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गांधी जी ने वस्त्र इसलिए त्यागे क्योंकि उन्होंने हिन्दुस्तान की न्यूनतम आवश्यकताओं की परम्परा का निर्वहन किया >>> मुख्यमंत्री भूपेश बघेल

Anil Choubey 02-10-2022 18:25:09


****** मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ‘गांधी, युवा और नये भारत की चुनौतियां’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में हुए शामिलस्व-रोजगार गढ़कर स्वावलंबी बनना ही गांधी जी का रास्ता: श्री भूपेश बघेल वाटर रिचार्जिंग के क्षेत्र में बेहतर काम करने वालों को ‘अनुपम मिश्र पुरस्कार‘ देने की घोषणा प्रसिद्ध रंगकर्मी हबीब तनवीर के नाम पर मिलेगा पुरस्कार सेवा, संघर्ष और त्याग महात्मा गांधी जी का मार्ग है: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ****

रायपुर, 02 अक्टूबर 2022////  मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल गांधी जयंती के अवसर पर आज शहीद स्मारक भवन में ‘गांधी, युवा और नये भारत की चुनौतियां’ विषय पर संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने वाटर रिचार्जिंग के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले व्यक्ति और संस्था को ‘अनुपम मिश्र पुरस्कार‘ देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रसिद्ध रंगकर्मी ‘हबीब तनवीर‘ के नाम पर भी पुरुस्कार दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री और छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने इस अवसर पर श्री आशीष सिंह द्वारा लिखित पुस्तक ‘सोनाखान 1857‘ और श्री आमिर हाशमी द्वारा लिखित पुस्तक ‘जोहार गांधी‘ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री प्रदीप शर्मा, विधायक श्री देवेन्द्र यादव, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के सचिव श्री अन्बलगन पी, संस्कृति विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य सहित राजीव युवा मितान क्लब के लगभग साढ़े तीन हजार युवा सदस्य भी मौजूद थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री जी को याद करने का दिन है। महात्मा गांधी ने अपने जीवनकाल में जिन चीजों का प्रयोग किया गया, वह सभी वर्धा में स्थित मगन संग्रहालय में रखा गया है। उन्होंने चरखा, कृषि औजारों पर लगातार शोध करवाया। कार्यों को और उत्कृष्ट ढंग से करने के लिए प्रोत्साहन पूर्ण आयोजन उस समय गांधी जी ने करवाए। पूरी दुनिया में जितनी भी क्रांति हुई है, वह युवाओं से हुई है, अन्याय के विरुद्ध प्रतिशोध की भावना जागृत हुई, परिवर्तन की अलख जगी। गांधी जी ने स्वावलंबन, प्रेम, सत्य, अहिंसा का रास्ता दिखाया और आजादी दिलाई।

श्री बघेल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि गांधी जी ने वस्त्र इसलिए त्यागे क्योंकि उन्होंने हिन्दुस्तान की न्यूनतम आवश्यकताओं की परम्परा का निर्वहन किया। अगर आगे बढ़ना है तो हमें भी न्यूनतम आवश्यकताएं रखनी चाहिए। उन्होंने युवाओं से कहा कि अपना समय और ऊर्जा नये विचारों और कामों के लिए खर्च करें। गांधी जी चाहते थे युवा आत्मनिर्भर बनें, स्वावलंबी बनें, आगे बढ़ें, इन्हीं विचारों को लेकर गांधी जी भी आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि गांधी ने अहिंसा, सत्य और प्रेम से लड़ाई लड़ी। मेहनत और समर्पण से स्व-रोजगार गढ़कर स्वावलंबी बनना गांधी जी का रास्ता

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