रायपुर/// कांग्रेस सरकार मानसून सत्र से
पहले कार्यकर्ताओं को नेताओं को विधायकों को सत्ता में सक्रियता के लिए भागीदार
बनाने मंथन कर रही हैं, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने विस्तार को लेकर हरी झंडी दे दी है , हरी झंडी मिलते
ही अति
उत्साहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अब निगम, मंडल में अपनी हिस्सेदारी
सुनिश्चित करने के लिए दबाव बना रहे हैं. वैसे भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सत्ता
की कुर्सी को संभालने के बाद इशारों इशारों में यह एलान किया था की लोकसभा चुनाव
के बाद निगम मंडलों में नियुक्तियां
की जाएंगी इसी प्रक्रिया में सबसे बड़े पद प्रदेश अध्यक्ष जिसकी जिम्मेदारी मोहन मरकाम को
मिल चुकी है मोहन मरकाम के अध्यक्ष बनते हैं अमरजीत भगत को भी मंत्री पद की सौगात
दे दी गई है , इस तरह सत्ता
के महत्वपूर्ण पदों का एक चैप्टर समाप्त हो गया है
पिछले 6 माह से सत्ता
मैं सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए वह
तमाम नेता काफी बेचैन लग रहे हैं. जिन्होंने निगम
मंडल आयोग में अपनी नियुक्ति का सपना संजो रखा है, प्रभारी पीएल
पुनिया से भी वरिष्ठ कांग्रेसियों ने ररायशुमारी कर ली है , अब सिर्फ
घोषणाओं का इंतजार है
| कांग्रेस से जीत कर आए वरिष्ठ नेता
सत्यनारायण शर्मा, धनेंद्र
साहू ,अमितेश
शुक्ला भी मंत्री बनने के लिए कतार में खड़े हैं लेकिन मंत्री अमरजीत भगत के बन जाने के बाद मंत्री पद समाप्त हो गए हैं पीएल
पुनिया ने इशारों इशारों में कहा है की चिंता की बात नहीं है अभी जो मंत्री पद पर
बैठे हैं उनके कार्यों की समीक्षा की जाएगी और वह पार्टी के मापदंडों पर खरे नहीं
उतरे तो उन्हें मंत्री पद गंवाना पड़ सकता है. यह एक ऐसी उम्मीद की किरण है जिसके
सहारे यह वरिष्ठ नेता समय काटते नजर आएंगे पर लगता नहीं कि यह मामला जल्दी ही हल होगा |
वरिष्ठ
नेताओं के बाद कनिष्ठ नेता निगम मंडल आयोग मैं पदभार ग्रहण करने के लिए एड़ी
चोटी का जोर लगाए हुए हैं इन पदों पर कुछ तो विधायकों को सत्ता का सुख मिलेगा, कुछ आईटी सेल के लोगों को भी इन पदों पर लिया जा सकता है. वैसे तो छत्तीसगढ़ राज्य में 33 के करीब निगम मंडल आयोग हैं
जिनमें कम से कम 2 नेताओं को
तो सत्य की चासनी मिल सकती है. इसके अलावा अगले वर्ष नगरी निकाय के नगर निगम के
चुनाव भी हैं उनमें भी कांग्रेसजनों को संतुष्ट किया जा सकता है. पर बिना चुनाव लड़े
सत्ता के महत्वपूर्ण पदों पर बैठने का सुख अलग है इसलिए निगम मंडलों में पद आसीन
होने के लिए काफी जोर आजमाइश चल रही है
6 महीने से
इंतजार कर रहे नेताओं में रायपुर से काफी
लंबी सूची है जिसमें शैलेश नितिन त्रिवेदी ,महेंद्र छाबड़ा, आनंद शुक्ला, राम गोपाल अग्रवाल भी पद पाने के लिए सक्रिय हैं, पूरे छत्तीसगढ़ में बस्तर से अमीन
मैनन, फूलो देवी
नेताम पूर्व मेयर उमाकांत शुक्ला की भी दावेदारी है बिलासपुर से भूपेश बघेल के
चहेते अटल श्रीवास्तव भी इस निगम मंडल दौड़ में शामिल हो सकते हैं जातीय समीकरणों
को देखते हुए अजाज ढेवर. सलमान रिजवी और गांधी की भी चर्चा है विशेष नामों
में डॉ राकेश गुप्ता. सुभाष , अमित पांडे भी शामिल हो सकते हैं
सतनामी समाज को भी बैलेंस करने के लिए हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए गुरु
बालक दास जी को भी लालबत्ती मिलना तय है गुरु बालक दास के सूत्रों के अनुसार
उन्होंने राज्यसभा में जाने की इच्छा जताई है




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