दिव्य-दूत

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न्याय की विरासत के साथ आगे बढ़ेगा छत्तीसगढ़ >> भूपेश बघेल

Anil Choubey 15-08-2022 11:26:21


****** मुख्यमंत्री ने आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में किया ध्वजारोहण गांधी जयंती से शुरू होंगे ‘रूरल इंडस्ट्रियल पार्क‘: एक वर्ष में 300 पार्क की स्थापना का लक्ष्य जन्माष्टमी से ‘कृष्ण कुंज योजना‘ की होगी शुरूआत छत्तीसगढ़ में 5.03 लाख से अधिक वन अधिकार पत्र वितरित  पेसा कानून से ग्राम सभाओं को मिलेगा जल-जंगल-जमीन के बारे में खुद फैसला लेने का अधिकार  आगामी शिक्षा सत्र से 422 स्कूलों में लागू होगी स्वामी आत्मानंद योजना  ***

रायपुर, 15 अगस्त 2022////  मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के पावन और गौरवशाली अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में ध्वजारोहण करने के बाद प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जनता के नाम अपने स्वतंत्रता दिवस संदेश में कहा कि आजादी की 75वीं वर्षगांठ से फिर एक नया सफर शुरू होगा, जो न्याय की हमारी विरासत के साथ आगे बढ़ेगा और ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ का लक्ष्य पूरा करेगा।

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अमर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि आजाद भारत के अमृत महोत्सव के मायने और मूल्यों को समझने के लिए हमें दो शताब्दियों की गुलामी को याद करना होगा। हमारे पुरखों ने अपनी जान दांव पर लगाकर, फिरंगी सरकार के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद किया था। उनका त्याग और बलिदान देश की भावी पीढ़ियों का जीवन खुशहाल बनाने के लिए था। हमारा कर्त्तव्य है कि उनके सपनों को साकार करें और उनकी स्मृतियों को चिरस्थायी बनाएं।

अमर शहीदों को नमन

 मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि अमर शहीदों गैंदसिंह, वीर नारायण सिंह, मंगल पाण्डे, भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां, रानी लक्ष्मीबाई, रानी अवंतिबाई लोधी जैसी हजारों विभूतियों की शहादत हमें देश के लिए सर्वोच्च बलिदान की प्रेरणा देती रहेगी। स्वतंत्रता संग्राम और आजाद भारत को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, डॉ. भीमराव अम्बेडकर, लाल बहादुर शास्त्री, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, सरदार वल्लभ भाई पटेल, लाल-बाल-पाल, मौलाना अबुुल कलाम आजाद जैसी विभूतियों ने राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व दिया था। वहीं वीर गुण्डाधूर, पं. रविशंकर शुक्ल, ठाकुर प्यारेलाल सिंह, बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव, डॉ. खूबचंद बघेल, पं. सुंदरलाल शर्मा, डॉ. ई.राघवेन्द्र राव, क्रांतिकुमार, बैरिस्टर छेदीलाल, लोचन प्रसाद पाण्डेय, यतियतन लाल, डॉ. राधाबाई, पं. वामनराव लाखे, महंत लक्ष्मीनारायण दास, अनंतराम बर्छिहा, मौलाना अब्दुल रऊफ खान, हनुमान सिंह, रोहिणीबाई परगनिहा, केकतीबाई बघेल, श्रीमती बेलाबाई, इंदरू केंवट, उदय राम वर्मा, खिलावन बघेल, घसिया मंडल जैसे अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने राष्ट्रीय आंदोलन में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की थी, मैं इन सभी को सादर नमन करता हूं।

प्रकृति-सम्मत विकास की राह पर आगे बढ़ा छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री ने अपने स्वतंत्रता दिवस के संदेश में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आखिरी वसीयतनामे का उल्लेख करते हुए कहा था-‘भारत ने राजनीतिक स्वतंत्रता तो प्राप्त कर ली है, लेकिन उसे अभी शहरों और कस्बों से भिन्न अपने सात लाख गांवों के लिए सामाजिक, आर्थिक और नैतिक स्वतंत्रता प्राप्त करना बाकी है’। आज देश के सामने अनेक चुनौतियां हैं। कृषि व वन भूमि का कम होना, पर्यावरण असंतुलन, प्रदूषण, बीमारियों, महंगाई, बेरोजगारी आदि से लोगों का जीवन संकटमय हुआ है। हमने पुरखों की सीख और माटी की संस्कृति का सम्मान करते हुए कृषि तथा वन उत्पादों,

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने न्याय योजनाओं की जो पहल की थी, उसे निरंतर आगे बढ़ाने के लिए भी संकल्पबद्ध हैं। यही वजह है कि ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ अब तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है और इससे लगभग 13 हजार करोड़ रुपए की राशि किसानों को दी जा चुकी है। इस तरह एक सीज़न में किसानों को प्रति एकड़ 9 हजार रुपए की आदान सहायता देने वाला देश का पहला राज्य हमारा छत्तीसगढ़ है। ‘गोधन न्याय योजना’ भी तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है, इसके अंतर्गत अब-तक गोबर विक्रेताओं, गौठान समितियों तथा स्व-सहायता समूहों को 312 करोड़ रुपए दिए जा चुके

छत्तीसगढ़ में खेती बनीं लाभ का जरिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने खेती को लाभ का जरिया बनाने का वादा भी निभाया है। लगातार बढ़ते हुए, इस वर्ष धान खरीदी 98 लाख मीटरिक टन के सर्वोच्च शिखर पर पहंुची है, जो 4 वर्ष पूर्व मात्र 57 लाख मीटरिक टन थी। धान बेचने वाले किसानों की संख्या भी अब बढ़कर 21 लाख 77 हजार से अधिक हो गई है, जो पहले मात्र 12 लाख 6 हजार थी। इस तरह हमारे प्रयासों से धान बेचने वाले किसानों की संख्या 9 लाख 71 हजार बढ़ी है। प्रदेश में धान के अलावा अन्य अनाजों का उत्पादन बढ़ाने के भी अनेक उपाय किए गए हैं, जिसके कारण अनाज उत्पादन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ न सिर्फ स्वावलम्बी हुआ है बल्कि प्रदेश में कुल आवश्यकता का 270 प्रतिशत अधिक अनाज उत्पादन हुआ है। फसल विविधीकरण की गति बढ़ाने के लिए ‘टी-कॉफी बोर्ड’ का गठन किया गया है। दलहन-तिलहन का उत्पादन बढ़ाने के लिए हमने बहुत से कदम उठाए हैं। इस वर्ष से दलहन फसलों की खरीदी भी समर्थन मूल्य पर की जाएगी। खरीफ 2021 में धान के बदले 17 हजार 539 एकड़ क्षेत्र में दलहन,

लघु धान्य फसलों को प्रोत्साहन

प्रदेश में लघु धान्य फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ मिलेट मिशन’ का गठन किया गया है। कोदो, कुटकी, रागी का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर इनकी खरीदी करने वाला देश का पहला राज्य छत्तीसगढ़ है।

नरवा योजना: भू-जल स्तर में 30 प्रतिशत तक वृद्धि

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सुराजी गांव योजना’ से छत्तीसगढ़ को स्वावलंबी ग्रामीण अर्थव्यवस्था वाला राज्य बनाने, भू-जल संरक्षण व रिचार्जिंग को बढ़ाने और कृषि भूमि को जहरीले रसायनों से मुक्ति दिलाते हुए जैविक खेती में मदद मिल रही है। ‘नरवा योजना’ से विभिन्न नालों में 99 लाख से अधिक संरचनाओं का निर्माण किया गया है, जिससे उपचारित क्षेत्र में भू-जल स्तर में 30 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है, वहीं नालों में पानी की उपलब्धता भी दो माह अधिक रहने लगी है। ‘गरुवा योजना’ में पहले हमने गौठानों के विकास पर जोर दिया। अब-तक 8 हजार 408 गौठानों को विकसित किया जा चुका है, जो ‘रोका-छेका अभियान’ के साथ आर्थिक-सांस्कृतिक गतिविधियों के केन्द्र बने हैं। गोबर से बिजली बनाने के लिए ‘भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर’ के साथ प्रौद्योगिकी साझा करने हेतु एमओयू किया गया है। गोबर से ऑयल पेंट तथा अन्य उत्पाद बनाने की दिशा में भी बहुआयामी पहल की जा रही है।

गांधी जयंती से ‘रूरल इंडस्ट्रियल पार्क’ की होगी शुरूआत

मुख्यमंत्री ने कहा कि गौठानों को आजीविका-केन्द्र के रूप में विकसित करने हेतु हम ‘ग्रामीण आजीविका पार्क’ अर्थात ‘रूरल इंडस्ट्रियल पार्क’ प्रारम्भ करने जा रहे हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए आजीविका के माध्यम से अतिरिक्त आय के साधन बनाना है। गांधी जयंती अर्थात 2 अक्टूबर 2022 के अवसर पर इसका शुभारम्भ किया जाएगा और प्रथम वर्ष में 300 ऐसे पार्क स्थापित कर दिए जाएंगे। अब एक कदम और आगे बढ़ाते हुए हमने 4 रुपए प्रति लीटर की दर से गौ-मूत्र खरीदी की योजना भी मनरेगा में 2,709 अमृत सरोवर निर्मित

 

बघेल ने अपने स्वतंत्रता दिवस संदेश में कहा कि ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना’ को हम ग्रामीण अंचलों में मजदूरी से जीवन-यापन करने वाले परिवारों की जीवन रेखा मानते हैं। मुझे खुशी है कि वर्ष 2021-22 में हमने ‘लेबर बजट’ के विरूद्ध मांग के आधार पर लक्ष्य से 108 प्रतिशत अधिक मानव दिवस रोजगार सृजित किए। मनरेगा से हर जिले में कम से कम 75 अमृत सरोवर निर्मित करने का लक्ष्य था, हमने उससे अधिक 2 हजार 709 अमृत सरोवर निर्मित किए। गौठानों के निकट मछली पालन के 1 हजार 859 तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से 1 हजार 318 पूर्ण कर लिए गए हैं। मैंने मनरेगा को शहरी क्षेत्रों के लिए भी लागू करने का अनुरोध भारत सरकार से किया है।

सभी वर्गा को न्याय

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने श्रमिकों को न्याय दिलाने के लिए भी कई कदम उठाए हैं। आदिवासियों को विभिन्न तरीकों से न्याय देने के उपाय किए गए हैं। अदालतों में लंबित विभिन्न प्रकार के 1 हजार 275 प्रकरण वापस होने से उनकी सम्मानजनक रिहाई तथा घर वापसी हुई है। निरस्त वन अधिकार दावों की समीक्षा करते हुए ऐसे मामलों में आदिवासियों तथा अन्य परंपरागत वन निवासियों को

8 करोड़ रुपए की राशि लौटाई गई

बघेल ने कहा कि पूर्व में आम जनता के साथ ठगी करने वाली चिटफंड कंपनियों के खिलाफ हमने ठोस कार्यवाही करते हुए उनके 622 पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया है। माननीय न्यायालयों द्वारा लगभग 56 करोड़ रुपए की सम्पत्ति की नीलामी के आदेश दिए जा चुके हैं, जिसमें से 32 करोड़ रुपए की राशि नीलामी से प्राप्त हुई है और 28 हजार से अधिक निवेशकों को लगभग 18 करोड़ रुपए लौटाए जा चुके हैं। नीलामी से प्राप्त शेष राशि भी निवेशकों को लौटाने का कार्य प्रगति पर है। ऐसी अन्य कंपनियों के खिलाफ कार्यवाही भी जारी है।

वन निवासियों को व्यक्तिगत सामुदायिक और वन संसाधन अधिकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जनजाति तथा परंपरागत वन निवासियों को अभी तक 5 लाख 3 हजार 993 व्यक्तिगत, सामुदायिक तथा वन संसाधन अधिकार पत्र दिए जा चुके हैं, जिसके तहत 38 लाख 85 हजार 900 हेक्टेयर भूमि के अधिमान्यता पत्र वितरित किए गए हैं। हमने तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 2 हजार 500 रुपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4 हजार रुपए किया। पूर्व में सिर्फ 7 लघु वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही थी। हमने 65 लघु वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रारंभ की। विगत 3 वर्षों में देश में समर्थन मूल्य पर हुई कुल लघु वनोपज खरीदी का 75 प्रतिशत हिस्सा छत्तीसगढ़ में क्रय किया गया, जो एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है, इससे वनआश्रित परिवारों को करोड़ों रुपए की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई।

पेसा अधिनियम: ग्राम सभाओं होंगी सशक्त

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने आदिवासियों के हित में बरसों से लंबित ‘पेसा अधिनियम’ के अंतर्गत नियम बनाने का काम पूरा कर इसे लागू कर दिया है, जिससे ग्राम सभाओं की शक्ति बढ़ेगी और उन्हें जल-जंगल-जमीन के बारे में खुद फैसला लेने का अधिकार मिलेगा। मेरा मानना है कि हमारे पुरखों ने देश को आजाद कराने की जो अवधारणा विकसित की थी, वह बहुत व्यापक थी और उसमें सबसे प्रमुख तत्व न्याय दिलाना ही था। इसलिए हमने आर्थिक, सामाजिक क्षेत्रों के साथ ऐसे हर उपाय किए हैं, जिससे समाज के हर वर्ग को गरिमा के साथ जीने का अवसर मिले, उनके विकास के बंद रास्ते खुलें। जटिल नियम-प्रक्रियाओं के बंधन समाप्त हों। हर क्षेत्र में सुधार हों। जनता के संविधान सम्मत अधिकारों और सुविधाओं में निरंतर वृद्धि हो।

‘स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना’: स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में एक नयी क्रांति

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हमने सुधार के स्थायी उपाय किए, जिसके तहत पहले चरण में 14 हजार से अधिक शिक्षकों की स्थायी भर्ती का कार्य शुरू किया गया, जो अब अंतिम चरणों में है। इसके अतिरिक्त 10 हजार शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। ‘स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना’ से स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में एक नयी क्रांति आयी है। विगत वर्ष हमने 51 स्कूलों से यह योजना प्रारंभ की थी, जो अब बढ़कर

बच्चों को मातृभाषा में प्रारंभिक शिक्षा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को उनकी मातृभाषा में ही प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने के लिए हमने हिन्दी के अलावा 16 स्थानीय भाषाओं में तथा 4 पड़ोसी राज्यों की भाषाओं में पाठ्यपुस्तकें प्रकाशित कराई हैं। छात्राओं को इस वर्ष निःशुल्क सायकल देने का लक्ष्य रखा गया है।

शिक्षा को रोजगार से जोड़ने की पहल

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की बेरोजगारी दर लगातार देश में न्यूनतम स्तर पर बनी हुई है, जो हमारी युवा कल्याण और रोजगारपरक योजनाओं की सफलता का प्रमाण है। ‘सेंटर ढ़ाई पूरी करने के साथ बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे।

राजीव युवा मितान क्लब: युवाओं की ऊर्जा को मिली रचनात्मक दिशा

हमने युवाओं को सकारात्मक और रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए 6 हजार 518 से अधिक ‘राजीव युवा मितान क्लब’ प्रारम्भ कर दिए हैं, जिसका विस्तार सभी पंचायतों तथा नगरीय-निकायों में किया जाएगा।

कर्मचारी हितैषी निर्णय: पुरानी पेंशन योजना बहाल

मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 जनवरी 2022 को शासकीय कार्यालयों में पांच कार्य दिवस प्रति सप्ताह प्रणाली लागू करने की घोषणा की थी, जिसे तत्काल पूरा किया गया, जिससे हमारे कर्मचारी साथी अधिक ऊर्जा और उत्साह के साथ कार्य करने में सक्षम हुए हैंसबके स्वास्थ्य का रखा ध्यान

हमने स्वास्थ्य सुविधाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अनेक योजनाएं लागू की हैं। ‘डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना’, ‘मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना’, ‘मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना’, ‘निःशुल्क डायलिसिस कार्यक्रम’, ‘मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य सहायता योजना’, ‘मुख्यमंत्री दाई-दीदी क्लीनिक योजना’, ‘दीर्घायु वार्ड योजना’ के अंतर्गत 83 लाख से अधिक लोगों को स्वास्थ्य-लाभ मिला है। प्रदेश को मलेरियामुक्त बनाने के विशेष अभियान से 6 चरणों में मलेरिया की दर 4.6 प्रतिशत से घटकर 0.21 प्रतिशत हो गई है। उच्च गुणवत्ता की जेनेरिक दवाएं तथा सर्जिकल सामान 51 से 72 प्रतिशत विरुद्ध हमने 116 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की और 4 हजार 512 ऐसे सेंटर स्थापित किए, जिसके कारण छत्तीसगढ़ को देश में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ में छत्तीसगढ़ को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

नये चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए बजट प्रावधान

जगदलपुर तथा बिलासपुर में मल्टी सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय, बिलासपुर में राज्य कैंसर संस्थान, कोरबा-कांकेर तथा महासमुंद में नए चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना हेतु राज्य शासन द्वारा समुचित बजट प्रावधान किया गया है। नवा रायपुर में भी अत्याधुनिक मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना हेतु 25 एकड़ जमीन चिन्हांकित कर दी गई है।

4.44 करोड़ से अधिक लोगों का कोरोना टीकाकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि, छत्तीसगढ़ में कोरोना से बचाव के लिए टीके लगाने का काम हम काफी तेजी से कर रहे हैं। अभी तक कुल 4 करोड़ 44 लाख 75 हजार टीके लगाए जा चुके हैं।

2.60 करोड़ लोगों को खाद्य सुरक्षा

हमने प्रदेश में सार्वभौम पीडीएस व्यवस्था लागू करने का वादा निभाया है। इस योजना के हितग्राहियों की संख्या 2 करोड़ 60 लाख हो गई है, जो वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार 100 प्रतिशत कवरेज है। आयरन फॉलिक एसिड युक्त, फोर्टिफाइड चावल का वितरण 10 आकांक्षी जिलों के मुख्यमंत्री सुपोषण योजना: 2.11 लाख बच्चे कुपोषण से हुए मुक्तछत्तीसगढ़ में महिलाओं की सुरक्षा, पोषण और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश के 51 हजार 664 आंगनवाड़ी केन्द्रों में 26 लाख महिलाओं तथा बच्चों को गर्म पका हुआ भोजन दिया जा रहा है। ‘मुख्यमंत्री सुपोषण योजना’ से कुपोषित बच्चों की संख्या में

राज्य स्वच्छ सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ लगातार तीन वर्षाें से प्रथम स्थान पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘स्वच्छता अभियान’ में छत्तीसगढ़ की भागीदारी और सफलता की मिसाल है कि हमारे ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मॉडल’ को विगत 3 वर्षों से लगातार राष्ट्रीय स्तर पर ‘राज्य स्वच्छ सर्वेक्षण’ में प्रथम स्थान मिल रहा है। शहरी सुविधाओं में सुधार की दिशा में हमने शहरी क्षेत्रों में 5 हजार वर्गफुट भू-खण्ड के आवासों में ‘ट्रस्ट दैन वेरिफाई’ के सिद्धांत पर सीधे हितग्राही को भवन अनुज्ञा प्रदान करने का कार्य प्रारंभ किया है।

जन्माष्टमी से शुरू होगी ‘कृष्ण कुंज योजना‘

नागरिकों को मानचित्र ऑनलाइन कम्प्यूटर से जांच उपरांत एक क्लिक एवं एक रुपए के आवेदन शुल्क की अदायगी पर पूरे वैधानिक प्रावधानों के साथ जारी किए जा रहे हैं। शहरों के पर्यावरण को स्वच्छ और हरा-भरा बनाए रखने के लिए हमने इस वर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर ‘कृष्ण कुंज योजना’ शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसके तहत सभी 170 नगरीय-निकायों में 226 एकड़ क्षेत्र में सांस्कृतिक महत्व के पौधों का रोपण किया जाएगा।

झुग्गीवासियों के लिए 1 लाख से अधिक आवासों का निर्माण

आम जनता को घर पहुंच नागरिक सुविधाएं प्रदान करने के लिए शुरू की गई, ‘मुख्यमंत्री मितान योजना’ का लाभ 14 नगर निगमों में 5 हजार से अधिक लोगों को मिल चुका है। ‘मोर जमीन-मोर मकान’ एवं ‘मोर मकान-मोर चिन्हारी’ योजनाओं के जरिए हमने झुग्गीवासियांे के लिए 1 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूर्ण कर लिया है। अब शहरी किराएदारों को भी मकान उपलब्ध कराने की दिशा में कार्यवाही की जा रही है।

रियल इस्टेट क्षेत्र को प्रोत्साहन

हमने छोटे भू-खंडों की खरीदी-बिक्री से रोक हटाने का जो फैसला किया था, उसके सकारात्मक परिणाम मिले हैं, इससे लगभग 3 लाख 55 हजार छोटे भू-खंडों के पंजीयन हुए हैं, जिससे उनके परिवार की आर्थिक गतिविधियां शुरू र्हुइं और अनेक लंबित कार्य संभव होने से परिवारों में खुशियां आई हैं। हमने जमीनों की गाइडलाइन दरों में 30 प्रतिशत की कमी, महिलाओं के पक्ष में रियायत, आवासीय भवनों के पंजीयन में रियायत, पंजीयन हेतु ‘कर्मचारी, शासकीय व अर्द्धशासकीय विभागों के संविदा कर्मचारी, सैनिक व भूतपूर्व सैनिक तथा स्वास्थ्यकर्मी को कुल देय ब्याज की राशि में 10 प्रतिशत की छूट का लाभ भी मिलेगा।

राज्य में 21 हजार 494 करोड़ रूपए का पूंजी निवेश

प्रदेश में उद्योग-व्यापार तथा कारोबार में वृद्धि को कानून- व्यवस्था की बेहतर स्थिति तथा राज्य सरकार की सकारात्मक नीतियों का परिणाम माना जाता है। विगत साढ़े तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में 2 हजार 230 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनमें 21 हजार 494 करोड़ रुपए फिल्म सेल का गठनहमने छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए फिल्म सेल का गठन किया है। ‘सिंगल विंडो पैनल सॉफ्टवेयर’ विकसित किया है, जिसमें निर्माता-निर्देशक को समस्त विभागों से अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्रदान करने हेतु जिला कलेक्टर को अधिकृत किया गया है।

98 लाख लोगों को मिला ऑनलाइन नागरिक सेवाओं का लाभ

मेरा मानना है कि शासन-प्रशासन की सुविधाएं आम जनता को व्यापक पारदर्शिता के साथ मिले तो यह भी न्याय है। हमने सूचना प्रौद्योगिकी आधारित नवाचारों से ऑनलाइन नागरिक सेवाओं पर जोर दिया, जिसके कारण प्रदेश में ऑनलाइन नागरिक सेवाओं का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या 300 प्रतिशत से अधिक बढ़ी है और 98 लाख से अधिक लोगों ने ऑनलाइन शासकीय सेवाओं का लाभ लिया है।

परिवहन सेवाएं हुई ऑनलाइन

परिवहन से संबंधित सेवाओं का वास्ता अधिकांश लोगों से होता है। हमने लर्निंग लाइसेंस, यात्री वाहनों के पर्यटन आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन की है। वाहनों के पंजीयन एवं चालक लाइसेंस ‘क्यू आर कोड’ आधारित स्मार्ट कार्ड पर जारी किए जा रहे हैं। परिवहन कार्यालय आने-जाने से बचत हेतु ‘परिवहन सुविधा केन्द्र’ खोले जा रहे हैं। ‘तुंहर सरकार-तुंहर दुआर’ की संकल्पना को साकार करने हेतु आरसी बुक तथा लाइसंेस की घर पहुंच सेवा स्पीड पोस्ट के माध्यम से की गई, जिसके तहत अभी तक 11 लाख 41 हजार से अधिक दस्तावेज आवेदकों के घर भेजे जा चुके हैं।

बेहतर प्रबंधन से बढ़ा सिंचाई का रकबा

अधोसंरचना विकास के लिए हमने परिणाममूलक नजरिया अपनाया, जिसके कारण सिंचाई क्षेत्र में बेहतर प्रबंधन से वास्तविक सिंचाई का रकबा 10 लाख 90 हजार हेक्टेयर से बढ़कर 13 लाख 58 हजार हेक्टेयर हो गया।

जल जीवन मिशन: 13.08 लाख नल कनेक्शन

जल-जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य के 56 लाख ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से 55 लीटर पानी प्रति व्यक्ति, प्रतिदिन देने के लिए सितम्बर 2023 की समय-सीमा तय की गई है और 13 लाख 8 हजार नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं।

24 हजार करोड़ रूपए लागत से हो रहा सड़क-पुल-पुलियों का निर्माण

प्रदेश में 24 हजार करोड़ रुपए से अधिक की लागत से सड़क-पुल-पुलियों का निर्माण कराया जा रहा है। राज्य की विशेष जरूरतों के अनुरूप ‘मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना’ में 495 करोड़ रुपए की लागत से 735 किलोमीटर सड़कें, एडीबी लोन के माध्यम से 3 हजार 535 करोड़ रुपए की लागत से 869 किलोमीटर सड़कंे, आदिवासी बहुल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 1 हजार 637 करोड़ रुपए की लागत से 2 हजार 478 किलोमीटर सड़कें, छत्तीसगढ़ सड़क अधोसंरचना विकास निगम द्वारा 5 हजार 503 करोड़ रुपए की लागत से 3 हजार 169 किलोमीटर सड़कें तथा ‘जवाहर सेतु योजना’ के माध्यम से 620 करोड़ रुपए की लागत से 94 पुलों का निर्माण कराया जा रहा है।

हाफ बिजली बिल योजना: 41 लाख उपभोक्ताओं को 2500 करोड़ रूपए की बचत

मैंने कहा था कि प्रदेश में बिजली का उपभोग बढ़ाना हमारी प्राथमिकता होगी ताकि बिजली हमारे प्रदेश में रोजगार, उद्यमिता और जीवन स्तर उन्नयन का माध्यम बने। हमने ‘हाफ बिजली बिल योजना’ का वादा निभाया, जो अब अपने तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है और इसके अंतर्गत 41 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 2 हजार 500 करोड़ रुपए की बचत हो चुकी है। आज मुझे यह कहते हुए खुशी है कि हमने वर्ष 2018-19 की सर्वाधिक मांग 4 हजार 640 के मुकाबले 5 हजार 300 मेगावाट का उच्चतम स्तर छुआ है। कुशल प्रबंधन से विद्यमान बिजली घरों में उच्चतम उत्पादन हुआ और पारेषण तथा वितरण की बेहतर व्यवस्था करने में भी सफल हुए। अब छत्तीसगढ़ एक सशक्त विद्युत प्रणाली वाला राज्य बन गया है, जिससे और भी अधिक सुदृढ़ करने के लिए हमने वर्ष 2025 तक की कार्ययोजना बनाकर कार्य प्रारंभ किया है।

छत्तीसगढ़ की माटी का बढ़ा मान

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की तासीर पर हम सबको गर्व होने के अनेक कारण हैं। एक ओर स्वतंत्रता संग्राम से लेकर देश की एकता और अखण्डता की रक्षा के दौरान छत्तीसगढ़ महतारी के वीर सपूतों और सुपुत्रियों के पराक्रम के साथ ही उनकी सत्याग्रह के प्रति अटूट आस्था के दर्शन होते हैं तो वहीं दूसरी ओर वह विशाल आदिवासी अंचल भी है, जिसने भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनाया था। भगवान राम की माता कौशल्या की जन्मभूमि का प्रताप भी हमारी धरती में समाया है, इसलिए हम राम वनगमन पर्यटन परिपथ का विकास कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ महतारी का चित्र जारी कर उसे समस्त सरकारी कार्यालयों में लगाने के निर्देश दिए गए हैं। अपनी माटी का मान बढ़ाने के लिए अक्षय तृतीया के दिन ‘माटी पूजन अभियान’ की शुरूआत तथा श्रम दिवस के दिन ‘बोरे बासी’ का सम्मान लौटाने की शुरूआत की गई। हरेली, तीजा-पोरा, भक्तमाता कर्मा जयंती, छेर-छेरा पुन्नी, विश्व आदिवासी दिवस, छठ पूजा आदि को लोक पर्व के रूप में स्थापित कर, हमने छत्तीसगढ़ी स्वाभिमान को नई ऊंचाई दी है। अब राज्य स्तरीय सम्मानों की सूची में ‘देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार’ और ‘लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार’ को भी शामिल किया गया है।

’बस्तर फाइटर्स’ विशेष बल में 2 हजार 800 पदों पर भर्ती

हमें विरासत में जो नक्सलवाद की समस्या मिली थी, उसकी रोकथाम में मिल रही सफलता वास्तव में लोकतांत्रिक आस्थाओं की जीत है। इस जीत में ‘विश्वास, विकास और सुरक्षा’ की बड़ी भूमिका है। हमने विगत साढ़े तीन वर्षों में सकारात्मक कदम उठाकर पुलिस और जिले के ग्राम पिहरीद में खुले बोरवेल में

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