बिलासपुर 28/09/2022//// बिलासपुर के प्रतिष्ठित परिवार के मुखिया बजरंग लोहिया ने अपने सगे भांजे की अचल संपत्ति को हड़पने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाए और उसमें वह सफल भी रहे हैं ऐसा आरोप बजरंग के भांजे रामअवतार गोयनका ने लिखित में प्रेस विज्ञप्ति जारी करके लगाए हैं |
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आवेदन बिलासपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी
रामअवतार के द्वारा लिखित में लगाए गए अनेकों आरोपों में सबसे दिलचस्प मामला बिलासपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी का है जहां बजरंग लोहिया और रामअवतार ने व्यापार विहार सेक्टर में दो - दो प्लॉट बुक किया चूँकि मामा भांजे संयुक्त रुप से एक साथ व्यापार कर रहे थे सो प्लॉट बुकिंग वक्त विश्वास करते हुए बुकिंग कर्ताओं का पता एक ही था जो बजरंग लोहिया के अधिपत्य में था बिलासपुर अथारिटी द्वारा पत्र व्यवहार उसी पते पर होता रहा आवंटन का पत्र भी उसी पते पर आया जिसे लोहिया ने रामअवतार को नहीं बताया कुछ दिन बाद एक फर्जी सहमति पत्र बनाकर बिलासपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी की भू आवंटन शाखा को दिया अनुरिध किया कि उक्त भूखंड को बजरंग लोहिया के पक्ष में आवंटन कर दिया जाए इस पत्र को बिलासपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी में लगाकर राम अवतार के नाम पर आवंटित प्लाट को भी अपने नाम पर कर लिया यह सब इस तरह गुपचुप तरीके से किया गया इसकी भनक रामअवतार को न लगे |
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आरोप फर्जी सहमती पत्र
रामअवतार ने जब बिलासपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (जिसका विलय नगर पालिक निगम में हुआ) की भूमि आवंटन शाखा में पता किया कि उनको आवंटित प्लाट की क्या ताजी स्थिति है तो उनको पता चला कि आप की सहमति पत्र के आधार पर आपके प्लाट का पट्टा पंजीयन बजरंग लोहिया के नाम पर कर दिया गया है , तब उनके साथ हुई धोखाधड़ी का खुलासा हुआ इस पर उन्होंने दस्तावेज निकालें और शिकायत दर्ज कराई कि जो सहमति पत्र भूमि आवंटन की फाइल में लगा है उसमें मेरे हस्ताक्षर नहीं है मेरे साथ धोखाधड़ी हुई है इसकी जांच की जाए और पुलिस को सूचित करने की मांग की बिलासपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी ने शिकायत पत्र के आधार पर बजरंग लोहिया को दो बार नोटिस भेजा जिसका बजरंग लोहिया ने कोई जवाब नहीं दिया और अपने रसूख का फायदा उठाते हुए अपने विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं होने दी।
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रामअवतार ने यह भी बताया है कि बजरंग लोहिया ने अपने कुछ मित्रों , रिश्तेदारों के साथ
मिलकर




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