नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के चार विद्यार्थियों ने आई.आई.टी.
के लिए किया क्वालिफाई
मुख्यमंत्री ने एन.एम.डी.सी की और से प्रदान की
सवा-सवा लाख रूपए की राशि
रायपुर 27 // /मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज
यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में नक्सल प्रभावित जिले दंतेवाड़ा के छू-लो-आसमान
योजना के तहत् भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में प्रवेश के लिए क्वालिफाई करने वाले
चार होनहार विद्यार्थियों ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने इन विद्यार्थियों को
एन.एम.डी.सी. की ओर से सवा-सवा लाख रूपए का चैक प्रदान कर उनके उज्जवल भविष्य के
लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। उल्लेखनीय है कि इन बच्चों को एन.एम.डी.सी. और जिला
प्रशासन दंतेवाड़ा की महात्वाकांक्षी योजना छू-लो-आसमान के तहत इंजिनियरिंग और.
मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के लिए कोचिंग दी गई थी।
मुख्यमंत्री से मुलाकत के दौरान
दंतेवाड़ा के श्री संतुराम कुंजाम ने बताया कि उनका चयन आई.आई.टी कानपुर में कैमिकल
ब्रांच और बस्तर जिले की कुमारी किरण बघेल का आई.आई.टी. खड़गपुर में बायोटेक्नालाजी
ब्रांच में चयन हुआ है। एन.एम.डी.सी. के चैयरमेंन और प्रबंध संचालक श्री एन.
बैजेन्द्र कुमार ने बताया कि आई.आई.टी. के लिए चार विद्यार्थियों ने क्वालिफाई
किया है। इनमें से दो विद्यार्थियों का आई.आई.टी. में चयन हो चुका है तथा
काउंसिलिंग में दो विद्यार्थियों दंतेवाड़ा के हरीश बघेल और धमतरी के वेदप्रकाश के
चयन होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि एन.एम.डी.सी. की ओर से आई.आई.टी. और
एम्स में विद्यार्थियों के चयन होने पर पांच-पांच लाख रूपए की राशि उनके पाठ्क्रम
के दौरान समान वार्षिक किश्तों प्रदान की की जाएगी। इस वर्ष इन बच्चों को 1.25-1.25 लाख रूपए की राशि प्रदान की जा रही है। छू-लो-आसमान योजना में इस
वर्ष नंीट में 39, एन.आई.टी. में 11,
विद्यार्थियों ने क्वालिफाई किया है।
इनमें से 06 विद्यार्थियों को एम.बी.बी.एस. कोर्स में प्रवेश मिलने की संभावना
है। इस अवसर पर मुख्यसचिव श्री सुनील कुजुर, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री गौरव
द्विवेदी, एन.एम.डी.सी. के निदेशक (उत्पादन) श्री प्रदीप सतपथी और सलाहकार
श्री दिनेश श्रीवास्तव सहित विद्यार्थियों के शिक्षक भी मौजूद थे।
एन.एम.डी.सी. और जिला प्रशासन
दंतेवाड़ा द्वारा चलाई जा रही छू-लो-आसमान योजना में कक्षा 8वीं के प्रतिभाशाली
बच्चों का प्रवेश परीक्षा के माध्यम से चयनकर उन्हें 9 वीं से 12 वीं कक्षा की स्कूल
की पढाई के साथ साथ इंजीनियरिंग और मेडिकल की प्रवेश परीक्षाओं की विशेष कोचिंग दी
जाती है। यह योजना 2011 से चलाई जा रही है। शैक्षणिक सत्र 2019-20 में कुल 620 विद्यार्थियों ने
इस योजना का लाभ लिया। योजना संचालन के लिए प्रतिवर्ष चार करोड़ की राशि
एन.एम.डी.सी. की ओर से उपलब्ध करायी जाती है। इस योजना के तहत विद्यार्थियों को
निःशुल्क गणवेश और कक्षा के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पुस्तकें उपलब्ध
करायी जाती है। इसके अलावा कम्प्यूटर लेब, वाई-फाई विडियो लेक्चर एवं आनलाइन
टेस्ट की सुविधा सहित अन्य सहायता उपलब्ध करायी जाती है।




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