नयारायपुर18/08/2022// कलिंगा विश्वविद्यालय मध्य भारत का एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान है। यहाँ पर वैश्विक मापदंड के अनुरूप उच्च गुणवत्तापूर्ण और बहु-विषयक अनुसंधान केंद्रित शिक्षा के साथ-साथ शिक्षकों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाता है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए कलिंगा विश्वविद्यालय में 12अगस्त से 13 अगस्त तक 'प्रभावशाली व्यक्तित्व' के निर्माण के लिए दो दिवसीय संकाय संवर्द्धन कार्यक्रम (एफडीपी)'बूट कैंप' आयोजन किया गया। जिसमें टाईटन्स लर्निंग प्रा.लिमिटेड के विद्वान प्रशिक्षकों एवं अतिथि वक्ताओं के सहयोग से शिक्षकों को उनके व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
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कार्यक्रम के पहले चरण में कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.आर.श्रीधर, महानिदेशक डॉ.बैजू जॉन, कुलसचिव डॉ.संदीप गांधी, कार्पोरेट रिलेशन के निदेशक श्री पंकज तिवारी,अकादमी मामलों के अधिष्ठाता श्री राहुल मिश्रi, आंतरिक गुणवत्ता प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ.विजयलक्ष्मी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ.आशा अंभईकर और टाईटन्स लर्निंग प्रा.लिमिटेड के विद्वान प्रशिक्षकों एवं अतिथि वक्ताओं की उपस्थिति में ज्ञान और विद्या की देवी माँ सरस्वती की मूर्ति के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना करने के पश्चात कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
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इस अवसर पर उपस्थित कलिंगा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.आर.श्रीधर ने कहा कि आज समय की मांग है कि विद्यार्थियों को नवीनतम और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाए।बदलते समय के साथ विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य निर्माण के लिए,उनकी जरुरत के हिसाब से नयी-नयी तकनीक से परिचित कराना और ज्ञानवर्धक सूचनाएं प्रदान करना बहुत आवश्यक है।इसके लिए हमें भी अपनी अध्ययन कार्यप्रणाली में परिवर्तन के साथ-साथ स्वयं को अपडेट करते रहना जरूरी है।इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्राध्यापकों के प्रभावशाली व्यक्तित्व निर्माण करने के लिए फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम 'बूट कैंप' का आयोजन किया गया है। जिसके विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में हमारे प्राध्यापक अपने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नयी-नयी बातों को जानेंगे और नया कुछ सीखेंगे।
कार्यक्रम के पहले दिन के सत्र में टाईटन्स लर्निंग प्रा. लिमिटेड के विद्वान प्रशिक्षकों के द्वारा आईस ब्रेकर्स,लाईफ स्किल्स और भविष्य निर्माण में उसकी उपयोगिता, स्वयं की पहचान,अपने कार्यक्षेत्र में स्वयं की जिम्मेदारी,स्वमूल्यांकन,अपने संस्थान के प्रतिनिधि के तौर पर कर्तव्यबोध,अपने और अपने समूह के साथ सामूहिक जिम्मेदारी जैसे अनेक विषयों पर चर्चा की गयी और मनोरंजन टास्क के द्वारा प्राध्यापकों को प्रशिक्षित किया गया। जबकि दूसरे दिन के कार्यक्रम में विद्यार्थियों में विश्वास और आत्मविश्वास निर्मित करने की कला,असहमति का सम्मान,विद्यार्थी और शिक्षकों में सीखने के प्रति ऊर्जापरक संचार,भावनात्मक बुद्धि,मानसिक भाषा आधारित कार्यक्रम,तार्किक एवं विश्लेषण की क्षमता बढ़ाने के गुर आदि विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
उक्त दो दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यक्रम में कलिंगा विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट विभाग के श्री अरुप हलधर,श्री साईमन जार्ज की टीम के साथ विश्वविद्यालय के समस्त प्राध्यापक उपस्थित थे।




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