मामला राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के घपले का
रायपुर/// राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कटरे भाजपा सरकार में भी इसी पद पर रहकर बीमा योजना के तहत मिलने वाली राशि पर अपना अधिपत्य जमाए हुए हैं,वह आज भी उसी पद पर आसीन हैं उनका कहना है कि मुझे इस पद से कोई हटा नहीं सकता मामला जब सुर्खियों में आया तो स्वास्थ्य मंत्री टी एस बाबा ने उन्हें उनके पद पर मिलने वाले एक्सटेंशन पर रोक लगा दी गई लेकिन वाकई कटरे का इतना जलवा था की मंत्री की रोक लगाने के बावजूद संचालक स्वास्थ्य ने उन्हें उन्हें उस पद पर नियुक्त कर उनका वेतन और मानदेय भत्ते भी बढ़ा दिया गया जब यह बात शिकायत के रूप पर मंत्री के पास पहुंची तो उन्होंने स्वास्थ्य संचालक को नोट शीट जारी कर नोटिस दिया है, कि कटरे को इस पद पर किस की सहमति से नियुक्त किया गया है .जवाब दें और संचालक स्वास्थ्य मंत्री और सचिव स्वास्थ्य के बीच पेच फंसा हुआ है, नोटिस जारी हो गया है मंत्री जी बार-बार मीडिया से कह रहे हैं की हमारी अनुमति के बगैर यह मुक्ति कैसे हो गई
कटरे
स्वास्थ्य बीमा योजना के कार्यपालक अधिकारी है. उनके कारनामे उन तमाम अस्पताल
वालों से छुपे हुए नहीं हैं. जो स्मार्ट कार्ड को लेकर गरीब लोगों का इलाज करते थे.
अस्पतालों के सूत्रों का कहना है कि हम जब भी स्मार्ट कार्ड से किए गए इलाजों का भुगतान करने के लिए के कार्यपालक अधिकारी के
यहां अपना बिल भेजते थे तो वहां पर सक्रिय दलाल हमसे संपर्क करते थे राशि के
भुगतान को लेकर 30 से 50% तक की सेवा शुल्क मांगी जाती थी नहीं
देने पर विलो में तरह-तरह के ऑब्जेक्शन लगाकर उन्हें या तो वापस कर दिया जाता था
या उनके भुगतान पर रोक लगा दी जाती थी इस तरह इस मिले-जुले खेल में ऐसा नहीं था कि
सिर्फ कटरे ही रहे कटरे के दलाल भी सक्रिय थे इसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश के हॉस्पिटल
भी इस भ्रस्ताचार में शामिल थे ऐसे बहुत
से हॉस्पिटलों की जांच की जाए जहां पर मरीजों के स्मार्ट कार्डों से करोड़ों रुपए निकाल लिए गए मरीज खांसी का
इलाज कराने जाता था और उसके स्मार्ट कार्ड से पूरी राशि निकल; ली जाती थी यह खेल
पिछले 5 सालों से
लगातार चल रहा है इसकी अगर ठीक से जांच की जाए यह घपला भी 100 करोड़ से ऊपर निकलेगा इस मालदार
सीट पर कटोरे काफी दिनों से पदस्थ है और उनका दावा है कि चाहे कांग्रेस की सरकार
हो या भाजपा की सरकार रही हो मेरा कुछ
नहीं बिगाड़ सकते मैं दोनों सरकारों में अपनी मजबूती कायम किए हुए हैं उसके इस कथन
का सत्यापन तो अब हो ही रहा है की स्वास्थ्य मंत्री के कहने पर भी स्वास्थ्य
संचालक ने उसे उसी पद पर उन्हें नियुक्त कर दिया है अब देखने वाली बात है कि यह
तकरार आगे कहां तक जाती है मंत्री जी हारते हैं या कटोरे जीत ता है




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