रायपुर///
राजीव भवन में उस वक्त भावता का वातावरण
निर्मित हो गया जब भूपेश बघेल मंच पर संघर्ष से सत्ता तक के सफर पर बोल
रहे थे मौका था पीसीसी अध्यक्ष के नए नेता के पदभार ग्रहण
का मोहन मरकाम को राहुल गांधी ने कल विधिवत नियुक्त कर दिया था आज उनका शपथ ग्रहण
समारोह था कांग्रेस के तमाम बड़े नेता मंत्री छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया मंच
पर विराजमान थे एक एक करके सभी लोग संघर्ष से सत्ता की यात्रा का बखान कर रहे थे
भूपेश बघेल की बारी आई तो उन्होंने कहा की टी एस बाबा का साथ नहीं होता तोपार्टी
आजइस मुकाम पर नहीं पहुंचती.
झीरम घाटी के बाद से जो
संघर्ष शुरू हुआ वह बहुत ही अविस्मरणीय है उसे भुलाया नहीं जा सकता झीरम घाटी में
करीब-करीब प्रथम और दूसरी
पंती
के बड़े नेताओं की शहादत हो गई थी .अब जो थे उनके कंधों पर बिखरी हुई कांग्रेस के को संभालने का
जुम्मा आ गया था उस वक्त राहुल गांधी ने यह जिम्मेदारी भूपेश बघेल के कंधों पर रखी
5 साल का संघर्ष करते-करते भूपेश बघेल और टीएस सिंह देव ने पार्टी को आज इस
मुकाम पर पहुंचाया है कि वह 68
विधायकों के साथ रमन सिंह जैसे कद्दावर नेता
की पार्टी को हराकर सत्ता पर काबिज हुए |
सत्ता हासिल करने के बाद भूपेश बघेल अध्यक्ष पद के
साथ साथ मुख्यमंत्री का पद भी संभाल रहे थे उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल
गांधी से कहा की सरकार में रहते हुए संगठन की जिम्मेदारी उठाना कठिन हो रहा है आप
जल्द से जल्द अध्यक्ष पद पर किसी योग्य नेता का चयन करें छत्तीसगढ़ प्रदेश से
राहुल गांधी ने तमाम तरह के फीडबैक लिए और कल यह निर्णय किया कि मोहन मरकाम नए
अध्यक्ष होंगे|




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