नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों का कड़ाई से हो पालन: मुख्य
सचिव
रायपुर // छत्तीसगढ़ निर्माण के
बाद मेडिकल सर्विसेस को लेकर रायपुर शहर में बहुत से हॉस्पिटल खोले गए हैं मेडिकल
सुविधाएं क्योंकि काफी अच्छे स्तर पर हैं तो पूरे प्रदेश के अलावा राज्य से जुड़े
हुए अन्य राज्यों से भी भारी तादात में मरीज रायपुर के अस्पतालों में इलाज सुनिश्चित
कराने के लिए आते हैं सभी
हॉस्पिटल से काफी मात्रा में मेडिकल वेस्ट निकल रहा
है जिसका सुनिश्चित नष्ट होना अत्यंत ही आवश्यक है लेकिन पिछले 15 वर्षों से देखा गया है कि उस वेस्ट
को खुले में फेंक दिया जाता है जिसके कारण
मानव जीवन के अलावा जानवरों की जान को भारी खतरा है, इसको लेकर एनजीटी ने
शासन को सख्त निर्देश दिए हैं की मेडिकल वेस्ट जिसमें दवाइयां भी शामिल हैं, एक्सपायरी दवाइयां
उनको दवा विक्रेता खुले में डंप कर रहे हैं जिसके कारण जानवर उनको खा कर मौत को
गले लगा रहे हैं ऐसे अनेक घटनाएं रायपुर के आसपास घटित हो रही हैं जिस पर चिंता
व्यक्त करते हुए एनजीटी ने सरकार को इस मेडिकल बेस्ट
को ठिकाने लगाने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं
ताजे हालात हैं की दवा व्यापारियों ने तथाकथित रूप से राज्य के अधिकारियों की मिलीभगत
से मेडिकल वेस्ट को नष्ट करने के प्रमाण पत्र प्राप्त कर लिए हैं लेकिन वह सब
फर्जी है वस्तु स्थिति है कि दवा विक्रेता और
हॉस्पिटल संचालक यहां तक सरकारी
हॉस्पिटल इस मेडिकल कचरे को ठिकाने नहीं लगाते जिसके कारण मानव को अनेक तरह की
बीमारियों से जूझना पड़ रहा है, इसकी चिंता सरकार को
नहीं है इसको लेकर लगातार एनजीटी को
शिकायतें मिल रही थी कल एनजीटी ने शासन को सख्त निर्देश दिए हैं की बायो मेडिकल वेस्ट पूर्ण रूप से नष्ट करने के
लिए ठोस कदम उठाएं
मुख्य सचिव श्री सुनील कुजूर ने आज समस्त जिला कलेक्टरों को
वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देशित किए की नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल
(राष्ट्रीय हरित अधिकरण) द्वारा ठोस एवं द्रव्य अपशिष्ट प्रबंधन, पॉलिथिन कैरी बेग
नियंत्रण, नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने, औद्योगिक क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट
निर्मित करने संबंधी दिए गए आदेशों-निर्देशों का पालन कड़ाई के साथ किया जाए | राज्य के रायपुर,
बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, कोण्डगांव, सरगुजा और बीजापुर
में बायो मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन के लिए समुचित तंत्र की स्थापना का कार्य दस
दिनों में प्रारंभ कर दिए जाएं। उन्होंने कहा है कि एन.जी.टी. द्वारा सौपे गए
जिम्मेदारियों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाएं
वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग में राष्ट्रीय हरित ट्रिब्यूनल द्वारा
निर्देशित 12 बिन्दुओं पर चर्चा की गयी। राज्य के विभिन्न शहरों में बायो मेडिकल
वेस्ट के प्रबंधन का कार्य शीघ्र ही शुरू किया जाना है। इसके क्रियान्वयन के लिए
स्वास्थ्य विभाग एवं आवास एवं पर्यावरण विभाग द्वारा कार्रवाई की जानी है। शहरी
एवं ग्रामीण क्षेत्रों को पॉलीथिन मुक्त बनाने के लिए नगरीय विकास विभाग और पंचायत
एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सघन और सतत् कार्रवाई की जाएगी। नगरीय निकायों में
ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन । ठोस एवं अपशिष्ट प्रबंधन के लिए प्रत्येक जिले में
तीन पंचायतों को मॉडल पंचायत के रूप में विकसित किया जाएगा। संरक्षण की जिम्मेदारी
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की होगी। इस दौरान अपर मुख्य सचिव वन एवं पंचायत एवं
ग्रामीण विकास श्री आर.पी. मण्डल,
पुलिस महानिदेशक श्री डी.एम. अवस्थी, प्रमुख सचिव परिवहन
एवं वाणिज्य एवं उद्योग श्री मनोज कुमार पिंगवा, सचिव जल संसाधन श्री अविनाश चम्पावत, सचिव गृह श्री अरूण
देव गौतम, विशेष सचिव नगरीय प्रशासन एवं विकास श्रीमती अलरमेल मंगई डी, विश्ेाष सचिव आवास
एवं पर्यावरण सुश्री संगीता पी. उपस्थित थे।




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