बिलासपुर 09/09/2022// दिल्ली से आये अधिकारीयों को एसईसीएल की खनन प्रणाली पर भरेसा नहीं है , जबकी कोल इण्डिया लिमिटेड ने सबसे आधुनिक खनन मिशनरी पिछले वर्ष ही एसईसीएल को उपलब्ध करा दी थी फिर भी उत्पादन नहीं बढ़ पा रहा सूत्रों का कहना है की फिल्ड अधिकारी उत्पादन बढ़ने की जगह निजी ट्रांसपोर्टरों से मिलकर कोयला चोरी में ज्यादा ईनट्रसट ले रहे हैं उत्पादन पर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं

सुश्री विस्मिता तेज , संयुक्त सचिव कोयला मंत्रालय भारत सरकार व श्री मुकेश चौधरी निदेशक (सीपीडी) कोल मंत्रालय एसईसीएल मेगा परियोजनाओं के दौरे पर , भविष्य की रणनीति पर ज़ोर , समय से पूरी हों एफ़एमसी परियोजनाएँ
वर्ष 2024-25 में कोल इण्डिया लिमिटेड द्वारा १ बिलियन टन उत्पादन लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसमें एक चौथाई से अधिक की हिस्सेदारी एसईसीएल की होगी । कम्पनी की मेगा परियोजनाएँ - गेवरा दीपका व कुसमुंडा देश की अर्थव्यवस्था के लिहाज़ से महत्वपूर्ण हैं क्यूँकि यहाँ से १०० मिलियन टन से अधिक कोयला बिजली घरों और उद्योगों तक जाता है । एक अनुमान के अनुसार अकेले गेवरा कोलफ़ील्ड्स में इतना कोयला रिज़र्व है कि देश के १० सालों के बिजली की आवश्यकता की पूर्ति की जा सकती है। उपरोक्त परिप्रेक्ष्य में, रणनीतिक कार्यान्वयन को बल देते हुए आज कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुश्री विस्मिता तेज तथा निदेशक (सीपीडी) श्री मुकेश चौधरी आज कोरबा कोलफ़ील्ड्स अंतर्गत एसईसीएल की मेगा परियोजनाओं के दौरे पर पहुँचे । उन्होंने सर्वप्रथम गेवरा हाउस में उन्होंने गेवरा प्रोजेक्ट की कोर टीम से मुलाक़ात की व संचालन गतिविधियों से अवगत हुए ।

दोपहर में वे , दीपका खदान के विज़िट पर गई जहाँ उन्होंने ओबी निष्कासन का मुआयना किया । उन्होंने कोल डिस्पैच तथा सुआभोंडी पैच का भी अवलोकन किया । देर शाम उन्होंने क़ुसमुंडा परियोजना कीटीम से मुलाक़ात की ।
विदित हो कि श्री मुकेश चौधरी का चयन कोल इंडिया के निदेशक (मार्केटिंग) के रूप में हो चुका है तथा उनके जल्द हीं प्रभार सम्हाल लेने की उम्मीद की जा रही है । एसईसीएल वार्षिक आधार पर गत वर्ष की तुलना में उत्पादन व डिस्पैच में लगभग २० प्रतिशत की वृद्धि में है ।




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