रायपुर 14 /11 /2022 // पूरे प्रदेश में नर्सिंग होम रजिस्ट्रेशन में आ रही दिक्कतों को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन रायपुर द्वारा निरंतर अंतराल में ध्यान आकर्षित किए जाने को संज्ञान में लेते हुए संचालक स्वास्थ्य सेवाएं भीम सिंह द्वारा संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में पुराना नर्सिंग हॉस्टल रायपुर स्थित ऑफिस में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन रायपुर के प्रति निधिमंडल को बैठक में आमंत्रित किया.
पिछले 10 वर्षों से लागू हुए नर्सिंग होम एक्ट में विभिन्न संबंधित विभागों की ओर से आ रही निरंतर कठिनाइयों को सिलसिलेवार गिनाते हुए प्रतिनिधि मंडल ने उन्हें दूर करने छत्तीसगढ़ राज्य नर्सिंग होम एक्ट 2013 के संशोधन हेतु सार्थक और प्रासंगिक सुझाव दिए ।
सकारात्मक रुख दिखाते हुए संचालक स्वास्थ्य सेवाओं ने संबंधित अड़चनों पर संबंधित विभागों से भी विचार विमर्श की आवश्यकता बताई है.
आई एम ए रायपुर ने संचालक स्वास्थ्य सेवाओं से आग्रह किया है कि नर्सिंग होम एक्ट के गुणवत्ता युक्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्यों का पालन करते हुए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी करने की आवश्यकता है
इसके लिए निरंतर संवाद से सकारात्मक रास्ता निकाला जा सकता है ।
संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्री भीम सिंह ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन रायपुर के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि इस हेतु शीघ्र ही सकारात्मक हल निकाला जाएगा ताकि छत्तीसगढ़ राज्य के सभी नर्सिंग होम को एक्ट के उद्देश्यों का पालन करते हुए रजिस्ट्रेशन एक समय सीमा में मिल सके ।
आने वाले दिनों में और भी संबंधित विभागों से बैठक होने की संभावना है.
प्रतिनिधिमंडल में डॉ महेश सिन्हा, डॉ ललित शाह ,डॉ राकेश गुप्ता, डॉ अनिल जैन ,आई एम ए रायपुर के अध्यक्ष डॉ विकास अग्रवाल और महासचिव डॉ दिग्विजय सिंह शामिल थे
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मांग पत्र
प्रति,
संचालक स्वास्थ्य सेवाएं,
छत्तीसगढ़ शासन विषय –
नर्सिंग होम एक्ट 2013 में संशोधन हेतु सुझाव । आदरणीय महोदय, छत्तीसगढ़ प्रदेश की चिकित्सा सेवाओं में 70% से अधिक जिम्मेदारी निजी चिकित्सा संस्थान संभालते हैं । प्रदेश में नर्सिंग होम एक्ट 2013 के अव्यावहारिक नियमों के कारण नीति क्लीनिक और अस्पतालों को रजिस्ट्रेशन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण नए संस्थान खुलने बंद हो रहे हैं और कई बंद होने की कगार पर हैं । नर्सिंग होम एक्ट का उद्देश्य प्रदेश की जनता को पारदर्शी एवं गुणवत्ता स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना रहा है। अब यह इस उद्देश्य से भटकने लगा है इंडियन मेडिकल एसोसिएशन रायपुर एक्ट में संशोधन की मांग करता आया है । इस विषय में हमारे कुछ सुझाव हैं.... 1. एक्ट के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन हेतु पर्यावरण संरक्षण मंडल तथा फायर डिपार्टमेंट के एनओसी की बाध्यता वह एक्ट के रजिस्ट्रेशन से अलग किया जाए दोनों विभागों में एनओसी की प्रक्रिया अलग से की जानी चाहिए। 2. रजिस्ट्रेशन हेतु बायो मेडिकल वेस्ट एकत्र करने वाली कंपनी द्वारा दिया गया इनवॉइस तथा सर्टिफिकेट मान्य हो। 3. क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में रजिस्ट्रेशन के लिए फायर क्लियरेंस हेतु अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता तथा उनके नियमित रख रखाव हेतु संस्थान के संचालक के शपथ पत्र को को मान्य किया जाए 4. रजिस्ट्रेशन शुरू करने की प्रक्रिया के लिए नगर निगम से अनुज्ञप्ति लाइसेंस की बाध्यता समाप्त की जाए। 6. एक्ट में रजिस्ट्रेशन से क्लिनिक तथा 50 बिस्तर से छोटे अस्पतालों से मुक्त रखा जाए, जैसा कि उत्तरप्रदेश उड़ीसा पंजाब तथा हरियाणा सहित अन्य कई राज्यों में लागू है। 7. क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में रजिस्ट्रेशन हेतु Single Window व्यवस्था लागू की जाए। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन रायपुर आशा करता है कि सुझावों पर विशेष ध्यान देते हुए उचित निर्णय लेंगे। आपके सहयोग के आकांक्षी....




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