****** प्रशासन रायपुर की सड़कों पर लग रहे पंडाल लगना रोकिए.आदेश का पालन ना करने वाले दोषी अधिकारियों के विरुद्ध एनजीटी में शिकायत की जाएगी, जहां हो सकती है तीन साल की सजा या रु. 10 करोड़ की पेनल्टी या दोनों: CNNS ****
रायपुर 25 अगस्त /// नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की मनाही के बावजूद रायपुर की सड़कों पर लगाए जा रहे पंडालों को रोकने की मांग करते हुए छत्तीसगढ़ नागरिक संघर्ष समिति ने बताया कि समिति ने मुख्य सचिव, डीजीपी, अपर मुख्य सचिव-आवास एवं पर्यावरण, कलेक्टर एवं एसपी रायपुर, नगर निगम आयुक्त रायपुर, 19 टी.आई., 10 जोन कमिश्नर नगर निगम को 1 माह पूर्व ही एनजीटी के आदेश से अवगत करवा चुकी है, सभी को भेजी गई आदेश की कॉपी भी मिल गई है। एनजीटी के आदेश का पालन न करने पर और रायपुर की जनता के स्वास्थ्य के से खिलवाड़ करने के कारण, चाहे किसी भी स्तर का अधिकारी हो, उसके विरुद्ध समिति एनजीटी में शिकायत करेगी। जिसके तहत 3 साल की सजा या रुपए 10 करोड़ की पेनल्टी या दोनों लगाई जा सकती है।
.jpg)
क्या है एनजीटी का आदेश-सडकों पर पंडाल बिलकुल भी नहीं लगने दिया जाये एन.जी.टी. ने आदेशित किया कि “पंडाल और स्वागत द्वार लगाने के मामले को जिला प्रशासन और लोकल अथॉरिटी द्वारा गंभीरता से लिया जाना चाहिए। शहरों में सड़कों पर इस प्रकार के गेट और पंडाल को लगाने की अनुमति बिलकुल भी नहीं दी जाएगी। जब भी इस प्रकार के पंडाल और गेट बिना अनुमति के लगाए जाते हैं तो लोकल मूनिस्पेल्टी और पुलिस और जिला प्रशासन उसे हटाने की कार्यवाही कर जवाबदेह के ऊपर पेनल्टी लगाएगा। बिना जिला प्रशासन और पुलिस परमिशन के कोई भी जुलूस नहीं निकाला जावेगा। जिला प्रशासन इसलिए जागरूक रहें ताकि किसी प्रकार का पंडाल और स्वागत द्वार ना लगे और जुलूस के दौरान ट्रेफिक फ्लो स्मूथ बना रहे ताकि वायु और ध्वनि प्रदूषण ना हो।”
रायपुर की जनता के स्वास्थ्य पर पड़ते असर पर एनजीटी ने कहा की यह बहुत चिंता का विषय है
.jpg)
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा एनजीटी को बताया गया है कि दुर्गा पूजा, दिवाली और गणेश उत्सव के दौरान रायपुर शहर की वायु की क्वालिटी खराब हो जाती है। ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ जाता है। एनजीटी ने कहा की यह बहुत चिंता का विषय है। गौरतलब हो कि वायु प्रदूषण से शहर के निवासियों के, विशेष रुप से बच्चों के और बुजुर्गों के फेफड़े कमजोर हो रहे हैं और किसी भी वायरस का अगर फेफड़े पर असर पड़ता है तो मरीज गंभीर हो जाता है। जैसा की करोना वायरस से हुआ। वायु प्रदूषण से देश में प्रति वर्ष 16 लाख मौत हो रही है जो कि में करोना में हुई सभी मौतों से जयादा होता है। वायु प्रदूषण से हार्टअटैक, प्रीमेच्योर डिलीवरी की दर बढ़ रही है और कई अन्य प्रकार की बीमारियां हो रही है। इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण से भी लोगों के स्वास्थ्य पर प्रभाव हो रहा है। डी.जे. और धुमाल पार्टी के ध्वनि प्रदूषण से रायपुर में ही दो लोगों के हार्ट अटैक से मृत्यु हो चुकि हैं।
समिति ने सभी संबंधित अधिकारियों से निवेदन किया है कि वह एनजीटी के आदेश के शब्दों पर गौर करें। एनजीटी ने स्पष्ट कहा है कि सड़कों पर पंडाल लगने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी और अगर बिना अनुमति के पंडाल लगते मिले तो नगर निगम, पुलिस और जिला प्रशासन उसे हटवाएं। समिति ने कहा है सभी अधिकारी एनजीटी के आदेश का शब्द तरह पालन करवाएं, रायपुर की सड़कों पर जो पंडाल लगना चालू हो गए हैं उन्हें हटवाएं और किसी भी सूरत में सड़कों पर पंडाल ना लगने दें।
समिति के सदस्य डॉ.राकेश गुप्ता, विश्वजीत मित्रा, हरजीत जुनेजा, मनजीत कौर बल, डॉ विकास अग्रवाल, डॉ दिग्विजय सिंह, उमा प्रकाश ओझा, रियाज अंबर, अजय खंडेलवाल, संदीप कुमार, विनय शील, जीवेश चौबे, प्रभाकर ओझा, शरद शुक्ला, नोमान अकरम हमीद, जीवेश प्रभाकर, ओमप्रकाश चौबे सभी एकमत हैं कि रायपुर शहर की जनता का स्वास्थ्य सबसे ऊपर है और जो कोई भी अधिकारी एनजीटी के आदेश का पालन नहीं करेगा उसके विरुद्ध एनजीटी में शिकायत दर्ज कर सजा और पेनल्टी लगवाई जावेगी।
डॉ.राकेश गुप्ता
9424223860
छत्तीसगढ़ नागरिक संघर्ष समिति विश्वजीत मित्रा, मनजीत बल, डॉ विकास अग्रवाल डॉ अनिल जैन डॉ दिग्विजय सिंह डॉक्टर ज्योतिर्मय चंद्राकर डॉक्टर पूर्णेन्दु पाठकजीवेश प्रभाकर उमा प्रकाश ओझा, व्यास मुनि द्विवेदी, रियाज अंबर हरजीत जुनेजा, संदीप कुमार, विनय शील, जसमीत कौर, अजय खंडेलवाल, एनके शुक्ला ,प्रदीप मिश्रा,




Copyright @ 2020 All Right Reserved | Powred by Divyadoot
Comments