रायपुर 31 अक्टूबर 2022 // // //// राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में मोजाम्बिक, टोगो, मंगोलिया, रूस, इंडोनेशिया, सर्बिया, न्यूजीलैंड, इजिप्ट और मालदीव कलाकारों सहित देश के विभिन्न राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के लगभग 15 सौ कलाकार अपनी प्रस्तुति देंग
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लकड़ी और चमड़े से बने वाद्ययंत्रों के साथ होगी घबुकुडु नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति उड़ीसा की घुडका जनजाति के कलाकार पहुंचे राजधानी
उड़ीसा की घुमंतु जनजाति लकड़ी और चमड़े से बने वाद्ययंत्रों के साथ मनमोहक प्रस्तुति देंगे। राजधानी रायपुर कें साइंस कॉलेज मैदान में एक नवंबर से शुरू हो रहा है। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में उड़ीसा के घुडका जनजाति के कलाकार पहली बार शामिल होने जा रहे हैं। ये कलाकार मुख्य मंच पर घबुकुडु नृत्य की प्रस्तुति देंगे।
घबुकुडु नृत्य में लगभग 22 कलाकार अपने परंपरागत् परिधानों में सज-धजकर घुडका गीत गाते हुये नृत्य करते हैं। इस नृत्य में लकड़ी और चमड़े से बने वाद्य यंत्र घुडका का उपयोग किया जाता है। नृत्य में पुरूष और महिला दोनों शामिल होते है। नृत्य समूह के मुखिया सुश्री रीमा बाघ ने बताया कि महिलायें कपटा (साड़ी), हाथों में भथरिया और बदरिया, गले में पैसामाली, भुजाओं में नागमोरी पहन कर नृत्य करती है। इसी प्रकार पुरूष लंगोट (धोती) और सिर में खजूर की पत्ती से बनी टोपी विशेष रूप से पहनते है। उन्होंने बताया कि घुडका जनजाति घुमन्तु प्रजाति है, इस नृत्य का प्रदर्शन वे जंगल से बाहर भ्रमण के दौरान आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करते हैं। यह जनजाति भोजन से लेकर अन्य जरूरतों के लिए पूरी तरह वन संसाधनों पर निर्भर रहती है। ये अपने परंपरागत् देवी-देवाताओं में गहरी आस्था रखते हैं।
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मंगोलिया का नर्तक दल पहुंचा राजधानी
मंगोलिया के सांस्कृतिक दूत के रूप में महोत्सव में भाग लेना गर्व की बात: टीम लीडर एंखबोल्ड टुमूरबातर
राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में बिखेरेंगे नृत्य की मनमोहक छटा
मंगोलिया का नर्तक दल आज राजधानी रायपुर पहुंच गया है। यह दल स्थानीय साइंस कॉलेज मैदान में 01 से 03 नवंबर तक चलने वाले राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में अपनी नृत्य शैली की छटा बिखेरेगा।
टीम लीडर श्री एंखबोल्ड टुमूरबातर ने बताया कि हम अपनी कला और संस्कृति से छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ ही भारत के विभिन्न राज्यों एवं अन्य विदेशी मेहमानों के दिल में जरूर स्थान बनाने में सफल होंगे। इस महोत्सव में मंगोलिया के सांस्कृतिक प्रतिनिधि के रूप में भाग लेना हम सब के लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि उनके दल में 10 सदस्य हैं जिसमें 5 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल हैं।
मंगोलिया के नर्तक दल का स्वामी विवेकानंद विमानतल माना पहुंचने पर राज्य सरकार के अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत किया। नर्तक दल के सदस्यों ने स्वागत से अभिभूत होकर कहा छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया। इस दौरान नर्तक दल ने नृत्य की मोहक झलक भी दिखाई।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में मोजाम्बिक, टोगो, मंगोलिया, रूस, इंडोनेशिया, सर्बिया, न्यूजीलैंड, इजिप्ट और मालदीव कलाकारों सहित देश के विभिन्न राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के लगभग 15 सौ कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।




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