वैसे तो दुनिया में नैतिकता का पतन तेजी से हुआ है पूरी दुनिया में सत्ता हासिल करने के लिए जितने भी तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं वह इस वक्त सभी राजनीतिक दल के नेता, शासक अपना रहे भारत में 17 वी लोकसभा के शपथ ग्रहण समारोह में प्रजातंत्र के सबसे बड़े मंदिर संसद में जिस तरीके से धार्मिक नारेबाजी हुई, उसने पूरी संसद की गरिमा को तार-तार कर दिया दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में धर्म को लेकर तरह-तरह के नारेबाजी किसी ने जय श्री राम तो किसी ने अल्लाह हो अकबर के नारे लगाए यह लोकतंत्र के मंदिर का सबसे बड़ा अपमान था, जहां लोकतंत्र बचाने की शपथ ग्रहण समारोह में इस तरीके के दृश्य को देखा गया | ऐसा क्यों हुआ इसके पीछे आज जो नेता चुनकर हमारे मतदाताओं ने भेजा है. वह भूल गए की हम जिस देश के हितों की रक्षा के लिए इस मंदिर में बैठे हैं. वह एक प्रजातंत्र का मंदिर है, सर्वधर्म समान आदर के भाव का स्थान है. लेकिन अति उत्साह में पूरे जोश में लगे नारो ने संसद की गरिमा को तार-तार कर दिया |
60 वर्षों तक सत्ता का सुख प्राप्त
करने वाली कांग्रेस ने इस के तरह प्रजातंत्र की नीव जाने अनजाने में रख दी थी. उस नीव के ऊपर आज धर्म राजनीति की बड़ी इमारत तैयार होकर खड़ी है इसका मुख्य कारण है नेताओं को सत्ता की चासनी
में डूबे रहने की आदत पड़ कांग्रेस ने चुनावी मौकों पर कई तरह के लोक लुभावने वादा कर मतदाताओं को ठगा और सत्ता
हासिल की सत्ता का असली फायदा उन तमाम बिचौलियों ने अपने स्वार्थ के लिए
भ्रष्टाचार की सीढ़ी पर चढ़कर नेताओं को अकूत धन दिया
राजनीति को व्यापार बना दिया यहीं से प्रजातंत्र के पतन का मामला शुरू हुआ गरीबी
हटाओ बोट लो देश पर विदेशी हमलों का खतरा है
हम को वोट दो और चैन से रहो बेचारे मतदाता अपनी असली समस्याओं को भूलकर इन छल
छिद्र के वादों में भटक गई और ऐसे लोगों को संसद भेज दिया जिन्होंने ना तो कभी
संविधान की किताब पढ़ी और ना ही उसके मायने समझे
17 वी लोकसभा के गठन की तैयारियों मैं
तमाम तरह की नैतिकता को ताक में रखकर
नेताओं ने सरकारी खजाने को लुटा कर मतदाताओं को भ्रमित किया सत्ता में आने के लिए
किसी ने कर्जा माफी का फार्मूला जनता के सामने
दिया तो किसी ने गरीब किसानों के लिए 6000 की पेंशन को मुद्दा बनाया. कर्जा माफी को लेकर तो कांग्रेस पार्टी सफलता के साथ छत्तीसगढ़. मध्य प्रदेश और राजस्थान में सत्ता पर काबिज हो गई किसानो का
करजा माफी उस पैसे से करूंगा जिस पैसे से देश में विकास होना था. लेकिन कर्ज से परेशान किसानों ने क्षणिक राहत के लिए अपने
बच्चों का भविष्य दांव पर लगा कर कांग्रेस को सत्ता दे दी भाजपा को भारी झटका लगा उसे लगा की इससे सस्ता फॉर्मूला और क्या
हो सकता है और सरकारी खजाने से वोट खरीदने का
सिलसिला शुरू हो गया कांग्रेस ने लोकसभा में आने के लिए उससे भी
बड़ा खेल खेला न्याय योजना की घोषणा कर दी या हम मुफ्त में बिना काम किए हुए लोगों
को साल में 72000 हजार देंगे लेकिन लोकसभा में उन लोगों ने इस फार्मूले को नकार दिया या यूं कहे उसके खिलाफ मत किया की यह पैसा टैक्सपेयर का पैसा था इसे वोट
खरीदने में नहीं लगाया जाना चाहिए
न्याय योजना धरी की धरी रह गई इसका फायदा सीधे बीजेपी को मिला और 303 लोकसभा सीटों पर उसने अपने दम पर
जीत हासिल की
कल हमारे साथी डी वी शर्मा जो आजकल नवभारत के वाइस चेयरमैन है ने
यह कार्टून मुझे पोस्ट किया मुझे लगा कि इस वक्त समय अनुसार सटीक कार्टून
है की टैक्स पेयर के पैसे से सिर्फ स्वास्थ्य ,शिक्षा, सुरक्षा और
विकास में ही खर्च होना चाहिए ना की वोट खरीदने में |




Copyright @ 2020 All Right Reserved | Powred by Divyadoot
Comments