मध्य प्रदेश सरकार की छवि चमकाने के लिए , झोपड़पट्टीओं में चल रही कंपनियों को दो हजार करोड़ का ठेका
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फ़ाइल फोटो
भोपाल 11/09/2022 /// सरकार की छवि चमकाने के लिए सरकारी अधिकारियों ने सरकार को ही दो हजार करोड़ का चूना लगा दिया है , जिसकी शिकायत पूर्व विधायक किशोर समरीते ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिकायत करते हुए गुजारिश की है, कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए तभी इस घोटाले में जो 2000 करोड़ का बंदरबांट हुआ है उसका खुलासा होगा उन्होंने आरोप लगाया है कि बिना किसी सत्यापन के झोपड़पट्टीओं के पते पर चल रही इन कंपनियों के मालिकों को भुगतान कर दिया गया है यह एक बड़ा फर्जीवाड़ा है मध्य प्रदेश शासन के उच्च अधिकारीइसकी जाँच करने से कतरा रहे हें लिकिन दबी जबान इसकी चर्चा बल्लभ भवन में हो रहे है क्योंकि विभाग मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के पास ही है की जांच नहीं करना चाहते इसलिए इस तरह के हुए धन के बंदरबांट की जांच प्रधानमंत्री से शिकायत कर पूर्व विधायक किशोर समरीते ने सीबीआई से कराने के लिए पत्र लिखा है
मध्यप्रदेश के जनसंपर्क विभाग ने सरकार की छवि चमकाने के लिए माध्यम नामक सरकारी विज्ञापन एजेंसी के द्वारा इस प्रक्रिया को पूरी करने की जिम्मेदारी दी थी माध्यम ने इस तरह का काम करने के लिए 100 से अधिक कंपनियां रजिस्टर्ड की माध्यम में रजिस्टर्ड इन कंपनियों के जो पत्ते हैं वह भी चौंकाने वाले हैं एक ही पते पर तीन - तीन , चार - चार कंपनियां रजिस्टर है ऐसी कंपनियों की माध्यम ने किसी तरीके की ना जांच ना कोई स्कूटनी की और सरकार को चमकाने के लिए करोड़ों के आदेश दे दिए भुगतान भी कर दिए ताजुब की बात यह है कि उन कंपनियों की वित्तीय स्थिति ऐसी नहीं थी कि उनको यह काम दिया जा सके ना सिक्योरिटी डिपॉजिट लिया ना अर्नेस्ट मनी जमा कराएगी और 100 से 200 करोड़ का काम दे दिया गया यह सब झाल झमेला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की नाक के नीचे होता रहा वह बात अलग है कि उसमें उनके खास आदमी माध्यम में बैठकर इस बंदरबांट को अंजाम देते रहे गली-गली और झोपड़पट्टी ओं में खुली इन कंपनियों के लेटर पैड मैं सारा काम आवंटित होता रहा अधिकारी नीचे की टेबल से पैसे लेते रहे और टेबल के ऊपर से चेक देते रहे माध्यम मैं जब इस तरह की लूट की जानकारी जब उन पत्रकारों को भी मिली तो वह भी माध्यम की तरफ दौड़े तब जाकर गड़बड़झाला का खुलासा हुआ इस पर पूर्व विधायक किशोर समरीते ने जांच परख कर तथ्य सामने लेकर आये और उसकी शिकायत प्रधानमंत्री की
इस गड़बड़ झाले की सबसे बड़ी कंपनी है संजय प्रगट की है जो मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग में एक छोटा सा मुलाजिम जिस तरीके से उसे सरकार की छवि चमकाने के ठेके दिए जांच करने पर घुटाले का खुलासा हो जाएंगा लेकिन जांच कौन करें इसी की शिकायत प्रधानमंत्री को की गई , इसी तरह मुक्ता फिल्म प्राइवेट लिमिटेड सहित 10 ऐसी फर्जी फिल्म बनाने कंपनियों के फर्जी पते पर 100 करोड़ रुपए का काम आवंटित कर दिया गया इस तरह की फिल्म बनाने वाली कंपनियों में 10,000 फिल्म बनाई जो बंद डिब्बों में आज भी विभाग के कमरे में पड़ी हुई इससे बड़ी पैसे की बर्बादी और क्या हो सकता है
इसी कड़ी में महिला बाल विकास विभाग द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के प्रचार में बिना किसी मापदंड के इन फर्जी कंपनियों को 300 करोड़ का काम आवंटित कर दिया गया और 50% रकम को तुरंत आवंटन कर पैसे भी निकाल लिए गए विधायक द्वारा इसके दस्तावेज शिकायत के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय को सूचित कर दिए गया है इसी तरह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा एड्स नियंत्रण में प्रचार प्रसार के लिए 600 करोड़ रुपए इन्हीं कंपनियों को फिल्म बनाने के लिए आवंटित कर दिया गया और 50% राशि बिना काम के निकाल ली गई
इस पूरे गड़बड़ झाले में सम्मिलित अधिकारियों में प्रबंध संचालक मनोज श्रीवास्तव द्वारा 300 करोड़ का काम आवंटित किया गया ,प्रबंध संचालक राजेश रजवाड़ा ने 200 करोड़ के काम आवंटित कए , प्रबंध संचालक पी नरहरि ने 400 करोड़ के काम आवंटित किए, प्रबंध संचालक अनुपम राजन ने 150 करोड़ के काम आमंत्रित किए प्रबंध संचालक एस के मिश्रा द्वारा 400 करोड़ के काम आवंटित किए सुदामा खंडे ने 150 करोड़ के काम आवंटित किए प्रबंध संचालक राघवेंद्र प्रताप ने 200 करोड़ के काम आवंटित किए करीब-करीब सभी अदेसों मे करोड़ों के काम 50% कमीशन लेकर आवंटित किए गए ऐसी शिकायत की गई है ताजुब इस बात का है कि इस घोटाले की पूरी जानकारी भारत सरकार के आई बी डिपार्टमेंट को है इनकम टैक्स विभाग को है लेकिन किसी भी तरीके की कार्यवाही कि कोई सुगबुगाहट नहीं है इसीलिए पूर्व विधायक मैं पत्र लिखकर प्रधानमंत्री से मांग की है कि इसकी जांच सीबीआई से कराई जाए ताकि इसमें सम्मिलित अधिकारी कर्मचारी और वह फिल्म बनाने वाली कंपनियां जिन्होंने दो हजार करोड़ से ऊपर का घोटाला किया है प्रदेश के सामने आएं और उन्हें दंडित किया जाता है




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