्द्रों को सशक्त बनाया
जन-जन तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने युद्ध स्तर पर प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेहत, समृद्धि और खुशहाली का सीधा रिश्ता होता है। कहा गया है-‘एक स्वास्थ्य हजार नियामत’। हमारी सरकार ने जन-स्वास्थ्य सुविधाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किए हैं। नए अस्पताल खोलने, योजना’, ‘मुख्यमंत्री दाई-दीदी क्लीनिक योजना’, ‘हमर लैब’ जैसी योजनाओं से एक करोड़ 90 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य रक्षा की है।
श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना’ के तहत राज्य के 169 नगरीय निकायों में 193 दुकानें संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम 43 लाख से अधिक लोगों को 75 करोड़ रुपए से अधिक की बचत हुई है। धन राशि किसी के इलाज में रूकावट न बने इसके लिए हमने ‘डाॅ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना’ और
आगामी सत्र से 422 स्वामी आत्मानंद स्कूल होंगे प्रारंभ
हमने शिक्षा के माध्यम से राज्य की नई पीढ़ी को सक्षम बनाने की दिशा में भी क्रांतिकारी उपाय किए हैं। पहली कक्षा की पढ़ाई मातृभाषा से शुरू करने के लिए राज्यव्यापी भाषाई सर्वे करने वाले हम पहले राज्य हैं। बस्तर के गांव-गांव में कहानी-उत्सव के माध्यम से मातृभाषा में शिक्षा देने के अभियान को गति दी गई है
शैक्षणिक उन्नयन के लिए सुघ्घर पढ़वैया’ योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सुघ्घर पढ़वैया’ योजना भी शुरू की गई है, जिसमें विद्यालयों को ही शैक्षिक उन्नयन में भागीदार बनाकर पुरस्कारों की घोषणा की गई है। अल्प समय में ही
मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा को हमने युवाओं के अनुशासन, संस्कार और उनके रोजगार की क्षमता बढ़ाने के नजरिए से देखा और समुचित कदम उठाए हैं। आवश्यकता के अनुरूप हमने सह-शिक्षा और बालिकाओं के लिए विशेष महाविद्यालय शुरू किए तथा सीटों में भी बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी की। मुझे यह कहते हुए खुशी है कि महाविद्यालयों में सकल
राज्य में बेरोजगारी दर 0.1 प्रतिशत
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एक ओर जहां शासकीय, अर्द्धशासकीय विभागों, निगमों, मंडलों, आयोगों, समितियों आदि में बड़े पैमाने पर भर्ती की गई, वहीं निजी क्षेत्रों में भी रोजगार और स्वरोजगार की समुचित व्यवस्थाएं की गईं। राज्य लोक सेवा आयोग, व्यापम में परीक्षा शुल्क माफ किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा विकास का हमारा माॅडल सजावटी और दिखावटी न होकर बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करते हुए जन-जन को सशक्त बनाने वाला होगा। इसी सांचे में हमने अधोसंरचना विकास को भी ढाला है, जिसका निर्माण समय-सीमा में पूर्ण हो और जिसका लाभ जनता को तत्काल मिलना शुरू हो, ऐसी सड़क, जल संसाधन,
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2020 तक 9 लाख 39 हजार 335 आवासों की स्वीकृति देकर 8 लाख 33 हजार 488 का निर्माण पूरा हो चुका है तथा शेष का निर्माण शीघ्र पूरा कर दिया जाएगा। वर्ष 2021-22 में 1 लाख 57 हजार 815 आवासों के लक्ष्य अनुरूप शत-प्रतिशत स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। मुझे खुशी है कि आर्थिक तंगी के कठिन दौर में भी हमारी रणनीति से चहुंओर राहत पहुंचाई गई और विकास को गति दी गई।
बात हे अभिमान के, छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान के
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पुरखों ने सिखाया है कि अपनी माटी, परंपराओं और संस्कृति से जुड़कर हम एकजुटता के सेतु बनाते हैं। इन मूल्यों के विपरीत चलने का खामियाजा पहले भी बहुत भुगता जा चुका है इसलिए हम छत्तीसगढ़िया अस्मिता, स्वाभिमान और स्वावलंबन की अलख जगाने के लिए छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा स्थापित कर रहे हैं, जो जाति-धर्म-संप्रदाय से ऊपर उठकर छत्तीसगढ़ियत के आदर्शों का विस्तार करेगी।
‘छत्तीसगढ़िया ओलंपिक’ के माध्यम से पारंपरिक ग्रामीण खेलों के प्रति चेतना जगाने और आपसी सद्भाव को मजबूत बनाने में हमें अपार सफलता मिली है। इससे बने वातावरण से प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विस्तार के अभियान को गति मिलेगी तथा इसका लाभ युवाओं को खेलकूद में भी बड़ी सफलताओं के रूप में मिलेगा।




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